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UNTCC Chiefs Conclave: भारतीय सेना करेगी इस बड़ी शांति बैठक की मेजबानी, 32 देशों के आर्मी चीफ और वाइस चीफ होंगे शामिल

इस सम्मेलन में 32 देश हिस्सा लेंगे, संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में योगदान देते रहे हैं। इनमें से 15 देश अपने सैन्य प्रमुखों के स्तर पर प्रतिनिधित्व करेंगे, जबकि 17 देशों के उप-प्रमुख और सात देशों के अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इसमें शामिल होंगे...

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📍नई दिल्ली | 12 Oct, 2025, 10:29 PM

UNTCC Chiefs Conclave: भारतीय सेना 14 से 16 अक्टूबर तक नई दिल्ली में यूनाइटेड नेशंस ट्रूप कंट्रीब्यूटिंग कंट्रीज (यूएनटीसीसी) चीफ्स कॉन्क्लेव की मेजबानी करेगी। इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया के 32 देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और प्रमुख शामिल होंगे, जो संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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यह आयोजन भारतीय सेना की पहल पर हो रहा है और इसे भारत की अंतरराष्ट्रीय शांति, स्थिरता और सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है। नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में वैश्विक स्तर पर सैन्य सहयोग को मजबूत करने और शांति अभियानों में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा होगी।

संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में सबसे बड़े योगदान देने वालों देशों में भारत अग्रणी रहा है। भारतीय सैनिक दशकों से दुनिया के विभिन्न हिस्सों में संयुक्त राष्ट्र के झंडे के नीचे सेवा दे रहे हैं। इस पृष्ठभूमि में, भारतीय सेना द्वारा आयोजित यह सम्मेलन न केवल भारत की सैन्य कूटनीति को मजबूती देगा बल्कि वैश्विक सहयोग को भी नई दिशा देगा।

यूएनटीसीसी चीफ्स कॉन्क्लेव का उद्देश्य शांति अभियानों के ऑपरेशन से जुड़ी चुनौतियों, नई तकनीकों, प्रशिक्षण और भविष्य की तैयारियों पर विचार-विमर्श करना है। सम्मेलन में प्रतिभागी देश अपने अनुभव साझा करेंगे और शांति अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा करेंगे।

यह सम्मेलन 14 अक्टूबर से शुरू होकर 16 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और संयुक्त राष्ट्र के अंडर-सेक्रेटरी-जेनरल फोर पीस आपरेशंस जीन-पियरे लाक्रुआ भी शामिल होंगे।

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इस दौरान विभिन्न प्लेनरी सत्रों में अलग-अलग देशों के सैन्य प्रमुख अपने अनुभव, विचार और रणनीतियां साझा करेंगे। सम्मेलन में द्विपक्षीय वार्ताएं, डिफेंस एक्जीबिशन, और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जो भारत की “वसुधैव कुटुंबकम” यानी “पूरा विश्व एक परिवार है” की भावना को प्रकट करेंगे।

मिली जानकारी के अनुसार इस सम्मेलन में 32 देश हिस्सा लेंगे, जो संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में योगदान देते रहे हैं। इनमें से 15 देश अपने सैन्य प्रमुखों के स्तर पर प्रतिनिधित्व करेंगे, जबकि 17 देशों के उप-प्रमुख और सात देशों के अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इसमें शामिल होंगे।

मुख्य स्तर पर शामिल देशों में भूटान, बुरुंडी, इथियोपिया, फिजी, फ्रांस, घाना, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, मंगोलिया, पोलैंड, श्रीलंका, तंजानिया, युगांडा, उरुग्वे और वियतनाम के सैन्य प्रमुख शामिल हैं। इसके अलावा अल्जीरिया, आर्मेनिया, बांग्लादेश, ब्राज़ील, कंबोडिया, इटली, नेपाल, केन्या, रवांडा, सेनेगल, ऑस्ट्रेलिया, मिस्र, मलेशिया, मोरक्को, नाइजीरिया, थाईलैंड और मेडागास्कर अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ स्तर पर करेंगे।

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