Indian Air Force

ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनिया को भायी भारत की ‘अस्त्र’, 6 देश खरीदने की दौड़ में

अस्त्र मिसाइल की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यह असली युद्ध में भी अपनी क्षमता साबित कर चुकी है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों से इस मिसाइल का सफल इस्तेमाल किया गया...

IAF का बड़ा फैसला! MiG-29 फाइटर जेट के लिए स्वदेशी एवियोनिक सिस्टम भारत में बनाने की तैयारी

मिग-29 भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण मल्टीरोल फाइटर जेट है। यह विमान 1980 के दशक के अंत में वायुसेना में शामिल हुआ था और बाद में इसे मिग-29 यूपीजी मानक तक अपग्रेड किया गया...
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भारतीय वायुसेना को निगरानी के लिए मिलेगा ‘हवा में उड़ता सैटेलाइट’, 20 किमी की ऊंचाई पर AS-HAPS महीनों तक करेगा निगरानी

हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट ऐसा मानव रहित प्लेटफॉर्म होता है, जो धरती की सतह से करीब 18 से 20 किलोमीटर की ऊंचाई पर लंबे समय तक उड़ान भर सकता है...

वायुसेना अधिकारी की पोस्टिंग विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख, क्या इकलौती संतान होने पर बदल सकती है सेना में पोस्टिंग?

स्क्वाड्रन लीडर दीपक सिंधु भारतीय वायुसेना की अकाउंट्स शाखा से जुड़े अधिकारी हैं और और लीगल ऑफिसर के रूप में काम करते हैं। उनकी पिछली तैनाती राजस्थान के जोधपुर स्थित 32 विंग एयर फोर्स स्टेशन पर थी...

AMCA प्रोजेक्ट के लिए ATV मॉडल को क्यों माना जा रहा है गेम चेंजर? INS अरिहंत की सफलता से क्या सीखेगा भारत का स्टेल्थ...

एटीवी यानी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी वेसल प्रोजेक्ट भारत के सबसे गोपनीय और सबसे सफल डिफेंस प्रोजेक्ट्स में से एक माना जाता है। इसकी शुरुआत 1980 के दशक में हुई थी, जब भारत ने पहली बार स्वदेशी परमाणु शक्ति चालित पनडुब्बी विकसित करने का फैसला किया...

ऑपरेशन सिंदूर के बाद कैसे बदली IAF की सोच, नेत्र के बाद वायुसेना चाहती है ऐसा AEW&C जो 700 किमी की रेंज और AI...

पिछले डेढ़ साल में हवाई युद्ध की प्रकृति तेजी से बदली है। अब केवल लड़ाकू विमानों पर नजर रखना ही काफी नहीं माना जा रहा। बल्कि छोटे ड्रोन, लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें, बैलिस्टिक मिसाइलें, हाइपरसोनिक हथियार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और नेटवर्क आधारित युद्ध ने वायुसेना की जरूरतों को पूरी तरह बदल दिया है...

Tejas Mk-1A को रफ्तार देने की तैयारी, सितंबर में होगी बड़ी समीक्षा; GE के एक F-404 इंजन में तकनीकी दिक्कत

एचएएल को अब तक अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस से छह एफ-404-आईएन20 इंजन मिल चुके हैं। इनमें से पांच इंजन पूरी तरह ऑपरेशनल बताए जा रहे हैं, जबकि एक इंजन में कुछ तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है...

डीआरडीओ का ‘नेत्र’ अब फुल कॉम्बैट रेडी, रडार से लेकर बैटल मैनेजमेंट तक संभालेगा मोर्चा

‘नेत्र’ के तीन विमान भारतीय वायुसेना की नंबर 200 स्क्वाड्रन से जुड़े हैं। यह यूनिट पंजाब के भिसियाना एयर बेस से ऑपरेट होती है। इन विमानों का इस्तेमाल एयरबोर्न सर्विलांस और बैटल मैनेजमेंट भूमिका में किया जाता है...