अरब सागर बना एक्टिव जोन! भारत-पाकिस्तान ने जारी किए बैक-टू-बैक NOTAM
अरब सागर भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए बेहद अहम माना जाता है। पाकिस्तान के लिए कराची और ग्वादर जैसे बड़े बंदरगाह इसी इलाके में हैं, जबकि भारत के भी कई महत्वपूर्ण नौसैनिक ठिकाने यहां मौजूद हैं...
वियना में वर्ल्ड बॉर्डर सिक्योरिटी कांग्रेस में शामिल हुई भारतीय कोस्ट गार्ड, समुद्री सुरक्षा पर दुनिया के सामने रखा अपना मॉडल
यह सम्मेलन 14 से 16 अप्रैल के बीच वियना में आयोजित किया गया था। 2026 के इस संस्करण में 60 से ज्यादा देशों के करीब 450 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए...
भारत बना ऑस्ट्रेलिया का टॉप सिक्योरिटी पार्टनर, 887 बिलियन डॉलर का करेगा निवेश
ऑस्ट्रेलिया का मानना है कि इस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना जरूरी है और इसके लिए भारत की भूमिका अहम है। यही वजह है कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है...
भारत के NOTAM ट्रैप में फिर फंसा चीनी जासूसी जहाज, आया था मिसाइल डेटा लेने, लौटा खाली हाथ
सात अप्रैल को भारत ने 1780 किमी की रेंज का NOTAM यानी “नोटिस टू एयरमेन” जारी किया था। मना जा रहा था कि यह कोई लंबी दूरी की मिसाइल का परीक्षण हो सकता है। इसी दौरान चीन का युआन वांग-07 जहाज सुंडा स्ट्रेट के रास्ते हिंद महासागर में दाखिल होने लगा...
अब NCC कैडेट्स बनेंगे ‘साइबर डिफेंडर’, इंटरनेट सेफ्टी पर फोकस, NIELIT के साथ किया करार
एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स और एनआईईएलआईटी के महानिदेशक डॉ. मदन मोहन त्रिपाठी की उपस्थिति में एनसीसी और एनआईईएलआईटी के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए...
रक्षा मंत्री की IGoM बैठक में बड़ा एलान: 5 किलो वाले LPG सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी, मजदूरों को राहत
बैठक में रक्षा मंत्री ने सभी विभागों को साफ निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखी जाए और आपसी समन्वय मजबूत बनाया जाए...
रक्षा मंत्रालय की बड़ी मंजूरी, ‘वीराज’ एंटी-टैंक स्मार्ट माइन और एयर-ड्रॉप्ड ड्रोन स्वार्म सिस्टम को दी हरी झंडी!
नई ‘वीराज’ माइन को ज्यादा एडवांस बनाने की योजना है। इसमें सेंसर आधारित सिस्टम हो सकता है, जो टैंक या भारी वाहन की हलचल को पहचान सके। इसके अलावा इसमें सेल्फ-न्यूट्रलाइजेशन जैसी क्षमता भी हो सकती है...
ड्रोन बनाने वाली कंपनी अब भारत में बनाएगी एडवांस गोला-बारूद, सागर डिफेंस को मिला एक्सप्लोसिव्स लाइसेंस
रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय सेना के लिए जरूरी 175 तरह के गोला-बारूद में से लगभग 154 को देश में ही बनाया जाने लगा है। यानी करीब 88 प्रतिशत जरूरतें अब स्वदेशी स्तर पर पूरी हो रही हैं...
