📍जयपुर | 7 May, 2026, 2:18 PM
Operation Sindoor anniversary: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर जयपुर में आयोजित विशेष प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भारतीय वायुसेना के डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा कि भारत हमेशा शांति और सहअस्तित्व की नीति पर चलता आया है, लेकिन जब देश की शांति की इच्छा को कमजोरी समझा जाता है, तब भारत निर्णायक कार्रवाई करता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर उसी सोच और संकल्प का प्रतीक था।
7 मई 2025 को शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर को भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद अंजाम दिया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना ने मिलकर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी।
ऑपरेशन की पहली वर्षगांठ पर जयपुर में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में एयर मार्शल भारती ने पूरे ऑपरेशन की रणनीति, तीनों सेनाओं की भूमिका और भारत की सैन्य तैयारी पर विस्तार से बात की।
Operation Sindoor anniversary: “हम शांति चाहते हैं, लेकिन चुप नहीं रहेंगे”
एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सदियों से “जियो और जीने दो” की सोच पर चलता आया है। उन्होंने कहा, “22 अप्रैल 2025 को हमारे नागरिकों की जिस तरह हत्या की गई, उन्हें हम वापस नहीं ला सकते। लेकिन हम यह संकल्प जरूर ले सकते हैं कि ऐसी घटना दोबारा न हो।”
उन्होंने आगे कहा, “हमारी शांति की इच्छा को जब कमजोरी समझा जाता है और हमारी चुप्पी को निष्क्रियता माना जाता है, तब कार्रवाई करना जरूरी हो जाता है। ऑपरेशन सिंदूर उसी कार्रवाई का नाम था।”
पहलगाम हमले के बाद लिया गया फैसला
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके की बैसरन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद केंद्र सरकार ने सेना और सुरक्षा एजेंसियों के साथ कई बैठकें कीं। इसके बाद आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई का फैसला लिया गया।
7 मई 2025 की सुबह भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना और वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद कई बड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन के कैंप शामिल थे।
एयर मार्शल भारती ने कहा कि ऑपरेशन का मकसद सिर्फ जवाब देना नहीं था, बल्कि आतंक के पूरे ढांचे को नुकसान पहुंचाना था। उन्होंने कहा, “यह कार्रवाई पूरी स्पष्टता और सटीकता के साथ की गई थी। लक्ष्य तय थे और सेना को पूरी ऑपरेशनल स्वतंत्रता दी गई थी।”
“आधी कार्रवाई नहीं करते भारत के सैनिक”
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एयर मार्शल भारती ने कहा कि जब भारत कार्रवाई करता है तो वह अधूरी नहीं होती। उन्होंने कहा, “जब हम कार्रवाई करते हैं तो उसमें कोई आधा कदम नहीं होता। वह निर्णायक होती है, घातक होती है और वही ऑपरेशन सिंदूर में दिखाई दिया।”
उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई पूरी तरह संतुलित और सोच-समझकर की गई थी ताकि आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे।
पहले ही हमले ने दिया बड़ा संदेश
एयर मार्शल भारती ने कहा कि 7 मई 2025 की सुबह जब पहला हथियार अपने टारगेट पर हिट हुआ लगा, तब वह सिर्फ एक सैन्य हमला नहीं था। उन्होंने कहा, “वह भारत की जनता के संकल्प और ताकत का प्रदर्शन था। वह पहलगाम में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए आंशिक न्याय था।”
उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान हर लक्ष्य की पहचान खुफिया एजेंसियों की मदद से की गई थी।
खुफिया एजेंसियों ने निभाई अहम भूमिका
ऑपरेशन सिंदूर की योजना बनाने में कई एजेंसियों ने मिलकर काम किया था। भारतीय एजेंसियों ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद नौ बड़े आतंकी कैंपों की पहचान की थी। इसके बाद उन्हीं ठिकानों पर हमला किया गया।
एयर मार्शल भारती ने कहा कि ऑपरेशन पूरी तरह इंटेलिजेंस आधारित था और हर चरण में सावधानी बरती गई थी।
तीनों सेनाओं ने मिलकर किया ऑपरेशन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एयर मार्शल भारती ने बार-बार “जॉइंटनेस” यानी तीनों सेनाओं के तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर की योजना से लेकर उसे अंजाम देने तक हर चरण में जॉइंटनेस शामिल थी।”
उन्होंने बताया कि चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी यानी सीओएससी ने हर विकल्प पर चर्चा की थी। इस समिति में सीडीएस और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल थे। उनके मुताबिक, हर फैसले को बहुत सोच-समझकर लिया गया था।
पाकिस्तान ने ड्रोन हमले किए
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ड्रोन और यूसीएवी हमले शुरू किए। इनका निशाना भारतीय एयरबेस और लॉजिस्टिक ठिकाने थे। लेकिन भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को काफी हद तक रोक दिया।
एयर मार्शल भारती ने कहा कि भारत की मल्टी लेयर एयर डिफेंस प्रणाली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना के इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम यानी आईसीसीएस ने रियल टाइम में खतरे की पहचान की।
इस सिस्टम की मदद से ड्रोन और अन्य हवाई खतरों को तुरंत ट्रैक किया गया और जवाबी कार्रवाई की गई। भारती ने कहा कि अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स और यूनिट्स के बीच तालमेल इसी सिस्टम की वजह से मजबूत बना रहा।
आकाश मिसाइल और पुराने सिस्टम भी हुए इस्तेमाल
एयर मार्शल भारती ने बतयाा कि ऑपरेशन के दौरान भारत ने स्वदेशी आकाश एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल किया। इसके अलावा पेचोरा और ओएसए-एके जैसे पुराने एयर डिफेंस सिस्टम भी सक्रिय रहे। भारतीय वायुसेना और सेना की एयर डिफेंस यूनिट्स ने मिलकर काम किया।
भारती ने कहा कि पाकिस्तान लगातार ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन भेजने की कोशिश कर रहा था, लेकिन भारतीय बलों ने सैन्य और नागरिक ठिकानों को सुरक्षित रखा।
Air Marshal Awadhesh Kumar Bharti responding on Pakistani claim: Pakistan was not able to inflict any damage on Indian side. We were able to neutralise. Whatever they say, narratives and rhetoric doesn’t give victory #operationsindoor pic.twitter.com/4FxxH2nICG
— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) May 7, 2026
समुद्र में नौसेना ने बनाई बढ़त
ऑपरेशन के दौरान भारतीय नौसेना भी पूरी तरह सक्रिय थी। भारतीय नौसेना ने अपने कैरियर बैटल ग्रुप को तैनात किया था, जिसमें मिग-29के लड़ाकू विमान और एयरबोर्न अर्ली वार्निंग हेलीकॉप्टर शामिल थे। नौसेना ने समुद्री क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी और पाकिस्तान की समुद्री गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।
एयर मार्शल भारती ने कहा कि नौसेना की मौजूदगी ने पाकिस्तान पर दबाव बनाया।
बीएसएफ ने रोकी घुसपैठ
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ ने भी अहम भूमिका निभाई। जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में बीएसएफ जवानों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखते ही जवाबी कार्रवाई की और दो घुसपैठियों को मार गिराया। वहां से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया गया था।
“यह सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं थी”
एयर मार्शल भारती ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ एक सैन्य मिशन नहीं था। उन्होंने कहा कि यह भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति, सैन्य पेशेवर क्षमता और तीनों सेनाओं के तालमेल का उदाहरण था। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे अभियान में सरकार, सेना, खुफिया एजेंसियों और विभिन्न विभागों के बीच लगातार समन्वय बना रहा।
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