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मणिपुर में शांति के लिए पूर्व सैनिकों ने निकाला कैंडललाइट मार्च, पीड़ित परिवारों को दी आर्थिक मदद

AFESAM के सदस्यों ने एक दिन की पेंशन पीड़ित परिवारों को देने का फैसला किया। यह सहायता विशेष रूप से हवलदार चाइनाओशांग शोकवुंगनाओ (रिटायर्ड) के परिवार और त्रोंगलाओबी की घटना से प्रभावित लोगों के लिए दी जाएगी...

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📍इम्फाल | 29 Apr, 2026, 11:29 AM

Manipur Candlelight Appeal: मणिपुर में शांति और हालात सामान्य करने को लेकर पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों ने इम्फाल में कैंडललाइट का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने मणिपुर में शांति बनाए रखने की अपील की। यह कार्यक्रम शहर के ऐतिहासिक कांगला गेट के सामने हुआ, जहां आर्मेड फोर्सेस एक्स-सर्विसमेन एसोसिएशन ऑफ मणिपुर (AFESAM) के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। खराब मौसम और तेज बारिश के बावजूद लोग जुटे और सभी ने एक साथ मिलकर शांति का संदेश दिया।

Manipur Candlelight Appeal: कांगला गेट पर जली शांति की मोमबत्तियां

शाम करीब 6 बजे पूर्व सैनिकों, उनके परिजनों और वीर नारियों ने हाथों में मोमबत्तियां जलाकर शांति के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर 150 से ज्यादा पूर्व सैनिक अपने परिवारों के साथ मौजूद रहे।

कार्यक्रम का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल के हिमालय सिंह (रिटायर्ड) और ब्रिगेडियर एल इबोटोंबी सिंह (रिटायर्ड) ने किया।

इस कैंडललाइट अपील से पहले 25 अप्रैल को एक वॉलंटरी ब्लड डोनेशन कैंप भी आयोजित किया गया था। यह कैंप लांफेलपत स्थित रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में लगाया गया था। जिसका थीम “ब्लड्स यूनाइट पीपल” रखा गया था। इस पहल के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि समाज के लोग एक-दूसरे की मदद करके ही मुश्किल समय से बाहर निकल सकते हैं।

Manipur Candlelight Appeal

कार्यक्रम के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल के हिमालय सिंह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य के नागरिक हर तरह की हिंसा चाहे वह शारीरिक हमला हो, आगजनी हो या भड़काऊ बयानबाजी से दूर रहें।

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उन्होंने कहा कि लोग संयम बरतें, ताकि जान-माल का और नुकसान न हो। उन्होंने सभी समुदायों, धर्मों और भाषाओं का सम्मान करने पर भी जोर दिया और मणिपुर की एकता को बनाए रखने की बात कही।

हाल की घटनाओं पर जताई चिंता

इस दौरान पूर्व सैनिकों ने राज्य में हुई हाल की हिंसक घटनाओं पर भी चिंता जताई। इस दौरान उखरुल में एक रिटायर्ड सैनिक की हत्या और त्रोंगलाओबी गांव में दो बच्चों की मौत पर भी चर्चा हुई।

बताया गया कि ये बच्चे रात में सो रहे थे, जब यह घटना हुई, और उनके पिता उस समय बीएसएफ में ड्यूटी पर बाहर तैनात थे। इसके अलावा राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आम नागरिकों के साथ हो रहीं घटनाओं की भी निंदा की गई।

AFESAM के सदस्यों ने एक दिन की पेंशन पीड़ित परिवारों को देने का फैसला किया। यह सहायता विशेष रूप से हवलदार चाइनाओशांग शोकवुंगनाओ (रिटायर्ड) के परिवार और त्रोंगलाओबी की घटना से प्रभावित लोगों के लिए दी जाएगी।

Manipur Candlelight Appeal

वहीं, ब्रिगेडियर एल इबोटोंबी सिंह ने इस मौके पर सुरक्षा बलों से भी अपील की। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ लोगों के बीच भरोसा भी कायम करना जरूरी है।

उन्होंने सुझाव दिया कि सुरक्षा एजेंसियां सख्त कार्रवाई और सामुदायिक विश्वास दोनों के बीच संतुलन बनाकर काम करें, ताकि बातचीत के लिए अनुकूल माहौल तैयार हो सके।

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पास किया प्रस्ताव

कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों ने मिलकर सात बिंदुओं वाला एक प्रस्ताव भी पास किया। इसमें हिंसा को तुरंत रोकने, समाज में एकता बनाए रखने और सभी समुदायों के बीच भरोसा बढ़ाने की बात कही गई।

प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि राज्य में शांति के लिए सभी पक्षों के बीच बातचीत जरूरी है और इसके लिए एक साझा रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए। विस्थापित परिवारों की सुरक्षित वापसी और उनके पुनर्वास पर भी जोर दिया गया।

पूर्व सैनिकों ने इस दौरान यह स्पष्ट किया कि मणिपुर के सभी लोगों के लिए समान सामाजिक न्याय जरूरी है। उन्होंने कहा कि जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए। इसके साथ ही नफरत फैलाने वाली बातों और प्रचार का विरोध करने का संकल्प भी लिया गया।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने एक साथ शपथ लेते हुए वादा किया कि वे हर उस पहल का समर्थन करेंगे, जो आपसी विश्वास और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा देती है।

उन्होंने यह भी कहा कि मणिपुर की एकता और अखंडता को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए मिलकर काम करना जरूरी है।

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