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Swatantrata Sainik Samman Yojana: स्वतंत्रता सेनानी सम्मान योजना में हुए ये बड़े बदलाव, इस तरह उठा सकते हैं फायदा

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📍नई दिल्ली | 8 Nov, 2024, 5:00 PM

Swatantrata Sainik Samman Yojana: गृह मंत्रालय ने स्वतंत्रता सेनानी सम्मान योजना (SSSY) के नीति दिशानिर्देशों में महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। यह योजना स्वतंत्रता सेनानियों और उनके आश्रितों को सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई है। नवीनतम संशोधन लाभार्थियों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाने और उनकी समस्याओं का समाधान करने की दिशा में एक कदम हैं। इस योजना में आखिरी बार 2014 में बड़े स्तर पर संशोधन किए गए थे।

मुख्य संशोधन:

जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का नियम: अब लाभार्थियों को हर वर्ष नवंबर में केवल एक बार अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करना होगा। पहले, 80 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों को यह प्रमाण पत्र वर्ष में दो बार जमा करना होता था, जो अब सरल बना दिया गया है।पेंशन निलंबन और बहाली का नियम: यदि कोई लाभार्थी नवंबर 30 तक अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं करता है, तो बैंक को उसकी पेंशन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, यदि तीन वर्षों के भीतर प्रमाण पत्र जमा किया जाता है, तो पेंशन बहाल की जा सकती है और लंबित राशि भी दे दी जाएगी। तीन वर्ष के बाद पेंशन को स्थायी रूप से रद्द माना जाएगा और पुनः बहाल करने के लिए मंत्रालय से विशेष अनुमति की आवश्यकता होगी, लेकिन पूर्व की लंबित राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।आश्रितों के लिए पेंशन स्थानांतरण: स्वतंत्रता सेनानी या उनके जीवनसाथी/पुत्री की मृत्यु के बाद पेंशन स्थानांतरण के लिए आवेदन एक वर्ष के भीतर जमा करना आवश्यक होगा। यदि एक वर्ष के बाद आवेदन जमा किया जाता है, तो इसे मंत्रालय द्वारा विचार के लिए भेजा जाएगा।
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आश्रित पेंशन की शुरुआत की तिथि: अब संशोधित दिशानिर्देशों के तहत आश्रितों की पेंशन स्वतंत्रता सेनानी की मृत्यु की तिथि से दी जाएगी, न कि आवेदन की तिथि से।पुनर्विवाह शर्त का हटाना: अब पेंशन प्राप्त करने वाले पति के पुनर्विवाह की स्थिति में भी पेंशन जारी रखने की शर्त को हटा दिया गया है।

ये हैं नए प्रावधान:

  • स्वतंत्रता सेनानी की मृत्यु के बाद उनके लाभ के लिए आवेदन करने वाले आश्रित (जीवनसाथी और अविवाहित/बेरोजगार पुत्रियाँ) को मृत्यु के तीन वर्ष के भीतर आवेदन करना अनिवार्य होगा।
  • स्वतंत्रता सेनानियों के लिए नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
  • यह संशोधन 10 अक्टूबर, 2024 से लागू हो चुके हैं और इनका उद्देश्य SSSY के तहत पेंशन वितरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को सम्मान मिलेगा और उनके परिवारों को समय पर और उचित सहायता मिल सकेगी।
  • यह नई नीतियां न केवल सम्मानित स्वतंत्रता सेनानियों की गरिमा बनाए रखने में सहायक हैं, बल्कि उनके परिवारों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से भी बनाई गई हैं।

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    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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