📍नई दिल्ली | 3 Nov, 2025, 12:08 PM
Pakistan Navy Chief Dhaka Visit: पाकिस्तानी सेना के जनरल साहिर शमशाद मिर्जा के बाद अब पाकिस्तानी नौसेना प्रमुख एडमिरल नवेद अशरफ 8 नवंबर से चार दिनों के लिए बांग्लादेश की राजधानी ढाका का दौरा करने जा रहे हैं। जहां वे बांग्लादेश आर्मी चीफ जनरल वाकर-उज-जमान, नेवी चीफ एडमिरल मोहम्मद नाजमुल हसन, और एयर फोर्स चीफ एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान से मिलेंगे।
यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब पाकिस्तान के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी के चेयरमैन जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने हाल ही में ढाका में बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि एडमिरल अशरफ का यह दौरा पाकिस्तान और बांग्लादेश नेवी के बीच जॉइंट एक्सरसाइज को लेकर किया जा रहा है।
इस दौरे के दौरान यह भी संभावना है कि पाकिस्तान नौसेना एक युद्धपोत को बंगाल की खाड़ी में भेज सकती है। यह 1971 के बाद पहली बार होगा जब कोई पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज बंगाल की खाड़ी में दिखाई देगा।
Pakistan Navy Chief Dhaka Visit: लगातार हो रही हैं मुलाकातें
पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच सैन्य संबंधों में तेजी आई है। अगस्त 2025 में पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री भी ढाका दौरे पर गए थे। वहीं फरवरी 2025 में बांग्लादेश नौसेना प्रमुख ने पाकिस्तान का दौरा किया था, जहां अमन-2025 नेवल एक्सरसाइज को लेकर बात हुई थी।
इन मुलाकातों से यह संकेत मिल रहे हैं कि दोनों देशों के बीच संबंध अब केवल कूटनीति तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि रक्षा और सुरक्षा के स्तर पर भी गहरा रहे हैं। इसके अलावा दोनों देशों के अधिकारी और सेना के प्रतिनिधि जॉइंट ट्रेनिंग प्रोग्राम और रणनीतिक चर्चाओं में भी हिस्सा ले रहे हैं।
1971 के युद्ध की पृष्ठभूमि के बावजूद रिश्तों में नया मोड़
1971 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) ने मुक्ति बाहिनी के नेतृत्व में स्वतंत्रता प्राप्त की थी। उस युद्ध में भारतीय सेनाओं ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता में अहम भूमिका निभाई थी और 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना और मुक्ति बाहिनी के सामने आत्मसमर्पण किया था।
आज, 54 वर्षों बाद, वही बांग्लादेश अब पाकिस्तान के साथ सैन्य सहयोग बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव बांग्लादेश में शेख हसीना के राजनीतिक सत्ता परिवर्तन और नई विदेश नीति के झुकाव का परिणाम है।
ढाका और रावलपिंडी में एक-दूसरे के प्रतिनिधि
दिलचस्प बात यह है कि जब एडमिरल नवेद अशरफ ढाका में होंगे, उसी समय बांग्लादेश सेना का एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के रावलपिंडी में होगा। यह प्रतिनिधिमंडल पहली बार आयोजित होने वाली आर्मी स्टाफ टॉक्स में हिस्सा लेगा।
इसके अलावा, दोनों देशों की सेनाएं 2026 में पहली जॉइंट मिलिट्री एक्सरसाइज आयोजित करने की तैयारी में हैं।
बांग्लादेश और पाकिस्तान की नजदीकी पर भारत की नजर
भारत की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह दौरा भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर डाल सकता है, खासकर जब दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा और आतंकवाद पर सहयोग की अहम भूमिका है।
कुछ भारतीय विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान अब दक्षिण एशिया में नई कूटनीतिक रणनीति अपना रहा है, जिसमें बांग्लादेश को केंद्र में रखकर भारत की सीमाओं के इर्द-गिर्द प्रभाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि भारत ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में इसे “सिक्योरिटी अलर्ट” और “डिप्लोमैटिक टेंशन” के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं इस दौरे से यह भी संकेत मिल रहे कि दक्षिण एशिया में सैन्य समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। जहां पहले पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच दशकों तक कोई सैन्य संपर्क नहीं था, वहीं अब दोनों देशों की सेनाओं के बीच बार-बार मुलाकातें और संयुक्त योजनाएं बढ़ रही हैं।
यह सब ऐसे समय पर हो रहा है जब भारत, अमेरिका और जापान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को मजबूत कर रहे हैं और चीन भी क्षेत्र में अपनी नौसैनिक उपस्थिति बढ़ा रहा है।
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