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Exercise Trishul: 12 दिन तक चैन की नींद नहीं सो पाएगा पाकिस्तान, भारत ने सर क्रीक के पास शुरू की ट्राई सर्विसेज एक्सरसाइज

अभ्यास में तीनों सेनाओं की विशेष टुकड़ियां भी हिस्सा ले रही हैं, इनमें पैरा स्पेशल फोर्स, मरीन कमांडो यूनिट मार्कोस, और वायुसेना की गरुड़ कमांडो यूनिट भी शामिल हैं। ये दल थल, जल और वायु तीनों माध्यमों में एक साथ ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं...

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📍अहमदाबाद/जैसलमेर | 30 Oct, 2025, 9:36 PM

Exercise Trishul: भारत ने गुरुवार से पाकिस्तान सीमा के पास बड़े पैमाने पर ‘एक्सरसाइज त्रिशूल’ शुरु की है। 12 दिन तक चलने वाली इस जॉइंट वॉर एक्सरसाइज में भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना हिस्सा ले रहे हैं। यह एक्सरसाइज ऑपरेशन सिंदूर के छह महीने बाद आयोजित की जा रही है।

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रक्षा सूत्रों के मुताबिक, यह एक्सरसाइज 30 अक्टूबर से शुरू हो गई है, जो 12 नवंबर तक चलेगी। यह एक्सरसाइज गुजरात और राजस्थान में सटे पश्चिमी मोर्चे पर आयोजित की जा रही है। जिसमें विशेष फोकस कच्छ का इलाका है, जिसे लेकर हाल के दिनों में भारत-पाक के बीच तनाव बढ़ा है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी थी कि भारत की सीमा पर किसी भी अवैध कब्जे या उकसावे की कोशिश का जवाब “इतिहास और भूगोल बदल देने वाला” होगा। उन्होंने खासतौर पर सर क्रीक का जिक्र किया था, जो भारत और पाकिस्तान के बीच विवादित जलीय इलाका है।

सर क्रीक लगभग 96 किलोमीटर लंबा ज्वारीय मुहाना है जो गुजरात के रण ऑफ कच्छ और पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बीच स्थित है। इस इलाके में हाल के महीनों में पाकिस्तान ने बंकर, रडार सिस्टम और फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस बनाए हैं, जिन्हें भारत ने गंभीरता से लिया है।

सूत्रों ने बताया कि एक्सरसाइज त्रिशूल पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश देने के लिए आयोजित की गई है कि भारत अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन सिंदूर 2.0 शुरू कर सकता है।

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Exercise Trishul: युद्धाभ्यास में क्या होगा

भारतीय सेना ने इस अभ्यास के लिए अपने टी-90 युद्धक टैंक, ब्रहमोस मिसाइल यूनिट, और आकाश एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती की है। यही सिस्टम्स ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ इस्तेमाल हुए थे।

इसके अलावा, देश में निर्मित ‘प्रचंड’ अटैक हेलीकॉप्टर और पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर भी अभ्यास का हिस्सा हैं।

भारतीय वायुसेना ने अपने सबसे शक्तिशाली लड़ाकू विमान राफेल और सुखोई-30 को अभ्यास में शामिल किया है। इनके साथ ही सी गार्जियन और हेरॉन ड्रोन भी निगरानी और टोही मिशनों के लिए उड़ान भर रहे हैं।

भारतीय नौसेना की तरफ से कोलकाता-क्लास डेस्ट्रॉयर, निलगिरी-क्लास फ्रिगेट, और कई तेज हमले करने वाले शिप तैनात किए गए हैं। ये जहाज सौराष्ट्र तट और अरब सागर क्षेत्र में संयुक्त ऑपरेशन कर रहे हैं।

अभ्यास में तीनों सेनाओं की विशेष टुकड़ियां भी हिस्सा ले रही हैं, इनमें पैरा स्पेशल फोर्स, मरीन कमांडो यूनिट मार्कोस, और वायुसेना की गरुड़ कमांडो यूनिट भी शामिल हैं। ये दल थल, जल और वायु तीनों माध्यमों में एक साथ ऑपरेशन को अंजाम दे सकते हैं।

Exercise Trishul: पाकिस्तानी ने बंद किया एयरस्पेस

भारत के इस सैन्य अभ्यास से पाकिस्तान में खलबली मच गई है। अभ्यास शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही इस्लामाबाद ने अपने हवाई क्षेत्र के कई हिस्सों को बंद कर दिया। पाकिस्तान के सिविल एविएशन डिपार्टमेंट ने एक नोटाम (नोटिस टू एयरमेन) जारी कर देश के कई हवाई मार्गों को 48 घंटे के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। बाद में इस बैन को और बढ़ा दिया गया, जिससे पाकिस्तान के अधिकांश हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया।

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रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान ने यह कदम भारतीय अभ्यास से चिंतित होकर उठाया है। खबरों के मुताबिक, पाकिस्तानी वायुसेना और नौसेना को हाई अलर्ट पर रखा है। पाक नौसेना प्रमुख एडमिरल नवेद अशरफ ने पिछले सप्ताह सर क्रीक क्षेत्र में अपने अग्रिम ठिकानों का दौरा किया था और जवानों को “हर इंच की रक्षा करने” का आदेश दिया था।

Exercise Trishul: जॉइंट ऑपरेशन कैपेबिलिटी है मकसद

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ‘त्रिशूल’ अभ्यास का मुख्य उद्देश्य तीनों सेनाओं की जॉइंट ऑपरेशन कैपेबिलिटी, आत्मनिर्भरता और नए टेक्नोलॉजिकल इनोवेशंस को प्रदर्शित करना है। मंत्रालय के बयान के अनुसार, सदर्न कमान के सैनिक इस अभ्यास में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान सेना मरुस्थल, तटीय इलाकों और सर क्रीक इलाके में ऑफेंसिव और डिफेंसिव एक्सरसाइज करेगी। नौसेना सौराष्ट्र तट पर एंफीबियस अभियानों का अभ्यास कर रही है, जबकि वायुसेना हवाई हमलों और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध का अभ्यास कर रही है।

वहीं, वायुसेना इस अभ्यास में “महागुजराज” नामक ऑपरेशन चला रही है, जिसमें मिड-एयर रीफ्यूलिंग, एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग सिस्टम, और ड्रोन नेटवर्क इंटीग्रेशन शामिल है। सूत्रों ने बताया कि यह अभ्यास “मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस” पर फोकस है, जिसमें थल, वायु, समुद्र, साइबर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध सभी पहलू शामिल हैं।

विशेष रूप से, इस अभ्यास में इंटेलिजेंस, सर्वेलेंस एंड रिकॉनिसेंस और इलेक्ट्रोनिक वारफेयर सिस्टम की रियल टाइम जांच की जा रही है।

सर क्रीक पर बढ़ाई निगरानी

सूत्रों के अनुसार, सर क्रीक और कच्छ तटीय क्षेत्र में भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल ने निगरानी बढ़ा दी है। यह वही इलाका है जहां पाकिस्तान ने हाल में नए बंकर, एंटी-ड्रोन सिस्टम और रडार स्टेशन बनाए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 22 अक्टूबर को भुज एयरबेस पर सैनिकों से कहा था कि “सर क्रीक में पाकिस्तान की किसी भी हरकत का जवाब भारत मुंहतोड़ तरीके से देगा।”

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    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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