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SPARSH Fake WhatsApp Messages: स्पर्श ने वेटरन पेंशनरों के लिए जारी की चेतावनी, व्हाट्सएप पर फर्जी संदेशों से रहें सतर्क, नहीं तो हो सकता है बड़ा नुकसान

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📍नई दिल्ली | 14 Nov, 2024, 4:23 PM

SPARSH Fake WhatsApp Messages: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक फर्जी संदेश फैल रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि SPARSH (सशस्त्र बलों के पेंशनर्स के लिए सेवा पोर्टल) से संबंधित समस्याओं का समाधान अब व्हाट्सएप के जरिए किया जा सकता है। यह संदेश पेंशनर्स को गुमराह कर रहा है और उनसे व्यक्तिगत जानकारी जैसे पेंशन, OROP (वन रैंक, वन पेंशन) या अन्य संवेदनशील जानकारी प्राप्त करने की कोशिश कर रहा है।

SPARSH Issues Important Warning: Beware of Fake WhatsApp Messages, Do Not Share Personal Information

इस संदर्भ में SPARSH ने एक स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि व्हाट्सएप पर कोई भी आधिकारिक पेंशन सेवा नहीं दी जाती है और न ही SPARSH के किसी भी मामले को हल करने के लिए कोई व्हाट्सएप नंबर अधिकृत किया गया है। इस फर्जी मैसेज का मुख्य उद्देश्य पेंशनर्स की निजी जानकारी चुराना और उन्हें धोखा देना है।

SPARSH की चेतावनी

SPARSH ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि कुछ अपरिचित और धोखेबाज लोग व्हाट्सएप पर फर्जी संदेश भेजकर पेंशनर्स से उनकी व्यक्तिगत जानकारी मांग रहे हैं। यह जानकारी लेकर वे पेंशनर्स के खातों से पैसे निकाल सकते हैं। SPARSH ने सभी पेंशनर्स से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत व्हाट्सएप नंबर से संदेशों पर भरोसा न करें और अपनी संवेदनशील जानकारी जैसे बैंक अकाउंट विवरण, पेंशन विवरण या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज़ न भेजें।

SPARSH Fake WhatsApp Messages

 

फर्जी संदेशों से सतर्क रहें

इस फर्जी संदेश में यह दावा किया जाता है कि SPARSH द्वारा अब व्हाट्सएप के जरिए पेंशनर्स की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। संदेश में कहा गया है कि पेंशनर्स अपने मुद्दों को जल्द हल करने के लिए व्हाट्सएप पर एक विशेष नंबर पर संपर्क करें। इसके बाद पेंशनर्स से उनकी पेंशन संबंधी जानकारी, बैंक डिटेल्स और अन्य निजी जानकारी मांगी जाती है।

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SPARSH ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह व्हाट्सएप या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पेंशन से संबंधित कोई सेवा प्रदान नहीं करता। इसके साथ ही, इसने एक बार फिर यह दोहराया कि पेंशनर्स को अपनी व्यक्तिगत जानकारी केवल SPARSH के अधिकृत सेवा केंद्रों और आधिकारिक पोर्टल पर ही साझा करनी चाहिए।

SPARSH Fake WhatsApp Messages

क्यों हो सकती है धोखाधड़ी?

इस तरह की धोखाधड़ी से पेंशनर्स को न सिर्फ आर्थिक नुकसान हो सकता है, बल्कि उनके व्यक्तिगत विवरण भी गलत हाथों में जा सकते हैं। अपराधी इस जानकारी का इस्तेमाल करके पेंशनर्स के खातों से पैसे निकाल सकते हैं या अन्य धोखाधड़ी कर सकते हैं। इसके अलावा, फर्जी संदेशों का मुख्य उद्देश्य पेंशनर्स की जानकारी चुराना और उनकी सुरक्षा को खतरे में डालना है।

SPARSH ने पेंशनर्स से अपील की है कि वे ऐसे फर्जी संदेशों का तुरंत खंडन करें और इनका जवाब न दें। इसके अलावा, यदि कोई पेंशनर इस प्रकार के फर्जी संदेशों का सामना करता है, तो वह तत्काल SPARSH के आधिकारिक संपर्क नंबरों पर सूचना दे सकता है।

सुरक्षा के उपाय

SPARSH ने पेंशनर्स को सलाह दी है कि वे केवल अधिकृत वेबसाइट या अधिकृत सेवा केंद्रों के माध्यम से ही अपनी पेंशन संबंधी जानकारी प्राप्त करें। किसी भी अनजान नंबर से संपर्क करने से बचें और फर्जी संदेशों का तुरंत खंडन करें।

यदि आपको किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल का सामना होता है, तो तुरंत अपने नजदीकी SPARSH सेवा केंद्र से संपर्क करें।

SPARSH का उद्देश्य है कि सभी पेंशनर्स को सुरक्षित और सहज सेवाएं प्रदान की जाएं, और ऐसी किसी भी धोखाधड़ी से बचने के लिए सभी पेंशनर्स को जागरूक किया जाए।

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आधिकारिक संपर्क सूत्र

SPARSH ने पेंशनर्स से अपील की है कि वे हमेशा आधिकारिक SPARSH पोर्टल पर जाकर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करें। इसके लिए SPARSH के अधिकृत हेल्पलाइन नंबर और वेबसाइट का उपयोग करें। SPARSH का अधिकृत पोर्टल (https://www.sparsh.in) है, जहां पेंशनर्स अपनी समस्याओं को दर्ज कर सकते हैं और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

SPARSH ने इस बात की पुष्टि की है कि भविष्य में व्हाट्सएप या किसी अन्य अनधिकृत प्लेटफॉर्म पर पेंशन से संबंधित कोई जानकारी साझा नहीं की जाएगी। इसलिए सभी पेंशनर्स को अपनी जानकारी की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि से बचना चाहिए।

फर्जी संदेशों से बचने और अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि हम हमेशा आधिकारिक चैनल का ही उपयोग करें। किसी भी अनधिकृत और संदिग्ध लिंक या व्हाट्सएप नंबर से दूरी बनाकर रखें। SPARSH और अन्य सरकारी सेवा केंद्रों द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं के बारे में सही जानकारी के लिए हमेशा आधिकारिक पोर्टल पर ही जाएं।

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    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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