HomeDefence Newsश्रीलंका में बोले रक्षा मंत्री- हिंद महासागर की सुरक्षा दोनों देशों की...

श्रीलंका में बोले रक्षा मंत्री- हिंद महासागर की सुरक्षा दोनों देशों की साझा जिम्मेदारी, सुरक्षित नेविगेशन पर दिया जोर

बुधवार को कोलंबो पहुंचने के बाद राजनाथ सिंह ने बट्टरामुल्ला स्थित इंडियन पीस कीपिंग फोर्स (आईपीकेएफ) मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने उन भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍कोलंबो | 9 Sep, 2026, 6:57 PM

India-Sri Lanka Maritime Security: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में सुरक्षित समुद्री मार्ग, नौवहन की स्वतंत्रता, अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान और बिना बाधा वाला समुद्री व्यापार क्षेत्र की सुरक्षा और समृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने भारत और श्रीलंका को करीबी समुद्री साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत कर सकते हैं।

08 से 10 सितंबर तक श्रीलंका दौरे पर पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को कोलंबो स्थित रक्षा मंत्रालय में बुधवार को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस मौके पर श्रीलंका के उप रक्षा मंत्री अरुणा जयसेकरा, सेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुखों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

India-Sri Lanka Maritime Security
Raksha Mantri Rajnath Singh was accorded a ceremonial Guard of Honour during his visit to Sri Lanka. (Photo: PIB)

India-Sri Lanka Maritime Security: समुद्री सुरक्षा और आर्थिक विकास एक-दूसरे से जुड़े

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। दोनों सीधे तौर पर भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा वातावरण से जुड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका ऐसे क्षेत्र में स्थित हैं जहां समुद्री गतिविधियों का वैश्विक व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता पर बड़ा प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में दोनों देशों ने क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण और संयुक्त सैन्य अभ्यासों के जरिए अपनी क्षमताओं को मजबूत किया है। अब समय आ गया है कि समुद्री सहयोग के क्षेत्र में भारत-श्रीलंका रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाया जाए। (India-Sri Lanka Maritime Security)

‘महासागर’ विजन का किया जिक्र

राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘महासागर’ यानी म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ अक्रॉस रीजन’ विजन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ‘म्यूचुअल’ और ‘होलिस्टिक’ शब्द सहयोग, तालमेल और साझेदारी की भावना को दर्शाते हैं।

यह भी पढ़ें:  रक्षा मंत्री ने बेंगलुरु में BEL की मिसाइल इंटीग्रेशन सुविधा का किया उद्घाटन, आकाश की दो रेजिमेंट्स को दिखाई हरी झंडी

उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय हालात नई चुनौतियां पैदा कर रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों को जॉइंट प्रोटोकॉल विकसित करने, अनुभव साझा करने और नई सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए लगातार सहयोग बढ़ाने की जरूरत है। (India-Sri Lanka Maritime Security)

दोनों देशों को जोड़ता है हिंद महासागर

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और श्रीलंका सिर्फ पड़ोसी देश नहीं हैं, बल्कि साझा समुद्र से जुड़े रणनीतिक साझेदार हैं। समुद्री सुरक्षा कोई सैद्धांतिक विषय नहीं बल्कि ऐसा वास्तविक मुद्दा है जो दोनों देशों के व्यापार, सुरक्षा और भविष्य को प्रभावित करता है।

उन्होंने कहा कि श्रीलंका भारत का विश्वसनीय मित्र और महत्वपूर्ण पड़ोसी है। हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा से जुड़ी किसी भी रणनीतिक चर्चा में दोनों देशों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। मजबूत भारत-श्रीलंका समुद्री सहयोग दोनों देशों के लिए लाभकारी है। (India-Sri Lanka Maritime Security)

सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में मिली बड़ी सफलता

राजनाथ सिंह ने समुद्री सहयोग के तहत हासिल उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और श्रीलंका ने सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में मिलकर कई लोगों की जान बचाई है। इसके अलावा दोनों देश मादक पदार्थों की तस्करी रोकने, समुद्री डकैती के खिलाफ कार्रवाई और मानव तस्करी पर नियंत्रण जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें:  रक्षा मंत्री बोले- जल्द खुलेंगे 100 नए सैनिक स्कूल, युवाओं को समझाया VUCA का नया मतलब

उन्होंने कहा कि कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव के तहत दोनों देशों का सहयोग आज पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। यह मंच समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी उपायों, साइबर सुरक्षा और संगठित अपराध जैसे मुद्दों पर काम करता है। (India-Sri Lanka Maritime Security)

मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर बना उदाहरण

रक्षा मंत्री ने भारत और श्रीलंका के सहयोग से स्थापित मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर को दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता का बेहतरीन उदाहरण बताया।

उन्होंने कहा कि भारत क्षमता निर्माण, संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में श्रीलंका के साथ सहयोग जारी रखने के लिए तैयार है। इससे दोनों देशों की एजेंसियां एक-दूसरे के अनुभवों से सीख सकेंगी और संयुक्त अभियानों को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। (India-Sri Lanka Maritime Security)

रियल-टाइम मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस सिस्टम पर जोर

राजनाथ सिंह ने भविष्य की समुद्री सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए एक इंटीग्रेटेड मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस सिस्टम विकसित करने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका मिलकर ऐसा तंत्र विकसित कर सकते हैं, जो समुद्र में होने वाली गतिविधियों की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराए।

इस सिस्टम के तहत दोनों देशों की नौसेनाएं, कोस्ट गार्ड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर सकती हैं। इससे अवैध मछली पकड़ने, संदिग्ध जहाजों की निगरानी, ड्रग्स तस्करी, हथियारों की स्मगलिंग और आतंकवाद से जुड़े खतरों पर नजर रखना आसान होगा। (India-Sri Lanka Maritime Security)

मछुआरों के मुद्दों पर भी चर्चा

भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से मछुआरों से जुड़े मुद्दे चर्चा का विषय रहे हैं। इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों को आपसी सहयोग और मौजूदा कानूनों के दायरे में समाधान तलाशना चाहिए।

यह भी पढ़ें:  INS Taragiri delivery: भारतीय नौसेना को मिली प्रोजेक्ट 17ए की तीसरी स्टेल्थ फ्रिगेट, इस जहाज पर लगी हैं घातक बराक मिसाइलें

उन्होंने सुझाव दिया कि समुद्री सहयोग को केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। मत्स्य पालन, एक्वाकल्चर, समुद्री जैव प्रौद्योगिकी, समुद्री विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण और समुद्री पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी संस्थागत साझेदारी विकसित की जानी चाहिए। (India-Sri Lanka Maritime Security)

आपदा प्रबंधन में संयुक्त व्यवस्था का प्रस्ताव

रक्षा मंत्री ने समुद्री आपदाओं और प्राकृतिक संकटों से निपटने के लिए संयुक्त ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ (एचएडीआर) सिस्टम की जरूरत पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों की आपदा प्रबंधन एजेंसियां, वैज्ञानिक संस्थान और संबंधित विभाग मिलकर ऐसी व्यवस्था तैयार कर सकते हैं जिससे प्राकृतिक आपदाओं और मानव निर्मित संकटों के समय तेज और समन्वित प्रतिक्रिया दी जा सके। (India-Sri Lanka Maritime Security)

India-Sri Lanka Maritime Security
Raksha Mantri Rajnath Singh laid a wreath at the Indian Peace Keeping Force (IPKF) Memorial in Battaramulla and paid homage to the brave soldiers who made the supreme sacrifice in the line of duty. (Photo: PIB)

आईपीकेएफ स्मारक पर दी श्रद्धांजलि

बुधवार को कोलंबो पहुंचने के बाद राजनाथ सिंह ने बट्टरामुल्ला स्थित इंडियन पीस कीपिंग फोर्स (आईपीकेएफ) मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने उन भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था। (India-Sri Lanka Maritime Security)

Author

  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
News Desk
News Desk
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

Most Popular

Recent Comments