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LAC पर चीन ने तैनात किया नया खास आर्मर्ड व्हीकल, वेस्टर्न थिएटर कमांड में मीडियम कॉम्बाइंड आर्म्स ब्रिगेड को कर रहा मजबूत

चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने 11 अगस्त 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट में पुष्टि की थी कि 76वीं ग्रुप आर्मी की एक ब्रिगेड को 2025 में ZBL-19 व्हीकल मिले थे...

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📍नई दिल्ली | 5 Sep, 2026, 12:39 PM

China ZBL-19 IFV: चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने भारत से लगते पश्चिमी थिएटर कमांड में अपने नए ZBL-19 इन्फैंट्री फाइटिंग व्हीकल (IFV) की तैनाती तेज कर दी है। हाल ही में सामने आई तस्वीरों और ओपन सोर्स इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स से संकेत मिले हैं कि अब 76वीं ग्रुप आर्मी के साथ-साथ 77वीं ग्रुप आर्मी की यूनिट्स भी इस नए आर्मर्ड व्हीकल को हासिल कर रही हैं।

यह वही पश्चिमी थिएटर कमांड है, जो तिब्बत, शिनजियांग और भारत के साथ लगने वाली सीमा की जिम्मेदारी संभालता है। वहीं, इस इलाके में ZBL-19 की तैनाती चीन की तेजी से मूव करने वाली मीडियम कॉम्बाइंड आर्म्स ब्रिगेड्स को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

China ZBL-19 IFV: 77वीं ग्रुप आर्मी में भी दिखा नया IFV

हाल ही में जारी एक चीनी सैन्य तस्वीर में LX31 टैक्टिकल नंबरिंग वाला ZBL-19-T12 वर्जन दिखाई दिया। यह वाहन 77वीं ग्रुप आर्मी की 39वीं कॉम्बाइंड आर्म्स ब्रिगेड से जुड़ा माना जा रहा है।

पहले माना जा रहा था कि इस ब्रिगेड को पुराने टाइप-59 टैंक मिले हैं, लेकिन तिब्बत मिलिट्री रीजन जैसे कठिन इलाके में पुराने टैंकों की तैनाती को लेकर सवाल उठ रहे थे। वहीं, अब ZBL-19 की मौजूदगी यह संकेत देती है कि इस यूनिट को आधुनिक मीडियम ब्रिगेड के रूप में तैयार किया जा रहा है।

2025 में शुरू हुई थी तैनाती

चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने 11 अगस्त 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट में पुष्टि की थी कि 76वीं ग्रुप आर्मी की एक ब्रिगेड को 2025 में ZBL-19 व्हीकल मिले थे। माना जाता है कि यह 149वीं मीडियम कॉम्बाइंड आर्म्स ब्रिगेड थी।

उस समय गोबी रेगिस्तान में हुई ट्रेनिंग एक्सरसाइज के दौरान पहली बार बड़ी संख्या में इन व्हीकल्स को देखा गया था। (China ZBL-19 IFV)

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टाइप-08 का पूरी तरह नया अवतार

ZBL-19 को चीन के टाइप-08 व्हील्ड आर्मर्ड व्हीकल फैमिली का डीप री-डिजाइन माना जा रहा है। इसमें फायरपावर, सुरक्षा, मोबिलिटी, डिजिटल नेटवर्किंग और सैनिकों की सुविधा से जुड़े कई बड़े बदलाव किए गए हैं।

यह 8×8 व्हील कॉन्फिगरेशन वाला व्हीकल है, जिसे अलग-अलग तरह के युद्धक्षेत्रों में तेजी से ऑपरेशन के लिए बनाया गया है। चीन के सैन्य विशेषज्ञ झांग जुनशे के अनुसार यह वाहन पुराने टाइप-08 की तुलना में हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन देता है। (China ZBL-19 IFV)

पहली बार मिला अनमैन्ड टर्रेट

ZBL-19 की सबसे बड़ी खूबी इसका अनमैन्ड टर्रेट है। यानी हथियारों वाला टर्रेट सीधे चालक दल के ऊपर नहीं होता।

इससे वाहन के अंदर अधिक जगह मिलती है और चालक दल की सुरक्षा बढ़ जाती है। साथ ही ऑटोमेशन के कारण टारगेट ट्रैकिंग और वेपन ऑपरेट करना भी आसान होता है। अनमैन्ड टर्रेट की वजह से व्हीकल का प्रोफाइल भी अपेक्षाकृत कम दिखाई देता है, जिससे युद्धक्षेत्र में इसकी सर्वाइवेबिलिटी बढ़ती है। (China ZBL-19 IFV)

China ZBL-19 IFV
China ZBL-19 IFV

30 मिमी चेन गन और एंटी-टैंक मिसाइलें

ZBL-19 में नई पीढ़ी की 30 मिमी चेन गन लगाई गई है। इसकी फायरिंग रेट जरूरत के अनुसार बदली जा सकती है।

वाहन में चार एचजे-16 एंटी-टैंक मिसाइलें भी लगाई गई हैं। ये मिसाइलें लंबी दूरी पर दुश्मन के टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को निशाना बना सकती हैं।

चीनी विशेषज्ञों का दावा है कि यह सिस्टम दुश्मन के टैंक की सीधी फायरिंग रेंज के भीतर भी हमला करने में सक्षम है। (China ZBL-19 IFV)

पानी में भी चल सकता है व्हीकल

ZBL-19 को एम्फीबियस क्षमता के साथ डेवलप किया गया है। यह सड़क, पहाड़ी इलाके और पानी में भी चल सकता है।

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इसकी हाई मोबिलिटी इसे तेजी से सैनिकों और हथियारों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में सक्षम बनाती है। तिब्बत और पश्चिमी चीन के कठिन इलाकों में यह क्षमता काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सुरक्षा में भी बड़ा सुधार

पुराने टाइप-08 प्लेटफॉर्म की तुलना में ZBL-19 में सुरक्षा को काफी मजबूत किया गया है।

व्हीकल पर मोटा कम्पोजिट एड-ऑन आर्मर लगाया है। इसके अलावा इसके स्ट्रक्चर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह माइंस और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज (IED) के असर को कम कर सके।

रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें इंफ्रारेड सिग्नेचर कम करने वाली तकनीक भी शामिल है, जिससे दुश्मन के सेंसर और थर्मल सिस्टम के लिए इसे पहचानना कठिन हो सकता है। (China ZBL-19 IFV)

हाइड्रोलिक सस्पेंशन से बेहतर ऑफ-रोड प्रदर्शन

इस वाहन में हाइड्रोलिक सस्पेंशन सिस्टम लगाया गया है। इससे यह ऊबड़-खाबड़ इलाकों में भी बेहतर संतुलन बनाए रखता है।

चीन का दावा है कि इसकी ऑफ-रोड क्लाइम्बिंग क्षमता टाइप-08 से बेहतर है। यही कारण है कि इसे पहाड़ी और कठिन इलाकों में ऑपरेशन के लिए उपयुक्त माना जा रहा है। (China ZBL-19 IFV)

नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध का हिस्सा

ZBL-19 आधुनिक नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध का हिस्सा भी है। इसमें एडवांस सिचुएशनल अवेयरनेस सिस्टम, डेटा इंटीग्रेशन और डिजिटल कम्युनिकेशन क्षमताएं दी गई हैं। इससे चालक दल को आसपास की स्थिति की बेहतर जानकारी मिलती है और दूसरे मिलिट्री प्लेटफॉर्म के बीच कॉर्डिनेशन आसान होता है। (China ZBL-19 IFV)

एक चेसिस, कई वेरिएंट

चीन इस प्लेटफॉर्म को “वन चेसिस, मल्टीपल वेरिएंट” मॉडल पर डेवलप कर रहा है। एक ही बेस प्लेटफॉर्म पर कमांड, रिकॉनिसेंस, स्ट्राइक और सपोर्ट मिशनों के लिए अलग-अलग वाहन बनाए जा सकते हैं। इससे लॉजिस्टिक सपोर्ट आसान होता है और रखरखाव की लागत भी कम रहती है।

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टाइप-08 और टाइप-11 व्हील्ड असॉल्ट गन की तरह ZBL-19 परिवार में भी आने वाले समय में कई अलग-अलग संस्करण शामिल किए जा सकते हैं। (China ZBL-19 IFV)

पश्चिमी थिएटर कमांड में क्यों बढ़ रहा है महत्व

पश्चिमी थिएटर कमांड चीन का सबसे बड़ा सैन्य कमांड है। इसके जिम्मे भारत से लगने वाली सीमा, तिब्बत और शिनजियांग क्षेत्र आते हैं।

पिछले कुछ सालों में चीन ने तिब्बत क्षेत्र में सड़क और परिवहन नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया है। जी4219, जी4218, जी219, जी695 और जी94 जैसे हाईवे प्रोजेक्ट्स ने सेना की आवाजाही को आसान बनाया है।

ऐसे में हल्के लेकिन शक्तिशाली व्हील्ड आईएफवी पारंपरिक भारी ट्रैक्ड वाहनों की तुलना में अधिक तेजी से तैनात किए जा सकते हैं। इसी वजह से ZBL-19 को पश्चिमी थिएटर कमांड की नई मीडियम कॉम्बाइंड आर्म्स ब्रिगेड्स का प्रमुख प्लेटफॉर्म माना जा रहा है। (China ZBL-19 IFV)

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  • herry passport

    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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