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Exercise Harimau Shakti 2025: महाजन में भारत–मलेशिया ने बताया ‘हम साथ-साथ’, खत्म हुआ “बाघ की ताकत” सैन्य अभ्यास

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📍बीकानेर | 19 Dec, 2025, 8:17 PM

Exercise Harimau Shakti 2025: राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और मलेशिया की सेनाओं के बीच चल रहा ‘हरिमाउ शक्ति-2025’ अभ्यास आज खत्म हो गया। यह इस अभ्यास का पांचवां संस्करण था। दो हफ्ते चले इस अभ्यास ने दोनों देशों के बीच भरोसा और साझेदारी को और मजबूत किया। आज पूरी दुनिया में जब सुरक्षा के समीकरण बदल रहे हैं ऐसे में भारत और मलेशिया की ये साझीदारी काफी अहम हो जाती है।

ये सैन्य अभ्यास 5 दिसंबर से 18 दिसंबर तक चला। इस अभ्यास में में भारतीय सेना की डोगरा रेजिमेंट के 120 जवानों ने हिस्सा लिया। वहीं मलेशियाई सेना की 25वीं बटालियन के 70 जवान इस अभ्यास में शामिल हुए। महाजन की रेगिस्तानी इलाके में इन सैनिकों ने लगभग असली जंग जैसी स्थितियों में खुद को आजमाया।

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हरिमाउ शब्द मलेशिया से लिया गया है। मलेशिया में मलय भाषा बोली जाती है, जिसमें हरिमाउ को अर्थ है बाघ। वहीं शक्ति हिंदी और संस्कृत का शब्द है, जिसका मतलब ताकत या पावर होता है। दोनों को मिला कर लिखा जाए तो इसका अर्थ होता है बाघ की ताकत। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाना, आतंकवाद विरोधी कार्रवाई, जंगल युद्ध और संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत ट्रेनिंग करना है। हरिमाउ शक्ति अभ्यास की शुरुआत साल 2012 में हुई थी और यह बारी-बारी से भारत और मलेशिया में आयोजित होता है।

‘हरिमाउ शक्ति-2025’ अभ्यास का मकसद संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के अध्याय सात के तहत अनकन्वेंशनल ऑपरेशंस की तैयारी करना था। इसमें आतंकवाद, उग्रवाद और असिमेट्रिक वारफेयर जैसी आज की चुनौतियों पर खास ध्यान दिया गया। साथ ही, कानूनी प्रक्रिया, नियम और मानवीय पहलुओं को भी अभ्यास में शामिल किया गया, ताकि अगर कभी संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में साथ जाना पड़े, तो दोनों सेनाएं पूरी तरह तैयार रहें।

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अभ्यास के दौरान भारतीय और मलेशियाई सैनिकों ने मिलकर कई जॉइंट टैक्टिकल ड्रिल्स भी कीं। इनमें जॉइंट पेट्रोलिंग, इलाके पर कंट्रोल, तलाशी अभियान और टारगेट को निष्क्रिय करना जैसे टाास्क शामिल थे। इस सबका फायदा ये हुआ कि दोनों सेनाओं का आपसी तालमेल और रियल टाइम में साथ काम करने की क्षमता में बढ़ोतरी हुई।

वहीं अभ्यास के दौरान शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में आतंकवाद से निपटने के लिए भी खास ट्रेनिंग दी गई। इसमें इमारतों की तलाशी, संकरी गलियों में मूवमेंट, आम नागरिकों की सुरक्षा और सटीक ऑपरेशन जैसी टास्क शामिल थे। इससे जवानों को मुश्किल हालात में सही फैसला लेने का नया अवसर मिला।

‘हरिमाउ शक्ति-2025’ का एक बड़ा आकर्षण था एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्लिथरिंग ड्रिल और हेलीबोर्न ऑपरेशंस। आपातकालीन हालात में लो-होवर जंप और सैनिकों की तुरंत तैनाती की गई। साथ ही घात लगाकर हमला, कमांड पोस्ट एक्सरसाइज और लाइव फायरिंग के जरिए नेतृत्व, योजना और आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल का भी अभ्यास हुआ।

वहीं, अभ्यास में केवल लड़ाई के हुनर ही नहीं, सैनिकों की शारीरिक और मानसिक फिटनेस का भी ध्यान रखा गया। आर्मी मार्शल आर्ट्स, कॉम्बैट रिफ्लेक्स शूटिंग, योग और फिटनेस की एक्टिविटीज को इसमें शामिल किया गया। इससे यह संदेश गया कि आज की जंग में ताकत के साथ दिमागी संतुलन भी उतना ही जरूरी है।

इस दौरान दोनों देशों के सैनिकों के बीच खेल प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इससे आपसी समझ और दोस्ती और गहरी हुई। एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और तौर-तरीकों को करीब से जानने का मौका भी मिला।

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भारतीय सेना ने साफ कहा कि ‘हरिमाउ शक्ति-2025’ भारत और मलेशिया के गहरे रक्षा सहयोग का बढ़िया उदाहरण है। इस अभ्यास ने दिखा दिया कि दोनों देश न सिर्फ अपने रिश्ते मजबूत कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्रीय शांति और वैश्विक सुरक्षा की जिम्मेदारी भी साथ उठाने को तैयार हैं।

Author

  • साहिल पठान

    साहिल पठान एक अनुभवी राष्ट्रीय मामलों के पत्रकार हैं, जो रक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य रणनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर लिखते हैं। साहिल ने डीडी न्यूज, बीबीसी, न्यूज 24, भारत एक्सप्रेस और टी.ऐ.ऍन्‌. नेटवर्क जैसे कई बड़े मीडिया संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण खबरें और विशेष रिपोर्टें की हैं। वह अक्सर सीमावर्ती इलाकों और सैन्य क्षेत्रों से रिपोर्टिंग करते हैं, जहां वे भारत के रणनीतिक हितों से जुड़े मुद्दों को स्पष्टता, जिम्मेदारी और तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

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साहिल पठान एक अनुभवी राष्ट्रीय मामलों के पत्रकार हैं, जो रक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य रणनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर लिखते हैं। साहिल ने डीडी न्यूज, बीबीसी, न्यूज 24, भारत एक्सप्रेस और टी.ऐ.ऍन्‌. नेटवर्क जैसे कई बड़े मीडिया संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण खबरें और विशेष रिपोर्टें की हैं। वह अक्सर सीमावर्ती इलाकों और सैन्य क्षेत्रों से रिपोर्टिंग करते हैं, जहां वे भारत के रणनीतिक हितों से जुड़े मुद्दों को स्पष्टता, जिम्मेदारी और तथ्यों के साथ प्रस्तुत करते हैं।

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