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Indian Air Force HADR: श्रीलंका में फंसे पाकिस्तानी नागरिक समेत 45 लोगों को IAF ने किया रेस्क्यू, 400 से अधिक भारतीयों की सुरक्षित वापसी

कोटमाले से 45 लोगों को हेलीकॉप्टरों द्वारा कोलंबो पहुंचाया गया, जिनमें 6 गंभीर रूप से घायल, 4 छोटे बच्चे और कई विदेशी नागरिक शामिल थे...

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📍नई दिल्ली | 30 Nov, 2025, 8:44 PM

Indian Air Force HADR: श्रीलंका में साइक्लोन दित्वाह और भारी बारिश से आए भीषण लैंडस्लाइड के बाद हालात गंभीर हो गए हैं। कई इलाके पूरी तरह सड़क संपर्क से कट गए हैं। प्रभावित इलाकों में इंडियन एयर फोर्स ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत एक बड़ा मानवीय राहत अभियान (HADR) शुरू किया है। इस अभियान में भारतीय वायुसेना ने पहले ही दिन न सिर्फ भारतीय नागरिकों को बल्कि पाकिस्तान के एक नागरिक समेत 45 से अधिक विदेशी नागरिकों को भी सुरक्षित निकाला जा चुका है।

श्रीलंका के कोटमाले क्षेत्र में भारी भूस्खलन के बाद सड़कें बह गईं और क्षेत्र पूरी तरह अलग-थलग पड़ गया। ऐसे में वायुसेना के एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टरों ने दिनभर लगातार उड़ानें भरकर फंसे लोगों को निकालकर कोलंबो पहुंचाया गया।

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कोटमाले से 45 लोगों को हेलीकॉप्टरों द्वारा कोलंबो पहुंचाया गया, जिनमें 6 गंभीर रूप से घायल, 4 छोटे बच्चे और कई विदेशी नागरिक शामिल थे। इन नागरिकों में 12 भारतीय थे, जबकि अन्य में जर्मनी, साउथ अफ्रीका, स्लोवेनिया, ब्रिटेन, पोलैंड, बेलारूस, ईरान, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित कई देशों के निवासी थे। इसके अलावा, कई श्रीलंकाई नागरिक भी शामिल थे।

इसके अलावा भारतीय वायुसेना ने भिष्म कैप्सूल और एक मेडिकल टीम को भी श्रीलंका भेजा। साथ ही 400 से अधिक भारतीय नागरिकों को रात 8 बजे तक सुरक्षित भारत वापस लाया गया। वायुसेना के ट्रांसपोर्ट विमान पूरे समय सक्रिय रहे और देर रात तक कई और उड़ानों की योजना बनाई गई है, ताकि सभी फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।

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इस राहत कार्य में वायुसेना के एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कई यात्री ऐसे जगह फंसे थे जहां हेलीकॉप्टर उतर नहीं सकता था। मुश्किल हालात के बीच ऊंचे इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए पहले एक गरुड़ कमांडो को उतारा गया, जिसने उन्हें पैदल चलते हुए एक सुरक्षित हेलीपैड तक पहुंचाया। जिसके बाद वहां से सभी 24 लोगों को एयरलिफ्ट कर कोलंबो लाया गया।

वायुसेना ने अलग से एक मिशन चलाकर 3 गंभीर घायल लोगों को भी तुरंत कोलंबो के अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। इसके अलावा राहत ऑपरेशन को और मजबूती से चलाने के लिए भारतीय वायुसेना ने श्रीलंकाई सेना के 57 सैनिकों को हेलीकॉप्टरों के जरिये लैंडस्लाइड क्षेत्र में एयरलिफ्ट किया। ये टीमें राहत और रास्ते साफ करने में स्थानीय प्रशासन की मदद कर रही हैं।

वहीँ, तमिलनाडु में राहत सामग्री और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) दल पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के ट्रांसपोर्ट विमानों ने भी उड़ान भरी। सूत्रों के अनुसार, पुणे से एक सी-17 विमान चेन्नई भेजा गया जिसमें भारी उपकरण और राहत सामग्रियां थीं।

भारतीय वायुसेना का कहना है कि इन विमानों ने अब तक कुल 27 टन राहत सामग्री श्रीलंका पहुंचाई है। इसमें मेडिकल किट, आपदा राहत उपकरण, पोर्टेबल हॉस्पिटल “भिष्म क्यूब” और अन्य जरूरी सामान शामिल था।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि भारत हमेशा अपने समुद्री पड़ोसी के साथ खड़ा है। विदेश मामलों के मंत्रालय और एनडीआरएफ की स्थानीय टीमों ने मिलकर राहत अभियान को दिशा दी। इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन सागर बंधु रखा गया है, जिसमें भारत ने “पड़ोसी प्रथम” नीति के अनुरूप तुरंत कदम उठाए। राहत, रेस्क्यू और पुनर्स्थापना कार्य तेजी से जारी है।

राहत एवं रेस्क्यू अभियान में वायुसेना के साथ-साथ श्रीलंकाई नौसेना, सेना, व अन्य अग्निशमन व राहत एजेंसियां भी जुटी हुई हैं। प्रभावित नागरिकों में बच्चों, बुजुर्गों और घायल शामिल हैं, जिन्हें प्राथमिक चिकित्सा के बाद सुरक्षित कोलंबो या भारत भेजा गया।

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