चीन ने समंदर में छिपाई रहस्यमयी ‘जासूसी’ डिवाइस! अंडरवॉटर पनडुब्बियों की कर रही थी निगरानी
यह डिवाइस समुद्र के नीचे एक जगह स्थिर होकर काम करती है। इसमें लगे सेंसर लगातार डेटा इकट्ठा करते रहते हैं। जहां से यह जानकारी ऊपर मौजूद एक बॉय तक भेजी जाती है, जहां से इसे आगे ट्रांसमिट किया जाता है...
स्टेल्थ फ्रिगेट तारागिरी है एडवांस स्पॉटर ड्रोन से लैस, चलते जहाज पर भी कर सकता काम
यह ड्रोन जहाज के लिए “फोर्स मल्टीप्लायर” की तरह काम करता है। इसका मतलब है कि जहाज की ताकत और निगरानी क्षमता कई गुना बढ़ जाती है...
हिंद महासागर में इंडियन नेवी की मैरीटाइम डिप्लोमेसी! MAHASAGAR विजन के तहत 9 साल में ट्रेन किए मॉरीशस के 516 कोस्ट गार्ड
मॉरीशस जैसे द्वीपीय देश के लिए समुद्र ही सबसे बड़ा संसाधन है। यहां की अर्थव्यवस्था का 10 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा सीधे ब्लू इकोनॉमी से आता है। मछली पकड़ने, समुद्री व्यापार और अन्य गतिविधियों से हजारों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है...
नेवल कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में बोले नेवी चीफ- कॉम्बैट रेडीनेस और टेक्नोलॉजी से बदलेगी नौसेना
बैठक के दौरान इंडियन ओशन रीजन (IOR) में भारत की भूमिका पर भी जोर दिया गया। नौसेना प्रमुख ने कहा कि इस क्षेत्र में भारत की जिम्मेदारी अहम है और इसे निभाने के लिए लगातार सक्रिय रहना जरूरी है...
तीन दिन के दौरे पर जर्मनी जाएंगे राजनाथ सिंह, Project 75I पनडुब्बी डील पर लग सकती है मुहर
इस सौदे में जर्मनी की कंपनी थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसी कंपनी के डिजाइन पर आधारित पनडुब्बियां भारत को मिल सकती हैं...
मोरक्को पहुंचा भारतीय नौसेना का सुदर्शिनी, ब्लू वाटर डिप्लोमेसी को मिलेगी मजबूती
यह पोर्ट कॉल ‘लोकायन 26’ मिशन के तहत उसकी ट्रांसओशेनिक तैनाती का हिस्सा है। इस यात्रा को नौसेना के अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग और संपर्क बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है...
टैंकों के बाद पनडुब्बियों पर भी ड्रोन हमलों का खौफ, ‘जुगाड़’ से लैस दिखीं रूसी सबमरींस
रूसी नौसेना की दो किलो क्लास पनडुब्बियों की तस्वीरें सेंट पीटर्सबर्ग के पास क्रोनस्टाट नौसैनिक अड्डे पर ली गई है, जहां इन पनडुब्बियों पर नए तरह के एंटी-ड्रोन डिफेंस सिस्टम दिखाई दे रहे हैं...
“कॉम्पिटिशन से कॉन्फ्लिक्ट तक”, नौसेना कॉन्फ्रेंस 2026 में नेवी चीफ ने बताई बदलती दुनिया की तस्वीर
नौसेना प्रमुख ने कहा कि आज समुद्री सुरक्षा का माहौल पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है। कई जगह एक साथ युद्ध जैसी स्थितियां बन रही हैं, विरोधी देशों की क्षमताएं बढ़ रही हैं और नॉन स्टेट एक्टर्स भी अब सस्ती तकनीक के जरिए खतरा पैदा कर रहे हैं...
