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कारगिल से रक्षा मंत्री की पाकिस्तान को दो टूक, बोले- हर चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं भारतीय सेनाएं

रक्षा मंत्री ने सैनिकों से बातचीत के दौरान कहा कि जब तक भारतीय सैनिकों का देशभक्ति का जज्बा और संकल्प अटूट रहेगा, तब तक कोई भी भारत की ओर बुरी नजर डालने का साहस नहीं कर सकता...

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📍द्रास, कारगिल | 26 Jul, 2026, 12:03 AM

Kargil Vijay Diwas 2026: 27वें कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की सुरक्षा के सामने चुनौतियां आज भी बनी हुई हैं, लेकिन भारतीय सेनाएं हर स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि दुश्मन की नीयत में कोई बदलाव नहीं आया है। वह आज भी प्रॉक्सी वॉर, घुसपैठ और अन्य नापाक तरीकों का सहारा ले रहा है, लेकिन भारतीय सेनाओं का साहस, प्रशिक्षण और आधुनिक सैन्य क्षमता हर चुनौती का जवाब देने में सक्षम है।

द्रास में आयोजित कारगिल विजय दिवस समारोह में रक्षा मंत्री ने 1999 के कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने जिस साहस, दृढ़ संकल्प और देशभक्ति का परिचय दिया था, वह आज भी पूरे देश और सेना के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

Kargil Vijay Diwas 2026
Rajnath Singh Says Indian Defence Forces Are Fully Prepared to Face Any Challenge on Kargil Vijay Diwas 2026 (Image: PIB)

Kargil Vijay Diwas 2026: भारतीय सैनिकों की वजह से देश सुरक्षित

रक्षा मंत्री ने सैनिकों से बातचीत के दौरान कहा कि जब तक भारतीय सैनिकों का देशभक्ति का जज्बा और संकल्प अटूट रहेगा, तब तक कोई भी भारत की ओर बुरी नजर डालने का साहस नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक अपने सपनों को इसलिए निडर होकर पूरा कर पाता है क्योंकि सीमाओं पर सैनिक पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

उन्होंने सैनिकों के साथ आयोजित ‘बड़ाखाना’ कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया और कहा कि कारगिल विजय पर गर्व करना स्वाभाविक है, लेकिन यह भी याद रखना जरूरी है कि देश के सामने सुरक्षा चुनौतियां अभी समाप्त नहीं हुई हैं।

सेना के आधुनिकीकरण पर सरकार का जोर

रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार सैनिकों के कल्याण के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र के आधुनिकीकरण पर लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सेना को विश्वस्तरीय हथियार, आधुनिक सैन्य उपकरण और बेहतर प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसी भी परिस्थिति में भारतीय सेनाओं की क्षमता मजबूत बनी रहे।

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उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेनाओं ने नई तकनीकों को तेजी से अपनाया है। आधुनिक युद्ध में ड्रोन, रोबोटिक सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक और एडवांस सर्विलांस सिस्टम की भूमिका लगातार बढ़ रही है। भारतीय सेनाएं इन नई तकनीकों को अपने अभियानों में शामिल कर रही हैं।

Kargil Vijay Diwas 2026
Rajnath Singh Says Indian Defence Forces Are Fully Prepared to Face Any Challenge on Kargil Vijay Diwas 2026 (Image: PIB)

आत्मनिर्भर भारत से बढ़ी रक्षा क्षमता

राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। देश में रक्षा उपकरणों के स्वदेशी निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उनका कहना था कि भारत जिस गति से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है, उससे भारतीय सेनाओं की क्षमता लगातार मजबूत हो रही है।

उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों की वीरता केवल देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में सम्मान के साथ देखी जाती है।

शौर्य भोज में दिखी आधुनिक सैन्य तकनीक

कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर द्रास स्थित विश्वनाथन स्टेडियम में आयोजित ‘शौर्य भोज’ कार्यक्रम में आधुनिक सैन्य तकनीकों का भी प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम में सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ड्रोन, रोबोटिक म्यूल और आर्मी मार्शल आर्ट्स रूटीन का प्रदर्शन किया गया। रोबोटिक म्यूल ऐसे ऑटोमैटेड प्लेटफॉर्म हैं जो दुर्गम पहाड़ी इलाकों में सैनिकों का सामान, हथियार और अन्य आवश्यक सामग्री ढोने में मदद करते हैं। वहीं ड्रोन आधुनिक युद्ध में निगरानी, टोही और वास्तविक समय में जानकारी जुटाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कार्यक्रम में लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली प्रस्तुतियां भी हुईं। इसके बाद रक्षा मंत्री ने लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, शौर्य पुरस्कार विजेताओं और शहीदों के परिजनों के साथ शौर्य भोज में हिस्सा लिया।

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शौर्य संध्या में दी वीरों को श्रद्धांजलि

इससे पहले कारगिल युद्ध स्मारक पर आयोजित ‘शौर्य संध्या’ कार्यक्रम में देशभक्ति से जुड़े संगीत के बीच ऑपरेशन विजय के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई।

समारोह में कारगिल युद्ध के 10 शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान केवल सैनिकों के साहस का नहीं, बल्कि उनके परिवारों के धैर्य, त्याग और योगदान का भी प्रतीक था।

कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री को ‘वीरों की मिट्टी’ से भरा एक कलश भी भेंट किया गया। इसके बाद विभिन्न धर्मों के धार्मिक गुरुओं ने सर्वधर्म प्रार्थना की। ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह और राष्ट्रगान के बाद रक्षा मंत्री ने युद्ध स्मारक पर दीप प्रज्वलित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

Kargil Vijay Diwas 2026
Rajnath Singh Says Indian Defence Forces Are Fully Prepared to Face Any Challenge on Kargil Vijay Diwas 2026 (Image: PIB)

युद्ध संस्मरण कार्यक्रम में याद किए गए कारगिल के नायक

कारगिल विजय दिवस के कार्यक्रमों की शुरुआत द्रास के लामोचन व्यू प्वाइंट पर आयोजित ‘युद्ध संस्मरण’ कार्यक्रम से हुई।

इस कार्यक्रम में कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिक, शहीदों के परिजन और कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। समारोह के दौरान एक विशेष फिल्म और वीडियो दिखाया गया, जिसमें ऑपरेशन विजय के 40 वीर सैनिकों की बहादुरी और शौर्य गाथा को प्रस्तुत किया गया।

इसके बाद शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। कई परिवारों ने मंच से अपने प्रियजनों की यादें साझा कीं, जिससे पूरा माहौल भावुक हो गया।

देशभक्ति और सैन्य अनुशासन की झलक

विश्वनाथन स्टेडियम में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंटल सेंटर बैंड की देशभक्ति धुनों से हुई। इसके बाद कॉर्प्स ऑफ मिलिट्री पुलिस सेंटर एंड स्कूल की ‘श्वेत अश्व’ मोटरसाइकिल टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। सैनिकों ने सटीक संतुलन, अनुशासन और पेशेवर कौशल का प्रदर्शन किया।

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स्कूल के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय एकता पर आधारित सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया। साथ ही भारतीय सेना द्वारा ऊंचाई वाले और कठिन इलाकों में आधुनिक तकनीकों के उपयोग की भी झलक दिखाई गई।

ऑपरेशन विजय के 545 वीरों को राष्ट्र का नमन

कारगिल युद्ध मई से जुलाई 1999 के बीच नियंत्रण रेखा पर लड़ा गया था। भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ के तहत द्रास, कारगिल, बटालिक, मुश्कोह और काक्सर सेक्टर की रणनीतिक चोटियों से पाकिस्तानी सैनिकों और घुसपैठियों को पीछे हटाया था।

इस युद्ध में भारत के 545 वीरों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। इनमें भारतीय सेना के 537 जवान, भारतीय वायुसेना के 5 कर्मी, सीमा सुरक्षा बल का 1 जवान और 2 नागरिक शामिल थे। इन वीरों के बलिदान से भारत ने रणनीतिक चोटियों पर फिर से नियंत्रण स्थापित किया और देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा की।

26 जुलाई को आयोजित ‘श्रद्धांजलि समारोह’ में राष्ट्र की ओर से ऑपरेशन विजय के सभी वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। यह आयोजन उन सैनिकों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान की स्मृति को समर्पित है, जिन्होंने कारगिल की दुर्गम चोटियों पर तिरंगा फिर से फहराने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। (Kargil Vijay Diwas 2026)

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  • herry passport

    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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