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रक्षा मंत्रालय का बड़ा फैसला: कोस्ट गार्ड में महिला अधिकारी होंगी परमानेंट, लापता जवानों के परिवारों को मिलेगी तुरंत आर्थिक मदद

नई नीति का सबसे बड़ा बदलाव महिला अधिकारियों की भर्ती और करियर से जुड़ा है। अब भारतीय तटरक्षक बल में महिला उम्मीदवारों को पुरुष उम्मीदवारों के समान अवसर दिए जाएंगे...

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📍नई दिल्ली | 28 Jul, 2026, 12:59 PM

Indian Coast Guard Policy Reforms 2026: भारतीय तटरक्षक बल (इंडियन कोस्ट गार्ड) में सेवा करने वाले अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए केंद्र सरकार ने दो बड़े नीतिगत बदलाव किए हैं। 28 जुलाई को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इन नई नीतियों का एलान किया। इनका उद्देश्य महिला अधिकारियों को करियर में समान अवसर देना और ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता होने वाले जवानों के परिवारों को आर्थिक मदद मिलने की प्रक्रिया को तेज और आसान बनाना है।

Indian Coast Guard Policy Reforms 2026: स्वर्ण जयंती से पहले बड़ा सुधार

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल पिछले लगभग पांच दशकों से देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा, खोज एवं बचाव अभियान, तस्करी रोकने, समुद्री प्रदूषण नियंत्रण और मानवीय सहायता जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में शानदार भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने भरोसा जताया कि साल 2027 में स्वर्ण जयंती मनाने जा रहे भारतीय तटरक्षक बल के लिए ये नई नीतियां मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ उसकी ऑपरेशनल क्षमता को भी मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार तटरक्षक बल को आधुनिक, सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार समुद्री सुरक्षा बल बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।

महिला अधिकारियों को पुरुषों के बराबर अवसर

नई नीति का सबसे बड़ा बदलाव महिला अधिकारियों की भर्ती और करियर से जुड़ा है। अब भारतीय तटरक्षक बल में महिला उम्मीदवारों को पुरुष उम्मीदवारों के समान अवसर दिए जाएंगे।

नई व्यवस्था के तहत महिला उम्मीदवारों को शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट और परमानेंट अपॉइंटमेंट दोनों में भर्ती का अवसर मिलेगा। पहले कुछ श्रेणियों में यह व्यवस्था सीमित थी। वहीं अब शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट पुरुष उम्मीदवारों के लिए भी पूरी तरह उपलब्ध रहेगा।

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इस नीति का उद्देश्य भर्ती से लेकर प्रशिक्षण और पदोन्नति तक महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर देना है। (Indian Coast Guard Policy Reforms 2026)

प्रमोशन का भी मिलेगा पूरा मौका

नई नीति के अनुसार पहले से परमानेंट अपॉइंटमेंट पर कार्यरत महिला अधिकारियों को भी पात्रता की सभी शर्तें पूरी करने पर वरिष्ठ पदों पर पदोन्नति का अवसर मिलेगा।

इसके अलावा जो महिला अधिकारी वर्तमान में शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट पर सेवा दे रही हैं, उन्हें निर्धारित शर्तें पूरी करने के बाद अपनी सेवा को परमानेंट अपॉइंटमेंट में बदलने का विकल्प भी दिया जाएगा।

रक्षा मंत्रालय का मानना है कि इससे भारतीय तटरक्षक बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें लंबी अवधि तक सेवा देने का अवसर मिलेगा। यह कदम सरकार की नारी शक्ति और समान अवसर की नीति के अनुरूप माना जा रहा है।

जेंडर-न्यूट्रल बनेगी भर्ती प्रक्रिया

अभी तक शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट (एसएसए) के तहत भर्ती की व्यवस्था केवल महिला अधिकारियों के लिए थी, जबकि पुरुष अधिकारियों की भर्ती मुख्य रूप से परमानेंट अपॉइंटमेंट (पीए) के माध्यम से होती थी।

अब सरकार ने इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए भर्ती प्रक्रिया को जेंडर-न्यूट्रल बना दिया है। नई नीति के तहत महिला उम्मीदवारों को पुरुष अधिकारियों की तरह शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट (एसएसए) और परमानेंट अपॉइंटमेंट (पीए) दोनों में आवेदन का अवसर मिलेगा। वहीं, पहली बार पुरुष उम्मीदवार भी शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट के लिए आवेदन कर सकेंगे।

इस बदलाव के बाद दोनों श्रेणियों की भर्ती में महिला और पुरुष उम्मीदवारों के लिए समान अवसर उपलब्ध होंगे।

भर्ती से प्रशिक्षण तक समान व्यवस्था

नई नीति में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि महिला और पुरुष अधिकारियों को शुरुआती प्रशिक्षण से लेकर पूरे सेवा काल में समान अवसर मिलें। जिसमें करियर की शुरुआत, ट्रेनिंग, प्रमोशन और जिम्मेदारियों के मामले में एक समान व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे संगठन के भीतर लैंगिक समानता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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सुप्रीम कोर्ट में भी उठ चुका था स्थायी कमीशन का मुद्दा

भारतीय तटरक्षक बल में महिला अधिकारियों को परमानेंट कमीशन देने का मुद्दा पहले सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है।

साल 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने महिला अधिकारी प्रियंका त्यागी की याचिका पर सुनवाई के दौरान तटरक्षक बल से कहा था कि वह समय के साथ हुए बदलाव को स्वीकार करे। अदालत ने यह भी कहा था कि सेना, नौसेना और वायुसेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन देने पर पहले ही फैसले दिए जा चुके हैं और तटरक्षक बल इस मामले में अलग नहीं रह सकता।

प्रियंका त्यागी साल 2009 में भारतीय तटरक्षक बल में असिस्टेंट कमांडेंट (जनरल ड्यूटी) के रूप में शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत शामिल हुई थीं। उन्होंने डॉर्नियर विमान पर हजारों घंटे उड़ान भरने के साथ समुद्री निगरानी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद उस समय की भर्ती व्यवस्था में महिला अधिकारियों के लिए जनरल ड्यूटी शाखा में परमानेंट कमीशन का प्रावधान नहीं था।

अब केंद्र सरकार की नई नीति के तहत शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट पर कार्यरत महिला अधिकारियों को निर्धारित पात्रता पूरी करने के बाद परमानेंट अपॉइंटमेंट में शामिल होने का विकल्प दिया जाएगा।

समुद्र में लापता जवानों के परिवारों को बड़ी राहत

दूसरा बड़ा सुधार उन परिवारों से जुड़ा है जिनके परिजन ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हो जाते हैं।

समुद्र में कई बार खराब मौसम, दुर्घटना या स्पेशल ऑपरेशन के दौरान जवानों का पता लंबे समय तक नहीं चल पाता। ऐसी स्थिति में उनके परिवारों को आर्थिक सहायता और अन्य सेवा संबंधी लाभ मिलने में काफी समय लग जाता था क्योंकि कई प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती थीं।

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नई नीति का उद्देश्य इसी प्रक्रिया को सरल और तेज बनाना है। (Indian Coast Guard Policy Reforms 2026)

अब जल्दी मिलेगी अनुग्रह राशि

नई व्यवस्था के तहत ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हुए भारतीय तटरक्षक बल के जवान को अनुग्रह राशि देने के उद्देश्य से आवश्यक प्रक्रिया के तहत मृत मानने की अनुमति दी जा सकेगी।

इससे परिवार को मिलने वाली अनुग्रह राशि, सेवा समाप्ति के बाद मिलने वाले वित्तीय लाभ और अन्य देय सुविधाओं की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी तेज हो जाएगी।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस बदलाव से उन परिवारों को लंबे प्रशासनिक इंतजार का सामना नहीं करना पड़ेगा, जो पहले से ही अपने प्रियजन के लापता होने के मानसिक और भावनात्मक आघात से गुजर रहे होते हैं।

प्रशासनिक प्रक्रिया होगी आसान

नई नीति का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को सरल बनाना भी है। पहले कई मामलों में अलग-अलग स्तर पर अनुमोदन और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने में लंबा समय लग जाता था।

अब स्पष्ट दिशा-निर्देश होने से संबंधित अधिकारियों के लिए फैसले लेना आसान होगा और परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी। (Indian Coast Guard Policy Reforms 2026)

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