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ECHS: आयुष्मान कार्ड को लेकर ईसीएचएस ने पूर्व-सैनिकों को किया सावधान! अगर की ये गलती तो जिंदगी भर पड़ेगा पछताना

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📍नई दिल्ली | 23 Dec, 2024, 2:49 PM

ECHS: पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन ईसीएचएस (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme) ने 16 दिसंबर 2024 को एक महत्वपूर्ण फैसला किया है। ईसीएचएस (ECHS) की तरफ से जारी एक आधिकारिक पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि पूर्व सैनिक अब प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि, इसके साथ कुछ शर्तें और चेतावनियां भी जारी की गई हैं, जो सभी पूर्व सैनिकों को ध्यान में रखनी होंगी।

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ECHS: क्या है नया आदेश?

ईसीएचएस की ओर से जारी लेटर में कहा गया है कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड का विकल्प पूर्व सैनिकों के लिए खुला है। इसका मतलब यह है कि जो पूर्व सैनिक ईसीएचएस या सीजीएचएस (Central Government Health Scheme) की सुविधाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, वे आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज करा सकते हैं।

लेकिन इसके साथ ही यह भी साफ किया गया है कि यदि कोई पूर्व सैनिक ईसीएचएस छोड़कर आयुष्मान भारत के तहत इलाज का विकल्प चुनता है, तो यह प्रक्रिया अपरिवर्तनीय होगी। इसका अर्थ है कि एक बार ईसीएचएस छोड़ने के बाद, वह इसे दोबारा नहीं अपना सकता।

ECHS: और आयुष्मान भारत: क्या है अंतर?

ईसीएचएस (Ex-Servicemen Contributory Health Scheme):
ईसीएचएस पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को विशेष स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह योजना उन पूर्व सैनिकों की जरूरतों को ध्यान में रखती है, जो कठिन परिस्थितियों में सेना में सेवाएं दे चुके हैं। इसमें सैन्य अस्पतालों के साथ-साथ पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा भी शामिल है।

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आयुष्मान भारत (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना):
आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त इलाज प्रदान करना है। इसके तहत लाभार्थियों को 5 लाख रुपये तक का कैशलेस और पेपरलेस इलाज की सुविधा मिलती है। इस योजना में सरकारी और निजी दोनों प्रकार के अस्पताल शामिल हैं।

ECHS की अहम शर्त: ‘नो रिटर्न’ का नियम

नए आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई पूर्व सैनिक ईसीएचएस छोड़कर आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने का विकल्प चुनता है, तो वह भविष्य में ईसीएचएस में वापस नहीं आ सकता।

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इस नियम से उन पूर्व सैनिकों को दिक्कत हो सकती है, जो वर्तमान में ईसीएचएस की सुविधाओं से नाखुश हैं। इसमें कहा गया है कि ईसीएचएस की किसी भी समस्या के बावजूद, इसे छोड़कर आयुष्मान कार्ड का उपयोग करने से पहले पूरी जानकारी और सावधानी बरतनी चाहिए।

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क्या हो सकते हैं फायदे और नुकसान?

फायदे:

  1. आयुष्मान योजना की व्यापकता: आयुष्मान भारत योजना के तहत देशभर में कई अस्पतालों में इलाज की सुविधा मिलती है। इसमें निजी अस्पताल भी शामिल हैं, जो बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकते हैं।
  2. कैशलेस इलाज: इस योजना के तहत मरीज को कैशलेस सुविधा मिलती है, जिससे तत्काल इलाज में आसानी होती है।
  3. गरीब परिवारों के लिए मददगार: यह योजना उन पूर्व सैनिकों के लिए लाभकारी हो सकती है, जिनके पास सीमित वित्तीय संसाधन हैं।
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नुकसान:

  1. ईसीएचएस सुविधाओं का नुकसान: यदि आप ईसीएचएस छोड़ते हैं, तो आप सैन्य अस्पतालों और ईसीएचएस पैनल के अन्य लाभों से वंचित हो जाएंगे।
  2. अपरिवर्तनीय प्रक्रिया: एक बार ईसीएचएस छोड़ने के बाद, इसे दोबारा अपनाना संभव नहीं होगा।
  3. सीमित विकल्प: आयुष्मान भारत योजना के तहत केवल सूचीबद्ध अस्पतालों में ही इलाज संभव है।

आयुष्मान योजना के तहत क्या मिलेगा?

आयुष्मान भारत योजना में लाभार्थियों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। इसमें सभी प्रकार की गंभीर बीमारियों का इलाज शामिल है, जैसे कि कैंसर, हृदय रोग, डायबिटीज, आदि। योजना के तहत देशभर के निजी और सरकारी अस्पतालों में इलाज संभव है।

पूर्व सैनिकों के लिए सलाह

1. जल्दबाजी में न लें फैसला:

यदि आप ईसीएचएस सुविधाओं से असंतुष्ट हैं, तो भी इसे छोड़ने से पहले सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार करें।

2. आयुष्मान योजना की जांच करें:

यह सुनिश्चित करें कि आयुष्मान भारत योजना के तहत आपके क्षेत्र में अच्छे अस्पताल उपलब्ध हैं या नहीं।

3. दूसरों से सलाह लें:

अपने साथी पूर्व सैनिकों से बात करें, जिन्होंने आयुष्मान कार्ड का उपयोग किया है, और उनकी राय जानें।

4. शिकायतें दर्ज करें: यदि ईसीएचएस से संबंधित कोई समस्या है, तो उसे संबंधित अधिकारियों के पास दर्ज कराएं।

ECHS: से जुड़े लाभार्थियों के लिए खास जानकारी

  1. मेडिसिन की उपलब्धता: ईसीएचएस में दवाओं की उपलब्धता को लेकर अक्सर शिकायतें मिलती हैं। लेकिन ध्यान रखें कि यह एक आम समस्या है, जिसे समय के साथ हल किया जा सकता है।
  2. रीइंबर्समेंट प्रक्रिया: कई लाभार्थियों ने शिकायत की है कि उन्हें दवाओं और इलाज के लिए रीइंबर्समेंट में देरी का सामना करना पड़ता है।
  3. समस्याओं का समाधान: यदि आप ईसीएचएस की सुविधाओं से असंतुष्ट हैं, तो इसके लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करें और अपनी समस्या दर्ज करें।
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    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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