📍नई दिल्ली | 5 May, 2026, 11:21 PM
Operation Sindoor 88 Hour Relay Run: ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरा होने पर भारतीय वायुसेना इसे खास तरह से सेलिब्रेट कर रही है। इस मौके पर भारतीय सेनाओं की तरफ से कई तरह के आयोजन किए जा रहे हैं। वहीं, भारतीय वायुसेना 88 घंटे तक चले इस ऑपरेशन सिंदूर की याद में 88 घंटे का रिले रन आयोजित कर रही है। यह खास रन 7 मई से शुरू होकर 10 मई तक चलेगी।
इस आयोजन का मकसद उन एयर वॉरियर्स के समर्पण, ताकत और लगातार काम करने की क्षमता को दिखाना है, जिन्होंने बिना रुके लगातार 88 घंटे तक अभियान चलाकर दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाया था।
Operation Sindoor 88 Hour Relay Run: 88 घंटे तक चला था ऑपरेशन सिंदूर
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुई थी, जिसमें कई निर्दोष पर्यटक मारे गए थे। जिसके जवाब में भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के अंदर मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे।
इन हमलों में बहावलपुर और मुरीदके जैसे इलाकों को निशाना बनाया गया, जहां जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकाने मौजूद थे। एयर फोर्स ने ब्रह्मोस और स्कैल्प जैसे स्टैंड-ऑफ वेपन का इस्तेमाल करते हुए शुरुआत में 9 ठिकानों को निशाना बनाया।
इसके बाद ऑपरेशन को और आगे बढ़ाते हुए दुश्मन के एयरबेस, रडार और एयर डिफेंस सिस्टम को भी नुकसान पहुंचाया गया। यह पूरा अभियान लगातार 88 घंटे तक चला और 10 मई की सुबह तक एयर फोर्स ने अपनी मजबूत स्थिति बना ली थी।
क्या है 88 घंटे की रिले रन?
इस रिले रन की शुरुआत 7 मई को एओए (एयर ऑफिसर-इन-चार्ज एडमिनिस्ट्रेशन) एयर मर्शल एस शिवकुमार करेंगे। यह रिले रन 7 मई से 10 मई तक 88 घंटे का लगातार चलेगी। यह रन किसी प्रतियोगिता की तरह नहीं है, बल्कि एक “रिले ऑफ ऑनर” है।
इसमें अलग-अलग टीमें बारी-बारी से दौड़ती हैं, जिससे यह दौड़ बिना रुके चलती रहती है। हर रनर इस ऑपरेशन की भावना को आगे बढ़ाने का काम करता है।
10 मई को नेहरू पार्क में समापन
इस आयोजन की खास बात यह है कि यह 24 घंटे लगातार चलता रहेगा। यह पूरा आयोजन नई दिल्ली दिल्ली स्थित एयर फोर्स स्टेशन में किया जाएगा। दिन के समय दौड़ नेहरू पार्क में हो रही है, जबकि रात के समय सेंट्रल दिल्ली के अलग-अलग रास्तों पर दौड़ आयोजित की जाएगी। रिले रन के समापन के दौरान एयर चीफ की मौजूदगी की भी संभावना है। 10 मई को नेहरू पार्क में इसका अंतिम चरण पूरा किया जाएगा।
पूरी प्रक्रिया इस तरह बनाई गई है कि 88 घंटे तक दौड़ बिना रुके चलती रहे, ठीक उसी तरह जैसे ऑपरेशन के दौरान वायु सेना लगातार सक्रिय रही थी।
कितने लोग ले रहे हैं हिस्सा
इस आयोजन में एयर फोर्स के 243 एयर वॉरियर्स हिस्सा ले रहे हैं, जो देशभर की अलग-अलग कमांड्स से आए हैं। कुल मिला कर 10 टीमें बनाई गई हैं, जिनमें हर टीम में कम से कम 15 रनर शामिल हैं। हर टीम अपनी बारी पर दौड़ते हुए इस रिले को आगे बढ़ाएगी।
इसके अलावा आम नागरिकों और अन्य सुरक्षा बलों के लिए भी इसमें शामिल होने का मौका दिया गया है। हर दिन करीब 300 अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन रखे गए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस आयोजन का हिस्सा बन सकें।
वायु सेना के एक अधिकारी के मुताबिक, “यह 88 घंटे की दौड़ उन 88 घंटों की कहानी है, जब हमारे जवान लगातार ऑपरेशन में लगे रहे। हर कदम उस समर्पण को दिखाता है।”
इस आयोजन के जरिए फिटनेस को भी बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। एयर फोर्स का मानना है कि मजबूत शरीर और मन, दोनों ही देश की ताकत के लिए जरूरी हैं। साथ ही यह कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता का भी संदेश देता है, जहां सैनिक और नागरिक एक साथ भाग लेते हैं।

