📍नई दिल्ली | 18 Apr, 2026, 3:27 PM
Undersea Monitoring Device Bali Lombok: इंडोनेशिया के बाली और लोम्बोक के बीच समुद्र में एक बड़ा और टॉरपीडो जैसा दिखने वाला डिवाइस मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। यह डिवाइस एक मछुआरे को गिली ट्रावांगन द्वीप के पास समुद्र में मिला था। इसके बाद इंडोनेशियाई नौसेना ने इसे अपने कब्जे में लेकर लोम्बोक के मातरम नेवल बेस पर जांच के लिए भेज दिया।
नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि इस डिवाइस की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह कहां से आया, इसका इस्तेमाल किस लिए किया जा रहा था और इसमें किस तरह का डेटा स्टोर है।
Undersea Monitoring Device Bali Lombok: क्या है यह डिवाइस
यह डिवाइस एक अंडरसी मॉनिटरिंग सिस्टम है, जिसे समुद्र के अंदर निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसकी लंबाई करीब 3.7 मीटर बताई गई है और इसका आकार टॉरपीडो जैसा है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह एक “डीप-सी रियल टाइम ट्रांसमिशन मूरिंग सिस्टम” हो सकता है। इसे समुद्र की तलहटी में एंकर के जरिए बांध दिया जाता है और यह ऊपर लगे कम्युनिकेशन बॉय के माध्यम से डेटा भेजता है।
इस सिस्टम में कई तरह के सेंसर लगे होते हैं, जो समुद्र के अंदर की गतिविधियों पर नजर रखते हैं। इसमें तापमान, गहराई, समुद्री धारा और आसपास चल रहे जहाजों या सबमरीन की आवाज जैसी जानकारी रिकॉर्ड करने की क्षमता होती है।
कैसे काम करता है यह सिस्टम
यह डिवाइस समुद्र के नीचे एक जगह स्थिर होकर काम करती है। इसमें लगे सेंसर लगातार डेटा इकट्ठा करते रहते हैं। जहां से यह जानकारी ऊपर मौजूद एक बॉय तक भेजी जाती है, जहां से इसे आगे ट्रांसमिट किया जाता है।
इस तरह का सिस्टम समुद्र के बड़े इलाके की निगरानी करने में मदद करता है। खास तौर पर यह पता लगाने में कि समुद्र के अंदर कौन सी गतिविधि हो रही है और कौन से जहाज या पनडुब्बियां उस इलाके से गुजर रही हैं।
क्यों अहम है लोम्बोक स्ट्रेट
जहां यह डिवाइस मिला है, वह इलाका रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जाता है। लोम्बोक स्ट्रेट हिंद महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाला एक प्रमुख समुद्री रास्ता है।
यह रास्ता उन बड़े जहाजों के लिए इस्तेमाल होता है, जो मलक्का स्ट्रेट से नहीं गुजर पाते। ऐसे में यह इलाका व्यापार और सैन्य दोनों नजरियों से महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के रास्तों पर निगरानी रखने से किसी भी देश को समुद्री गतिविधियों की बेहतर जानकारी मिल सकती है। (Undersea Monitoring Device Bali Lombok)
क्या हो सकता है इसका इस्तेमाल
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह के सिस्टम का इस्तेमाल दो तरह से हो सकता है। एक तरफ यह समुद्री रिसर्च और वैज्ञानिक अध्ययन के लिए उपयोगी होता है, वहीं दूसरी तरफ इसका इस्तेमाल सैन्य निगरानी के लिए भी किया जा सकता है।
इसमें लगे एकॉस्टिक सेंसर समुद्र के अंदर चल रही पनडुब्बियों की आवाज को पकड़ सकते हैं। हालांकि इस डेटा को समझने के लिए इसे किसी कंट्रोल स्टेशन तक भेजना जरूरी होता है।
इसी वजह से इसे “ड्यूल यूज” तकनीक कहा जाता है, यानी इसका इस्तेमाल सिविल और मिलिट्री दोनों कामों के लिए किया जा सकता है। (Undersea Monitoring Device Bali Lombok)
क्या कहना है चीन का
इस पूरे मामले पर चीन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इसमें ज्यादा संदेह या चिंता की जरूरत नहीं है। चीन के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि समुद्री रिसर्च के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरण कई बार तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से दूसरे देशों के समुद्री क्षेत्र में पहुंच जाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत समुद्री शोध गतिविधियां करता है। (Undersea Monitoring Device Bali Lombok)
पहले भी मिल चुके हैं ऐसे उपकरण
बताया जा रहा है कि इंडोनेशिया के मछुआरों को पहले भी समुद्र में ऐसे अंडरवॉटर ड्रोन मिल चुके हैं। हालांकि इस बार जो डिवाइस मिला है, वह थोड़ा अलग है क्योंकि यह एक जगह स्थिर रहने वाला सिस्टम बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहली बार है जब इस तरह का मूरिंग सिस्टम इस क्षेत्र में सामने आया है।
इस डिवाइस को लेकर यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के तहत वैध था या नहीं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसे किस उद्देश्य से लगाया गया था और क्या इसे किसी देश की अनुमति से तैनात किया गया था। (Undersea Monitoring Device Bali Lombok)
लोम्बोक स्ट्रेट इंडोनेशिया के समुद्री क्षेत्र का हिस्सा है, जहां से अंतरराष्ट्रीय जहाजों को गुजरने की अनुमति होती है। लेकिन इस तरह के उपकरण की तैनाती को लेकर नियम स्पष्ट नहीं हैं।
इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय ने इस मामले में फिलहाल सावधानी बरतते हुए कहा है कि जांच पूरी होने से पहले कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि पहले तकनीकी जांच की जाएगी और उसके बाद ही कोई आधिकारिक बयान दिया जाएगा।
साथ ही, देश ने अपने समुद्री इलाकों में निगरानी बढ़ाने की बात भी कही है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर नजर रखी जा सके। (Undersea Monitoring Device Bali Lombok)



