📍नई दिल्ली | 18 Apr, 2026, 8:35 PM
IGoM Meeting West Asia crisis: वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत सरकार ने शनिवार को हालात और अपनी तैयारियों की समीक्षा के लिए अहम बैठक की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में इंटर-मिनिस्टीरियल ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (आईजीओएम) की बैठक में मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान समुद्री व्यापार को सुरक्षित बनाए रखने के लिए ‘भारत मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल’ योजना को भी मंजूरी दी गई, जिसके लिए करीब 12,980 करोड़ रुपये की सॉवरेन गारंटी तय की गई है।
बैठक के दौरान रक्षा मंत्री ने वेस्ट एशिया के हालात पर कहा कि भारत को हर स्थिति के लिए तैयार रहना होगा। सरकार की तरफ से यह भी कहा गया कि किसी भी संभावित जोखिम से निपटने के लिए जरूरी कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।
IGoM Meeting West Asia crisis: समुद्री व्यापार के लिए बड़ा फैसला
बैठक में समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए एक अहम योजना का जिक्र किया गया। सरकार ने ‘भारत मैरिटाइम इंश्योरेंस पूल’ बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें करीब 12,980 करोड़ रुपये की सॉवरेन गारंटी दी गई है।
इस व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय जहाजों और कार्गो को अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों से गुजरते समय सस्ती और लगातार इंश्योरेंस सुविधा मिलती रहे। खासकर उन इलाकों में, जहां हालात अस्थिर हैं, वहां यह कदम व्यापार को सुरक्षित बनाए रखने में मदद करेगा। (IGoM Meeting West Asia crisis)
ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता
सरकार ने बताया कि वैश्विक स्तर पर सप्लाई में झटके के बावजूद भारत में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। देश के पास कच्चा तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ का भंडार 60 दिनों से ज्यादा के उपयोग के लिए उपलब्ध है।
इसके अलावा एलएनजी का स्टॉक लगभग 50 दिन और एलपीजी का स्टॉक करीब 40 दिन के लिए मौजूद है। सरकार ने यह भी जानकारी दी कि आयात कई स्रोतों से किया जा रहा है, ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो सके। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और लैटिन अमेरिका जैसे क्षेत्रों से भी सप्लाई सुनिश्चित की गई है। (IGoM Meeting West Asia crisis)
पीएनजी को बढ़ावा, एलपीजी पर निर्भरता कम
घरेलू स्तर पर एलपीजी की खपत कम करने के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी को बढ़ावा दिया जा रहा है। मार्च 2026 से अब तक 4.76 लाख से ज्यादा नए पीएनजी कनेक्शन शुरू किए जा चुके हैं।
इसके अलावा 5.33 लाख से ज्यादा लोगों ने नए कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। हजारों उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन छोड़कर पीएनजी अपनाया है, जिससे गैस सप्लाई सिस्टम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
केमिकल और फार्मा सेक्टर के लिए व्यवस्था
बैठक में बताया गया कि घरेलू उद्योगों के लिए जरूरी कच्चे माल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए इंटर-मिनिस्टीरियल जॉइंट वर्किंग ग्रुप बनाया गया है। इसके तहत पेट्रोकेमिकल फीडस्टॉक की उपलब्धता पर नजर रखी जा रही है।
सरकार ने रिफाइनरी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे कुछ जरूरी केमिकल्स की न्यूनतम मात्रा घरेलू सेक्टर के लिए उपलब्ध कराएं। फार्मा और केमिकल इंडस्ट्री के लिए रोजाना 1000 मीट्रिक टन तक सप्लाई की व्यवस्था की गई है।
खाद्य वस्तुओं की कीमतें स्थिर
सरकार ने जानकारी दी कि देश में खाद्य वस्तुओं की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। थोक और खुदरा बाजार में कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया है।
गेहूं के निर्यात के लिए अतिरिक्त आवंटन की भी सिफारिश की गई है। वहीं एलपीजी से जुड़ी शिकायतों में कमी आई है, जिससे सप्लाई व्यवस्था के बेहतर होने का संकेत मिलता है। (IGoM Meeting West Asia crisis)
देश में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता
बैठक में उर्वरक की स्थिति पर भी चर्चा हुई। सरकार के अनुसार देश में यूरिया, डीएपी, एनपीके और अन्य उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। मार्च से अप्रैल के बीच लाखों टन उर्वरक की आपूर्ति की गई है, जिससे भंडार मजबूत हुआ है।
एलएनजी के जरिए यूरिया उत्पादन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अन्य विकल्पों के जरिए भी उर्वरक की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।
साथ ही, उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए राज्यों के साथ मिलकर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। अप्रैल महीने में हजारों छापे मारे गए, कई लाइसेंस रद्द किए गए और कई मामलों में एफआईआर दर्ज की गई।
जागरूकता बढ़ाने के लिए देशभर में निगरानी समितियां भी बनाई गई हैं, जो किसानों को संतुलित उपयोग के बारे में जानकारी दे रही हैं। (IGoM Meeting West Asia crisis)
विदेशों में भारतीयों पर खास ध्यान
बैठक में विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया। सरकार ने कहा कि भारतीय मिशन लगातार संपर्क में हैं और जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके साथ ही राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल बनाकर हालात से निपटने की कोशिश की जा रही है, ताकि देश के भीतर किसी तरह की दिक्कत न हो। (IGoM Meeting West Asia crisis)

