📍नई दिल्ली | 22 Dec, 2025, 2:22 PM
Indian Army 9mm Pistol RFI: सेना अपने हथियारों को लगातार अपडेट कर रही है, और अब पुराने जमाने की पिस्टल्स की जगह देश में बनी नई पिस्टल्स आएंगी। रक्षा मंत्रालय ने इसके लिए रिक्वेस्ट फॉर इंफॉर्मेशन (आरएफआई) जारी की है। अभी तक सेना के पास ईशापुर फैक्ट्री में बनी 9 एमएम सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल्स हैं, जो कई सालों से इस्तेमाल हो रही हैं। लेकिन अब सेना को नए, तेज, और ज्यादा भरोसेमंद हथियार चाहिए।
नई पिस्टल्स खासतौर पर क्लोज कॉम्बैट के लिए होंगी। इन्हें पैदल सेना, सपोर्ट यूनिट्स और बाकी फॉर्मेशंस में इस्तेमाल किया जाएगा, जहां हल्की, मजबूत और भरोसेमंद पिस्टल्स की जरूरत पड़ती है। (Indian Army 9mm Pistol RFI)
Indian Army 9mm Pistol RFI: नाइट साइट्स और मॉडर्न टारगेटिंग का हो फीचर
रक्षा मंत्रालय ने आरएफआई में कहा है कि ये पिस्टल्स मैदान, रेगिस्तान और ऊंचे पहाड़ हर जगह बिना किसी दिक्कत के चलें। 18,000 फीट की ऊंचाई पर भी हथियार उतना ही असरदार रहना चाहिए। मौसम चाहे लद्दाख की हड्डियां गला देने वाली ठंड हो या राजस्थान की भीषण गर्मी, पिस्टल हर हाल में साथ निभाए।
सेना चाहती है कि नई पिस्टल्स में नाइट साइट्स और मॉडर्न टारगेटिंग के ऑप्शन भी हों, ताकि जवान अंधेरे में भी सही निशाना लगा सकें। साथ ही, डिजाइन ऐसा हो कि आगे चलकर अपग्रेड या नए फीचर्स जोड़े जा सकें। सेना का फोकस पिस्टल के मॉड्यूलर डिजाइन पर भी है। (Indian Army 9mm Pistol RFI)
वहं, सेना की एक बड़ी एक और जरूरत ये भी है कि ये पिस्टल्स एम्बिडेक्स्ट्रस कंट्रोल्स फीचर के साथ लैस हों। मतलब दाएं या बाएं, किसी भी हाथ से आसानी से चलाया जा सके। इसके अलावा एक्सेसरी रेल भी चाहिए, ताकि लेजर, टॉर्च जैसे गैजेट्स लगाए जा सकें। इसके अलावा जरूरत पड़े तो इनमें सप्रेसर भी लगाने की सुविधा हो, जिससे ऑपरेशन के वक्त आवाज कम हो जाए।
इस बार खरीद का पूरा मौका सिर्फ भारतीय कंपनियों को मिलेगा। मंत्रालय चाहता है कि इनका निर्माण देश में ही हो। अगर किसी खास तकनीक की जरूरत लगे, तो टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के जरिए भी काम यहीं होगा। (Indian Army 9mm Pistol RFI)
Indian Army 9mm Pistol RFI: मिडियम डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स को बड़ा मौका
इस फैसले से भारत के छोटे-मोटे और मिडियम डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स को बड़ा मौका मिलेगा। डीआरडीओ और सेना पहले से ही 9 एमएम पिस्टल्स के स्वदेशी डिजाइन पर काम कर चुके हैं, कुछ मॉडल्स में थ्रीडी प्रिंटेड पार्ट्स भी लगे हैं। ये हथियार खासकर आतंकवाद और काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन के लिए बनाए गए हैं।
अब सेना इन पिस्टल्स को बड़े पैमाने पर अपनाने जा रही है। इसका मतलब है विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम, और अपनी इंडस्ट्री को सीधा फायदा मिलेगा। (Indian Army 9mm Pistol RFI)

