📍नई दिल्ली | 14 Oct, 2025, 9:22 PM
EME Tech Fest 2025: भारतीय सेना की इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (EME) कोर ने इस वर्ष का ईएमई कॉर्प्स डे वीक टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन और इंडस्ट्री-अकादमिया कोलाबोरेशन के साथ मनाया। हर साल ईएमई कॉर्प डे 15 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस अवसर पर डायरेक्टर जनरल ईएमई और कर्नल कमांडेंट, कोर ऑफ ईएमई लेफ्टिनेंट जनरल राजीव के. साहनी एचक्यू बेस वर्कशॉप ग्रुप में आयोजित ईएमई टेक फेस्ट 2025 में शामिल हुए।
यह आयोजन भारतीय सेना के व्यापक आउटरीच प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में उद्योग और अकादमिक जगत के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है। इस तरह के आयोजन सेना भविष्य की तकनीकी जरूरतों को समझने और नए समाधानों के विकास में मिलकर काम करने के लिए किए जा रहे हैं।
भारतीय सेना के बेस वर्कशॉप्स को सेना की फैक्ट्रियों की तरह माना जाता है। यहां पर सेना के हथियारों, मशीनों और वाहनों की मरम्मत और देखभाल की जाती है ताकि वे हर समय इस्तेमाल के लिए तैयार रहें। अब सेना चाहती है कि ये वर्कशॉप्स नई तकनीकें अपनाएं और इंडस्ट्री 4.0 यानी आधुनिक औद्योगिक तरीकों के अनुसार काम करें। इस दिशा में इंडस्ट्री और एकेडेमिया पार्टनरशिप सेना की कार्यक्षमता को और मजबूत करेगी।
इस दिशा में सेना ने देश के उद्योगों और कॉलेजों के साथ साझेदारी करने का फैसला किया है ताकि डिफेंस सेक्टर में नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा दिया जा सके। इस आयोजन में उद्योग, अकादमिक संस्थानों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े विषय विशेषज्ञों के साथ-साथ तीनों सेनाओं के वरिष्ठ पूर्व सैनिकों ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागी एक ही मंच पर इकट्ठा हुए और सभी ने मिलकर रक्षा क्षेत्र में हो रहे बदलावों और तकनीकी जरूरतों पर चर्चा की।
कार्यक्रम में कई अहम विषयों पर बात हुई, जैसे इंडस्ट्री 4.0 और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस एंड स्टार्टअप्स, रक्षा क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस प्रोक्योरमेंट में क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को कैसे बेहतर बनाया जाए। विशेषज्ञों ने भारतीय सेना के बेस वर्कशॉप्स के लिए उपयुक्त नई उत्पादन तकनीकों और इंडिजिनाइज्ड सिस्टम्स के महत्व पर भी चर्चा की।
आयोजन के दौरान सेना और उद्योग जगत के बीच तकनीकी सामंजस्य को मजबूत करने की दिशा में ठोस पहल की गई। सेना का मानना है कि इस प्रकार के तकनीकी कार्यक्रम न केवल रक्षा तैयारी को मजबूत बनाते हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत अभियान में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव के साहनी ने कहा कि यह टेक फेस्ट भारतीय सेना के आत्मनिर्भरता के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल सेना की तकनीकी क्षमता बढ़ेगी बल्कि देश के उद्योगों और युवाओं को भी रक्षा क्षेत्र में काम करने के नए अवसर मिलेंगे। सेना का कहना है कि यह टेक फेस्ट आने वाले समय में हर साल आयोजित किया जाएगा ताकि रक्षा से जुड़ी तकनीक पर निरंतर काम हो सके और उद्योग व शिक्षा जगत के साथ तालमेल बना रहे।
ईएमई कोर भारतीय सेना का वह विभाग है, जो सेना के सभी इलेक्ट्रॉनिक, मैकेनिकल और ऑप्टिकल उपकरणों की मरम्मत और मेंटेनेंस के लिए जिम्मेदार है। कोर ऑफ ईएमई यह सुनिश्चित करती है कि हर इक्विपमेंट और हथियार हमेशा तैयार रहें।
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