📍नई दिल्ली/शिलांग | 20 May, 2026, 7:45 PM
PRAGATI 2026 Exercise: भारत की मेजबानी में पहली बार आयोजित हो रहा बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास “प्रगति 2026” मेघालय के उमरोई मिलिट्री स्टेशन में शुरू हो गया है। इस बड़े सैन्य अभ्यास में हिंद महासागर क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व एशिया के 12 मित्र देशों की सेनाएं हिस्सा ले रही हैं।
इस अभ्यास में भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम की सेनाएं शामिल हो रही हैं। भारतीय सेना का कहना है कि यह अभ्यास क्षेत्रीय सहयोग, साझा सुरक्षा और आतंकवाद से मुकाबले के लिए संयुक्त तैयारी को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
PRAGATI 2026 Exercise: क्या है प्रगति का मतलब
प्रगति नाम का मतलब है “पार्टनरशिप ऑफ रीजनल आर्मीज फॉर ग्रोथ एंड ट्रांसफॉर्मेशन इन द इंडियन ओशन रीजन।” इसके तहत हिंद महासागर क्षेत्र की सेनाओं के बीच साझेदारी, विकास और बदलाव को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उमरोई मिलिट्री स्टेशन में आयोजित उद्घाटन समारोह में भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी और सभी भाग लेने वाले देशों के सैन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। इन्फैंट्री के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल सुनील श्योरान ने सभी विदेशी दलों का स्वागत करते हुए कहा कि आज की दुनिया में सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं और उनका सामना अकेले नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि आतंकवाद, सीमा पार हिंसा, समुद्री सुरक्षा, साइबर खतरे और प्राकृतिक आपदाएं ऐसे मुद्दे हैं जिनसे निपटने के लिए देशों के बीच तालमेल जरूरी है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और खुलकर विचार साझा करने की अपील की।
उमरोई को इस अभ्यास के लिए चुनने के पीछे भी रणनीतिक वजह मानी जा रही है। मेघालय और पूरा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र भारत के लिए सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उमरोई मिलिट्री स्टेशन बांग्लादेश की सीमा से लगभग 50-70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं, एलएसी से उमरोई की दूरी तकरीबन 600 किमी है।
Multinational Exercise PRAGATI 2026 begins in Meghalaya 🇮🇳🌏
The Indian Army has commenced Exercise PRAGATI 2026 at the Umroi Military Station in Meghalaya with participation from 12 friendly nations — Bhutan, Cambodia, Indonesia, Laos, Malaysia, Maldives, Myanmar, Nepal,… pic.twitter.com/Iq3BlRc1sJ— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) May 20, 2026
दो सप्ताह तक चलेगी एक्सरसाइज
यह अभ्यास करीब दो सप्ताह तक चलेगा। इसमें मुख्य रूप से अर्ध-पहाड़ी और घने जंगल वाले इलाकों में काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन पर फोकस किया जाएगा। मेघालय का इलाका ऐसे अभ्यासों के लिए काफी उपयुक्त माना जाता है क्योंकि यहां का भूगोल वास्तविक ऑपरेशनल परिस्थितियों जैसा माहौल देता है।
अभ्यास के दौरान सैनिकों को जंगल युद्ध, सर्च ऑपरेशन, हॉस्टेज रेस्क्यू, रात के मिशन, कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन और संयुक्त टैक्टिकल मूवमेंट जैसी ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा अलग-अलग देशों की सेनाएं अपनी विशेषज्ञता और अनुभव भी साझा करेंगी।
भारतीय सेना के अधिकारियों के मुताबिक इस अभ्यास का सबसे अहम हिस्सा “इंटरऑपरेबिलिटी” यानी अलग-अलग देशों की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाना है। आधुनिक युद्ध और आतंकवाद विरोधी अभियानों में कई बार अलग-अलग देशों को साथ मिलकर काम करना पड़ता है। ऐसे में कम्युनिकेशन, प्लानिंग और ऑपरेशन के दौरान समन्वय बहुत जरूरी होता है।
एक साथ बैठकर बनाएंगे ऑपरेशन की योजना
अभ्यास में जॉइंट प्लानिंग एक्सरसाइज भी शामिल की गई हैं। इसमें अलग-अलग देशों के अधिकारी एक साथ बैठकर ऑपरेशन की योजना बनाएंगे। सैनिकों को यह भी सिखाया जाएगा कि मल्टीनेशनल फोर्स के तौर पर काम करते समय इंटेलिजेंस शेयरिंग और ऑपरेशनल फैसले कैसे लिए जाते हैं।
भारतीय सेना ने इस अभ्यास में फिजिकल फिटनेस और अनुशासन पर भी खास जोर दिया है। कठिन परिस्थितियों में लंबी दूरी की मूवमेंट, जंगलों में ऑपरेशन और सीमित संसाधनों में मिशन पूरा करने जैसी ट्रेनिंग सैनिकों को दी जाएगी।
इस अभ्यास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी रहेगा। अलग-अलग देशों के सैनिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पारंपरिक खेलों और फूड फेस्टिवल में हिस्सा लेंगे। भारतीय सेना का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम सैनिकों के बीच व्यक्तिगत संबंध मजबूत करते हैं और आपसी भरोसा बढ़ाते हैं।
🎥 Watch Videos | Multinational Exercise #PRAGATI2026 begins at Umroi, Meghalaya 🇮🇳🌏
Indian Army hosts troops from 12 friendly nations for joint counter-terrorism and jungle warfare training aimed at enhancing interoperability, military cooperation and regional security.
The… https://t.co/OOj3PrNDBi pic.twitter.com/Brpb1rwR7V— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) May 20, 2026
अपने हथियारों को शोकेस करेंगी निजी डिफेंस कंपनियां
भारतीय सेना ने इस मौके पर “आत्मनिर्भर भारत” पहल के तहत विकसित स्वदेशी रक्षा उपकरणों और तकनीकों को भी शोकेस किया जाएगा। अभ्यास के दौरान फिक्की की अगुवाई में भारतीय डिफेंस कंपनियां अपने हथियार, कम्युनिकेशन सिस्टम, ड्रोन, नाइट विजन डिवाइस और दूसरे आधुनिक उपकरणों को प्रदर्शित करेंगी।
सूत्रों के मुताबिक विदेशी सैन्य दलों को भारतीय रक्षा उद्योग की बढ़ती क्षमताओं से भी परिचित कराया जाएगा। इसमें सरकारी और निजी दोनों रक्षा कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। कई देशों ने भारतीय तकनीक और रक्षा उपकरणों में रुचि दिखाई है।
सूत्रों का कहना है कि “प्रगति 2026” ऐसे समय में आयोजित हो रही है जब हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। समुद्री मार्गों की सुरक्षा, आतंकवाद, अवैध तस्करी, समुद्री डकैती और क्षेत्रीय तनाव कई देशों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
भारत पिछले कुछ सालों से “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” और “नेबरहुड फर्स्ट” नीति के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ा रहा है। इसी रणनीति के तहत भारत कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सैन्य अभ्यास आयोजित कर रहा है।
वहीं “प्रगति” अभ्यास भारत की रक्षा कूटनीति का हिस्सा है। इससे भारत और क्षेत्रीय देशों के बीच सैन्य संबंध मजबूत होंगे और साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सहयोग बढ़ेगा।
अभ्यास के अंतिम चरण में संयुक्त फील्ड ट्रेनिंग एक्सरसाइज होगी, जिसमें सभी देशों की सेनाएं मिलकर एक सिमुलेटेड मिशन पूरा करेंगी। इसमें ऑपरेशन प्लानिंग, टारगेट पहचान, इंटेलिजेंस शेयरिंग और संयुक्त कार्रवाई जैसी प्रक्रियाओं को परखा जाएगा।

