वायुसेना में बड़ा बदलाव: एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित होंगे नए वाइस चीफ, क्या बन सकते हैं अगले एयर चीफ?
भारतीय वायुसेना में वाइस चीफ का पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। एयर चीफ मार्शल के बाद यह दूसरा सबसे वरिष्ठ पद होता है। वायुसेना की ऑपरेशनल तैयारियों, आधुनिकीकरण, भविष्य की योजनाओं और संसाधनों के प्रबंधन में वाइस चीफ की बड़ी भूमिका होती है...
कौन है दुनिया के सबसे खतरनाक एयर डिफेंस सिस्टम S-400 का बॉडीगार्ड? जानें भारत को क्यों है जरूरत
पेंटसिर रूस का ही बनाया हुआ एक शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम है। इसे केबीपी इंस्ट्रूमेंट डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है। इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें मिसाइल और गन दोनों लगे होते हैं। यानी यह दो तरह से हमला कर सकता है...
भारत को मिला चौथा S-400 ‘सुदर्शन’ सिस्टम, पाकिस्तान सीमा पर तैनाती की तैयारी; जानें कैसे करता है काम
भारत और रूस के बीच साल 2018 में एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद का समझौता हुआ था। इस समझौते के तहत भारत को कुल पांच स्क्वाड्रन मिलने हैं। इनमें से तीन स्क्वाड्रन पहले ही भारत को मिल चुके हैं और अब चौथा सिस्टम भी पहुंच गया है...
मिशन राफेल 2.0 शुरू! फ्रांस पहुंचे वायुसेना प्रमुख, 114 जेट्स के सौदे को मिलेगी रफ्तार
भारत ने 114 राफेल विमानों की खरीद के लिए फ्रांस को आधिकारिक तौर पर लेटर ऑफ रिक्वेस्ट (एलओआर) भेज दिया है। यह दस्तावेज पिछले सप्ताह रक्षा मंत्रालय के एक्विजिशन विंग द्वारा फ्रांसीसी सरकार को सौंपा गया...
पिलाटस की जगह लेने वाला ट्रेनर एयरक्राफ्ट HTT-40 अब उड़ान को तैयार, हनीवेल ने HAL को भेजे तीन नए इंजन
अमेरिकी कंपनी हनीवेल ने एचएएल को तीन टीपीई331-12बी टर्बोप्रॉप इंजन डिलीवर किए हैं। यह इंजन खास तौर पर एचटीटी-40 ट्रेनर एयरक्राफ्ट के लिए बनाए गए हैं...
भारत के AMCA स्टेल्थ फाइटर प्रोजेक्ट के लिए रक्षा मंत्रालय ने जारी की RFP, दो इंजन, स्टेल्थ डिजाइन और AI सिस्टम से होगा लैस
एएमसीए को स्टेल्थ तकनीक के साथ तैयार किया जा रहा है ताकि दुश्मन के रडार इसे आसानी से पकड़ न सकें। इसमें इंटरनल वेपन बे, एडवांस्ड एवियोनिक्स, सेंसर फ्यूजन और सुपरक्रूज जैसी आधुनिक क्षमताएं होंगी...
चीन-पाकिस्तान की GPS जामिंग से निपटेगा Sukhoi-30! वायुसेना इस फाइटर जेट में लगाने जा रही खास एंटी-जैम एंटीना
अभी सुखोई-30 में जीपीएस और ग्लोनास बेस्ड नेविगेशन सिस्टम का इस्तेमाल होता है। लेकिन आधुनिक युद्ध में दुश्मन देश जीपीएस जैमिंग, स्पूफिंग और इलेक्ट्रॉनिक अटैक जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं...
सूर्यकिरण टीम के 30 साल में 800 एयर शो…दुनिया की सबसे खतरनाक एरोबेटिक टीमों में क्यों गिनी जाती है लाल-सफेद रंग के जेट वाली...
टीम ने अपना पहला सार्वजनिक प्रदर्शन 15 सितंबर 1996 में कोयंबटूर में किया था। उस एयर शो के बाद सूर्यकिरण टीम तेजी से लोकप्रिय हो गई। लोगों ने पहली बार इतने करीब उड़ते विमानों को एक साथ करतब करते देखा था...

