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Delhi Terror Plots: क्या पकड़े जाने के डर से कर दिया ब्लास्ट? 30 दिन में सुरक्षा एजेसियों ने नाकाम की 8 बड़ी आतंकी साजिशें

यह विस्फोट उस समय हुआ जब दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां बीते 30 दिनों में आठ बड़े आतंकी नेटवर्क को तोड़ने में सफलता हासिल कर चुकी थीं। इन ऑपरेशनों में लश्कर-ए-तैयबा, आईएसआई, आईएसआईएस और बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े नेटवर्क तोड़े गए...

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📍नई दिल्ली | 11 Nov, 2025, 11:00 AM

Delhi Terror Plots: देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार शाम लाल किला के पास हुए कार धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों की पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया। सूत्रों का कहना है कि आतंकियों की प्लानिंग बड़ी थी, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां लगातार उनके मॉड्यूल को तोड़ रही थीं, जिसके बाद हताश होकर कार में धमाका कर दिया। यह विस्फोट उस समय हुआ जब दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां बीते 30 दिनों में आठ बड़े आतंकी नेटवर्क को तोड़ने में सफलता हासिल कर चुकी थीं। इन ऑपरेशनों में लश्कर-ए-तैयबा, आईएसआई, आईएसआईएस और बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़े नेटवर्क तोड़े गए।

Red Fort Car Blast: दिल्ली कार ब्लास्ट में कहीं जम्मू-कश्मीर के डॉक्टरों से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का हाथ तो नहीं? फरीदाबाद से बरामद हुआ था 350 किलो विस्फोटक

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि अगर हाल ही में हुई गिरफ्तारियां और विस्फोटक जब्त नहीं किया गया होता, तो यह धमाका कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता था। परंतु, इस एक चूक ने साफ कर दिया कि आतंकियों का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है और उनके देश में छिपे “स्लीपर सेल” अभी भी मौजूद हैं।

Delhi Terror Plots: फरीदाबाद से मिला था 2,900 किलो विस्फोटक

10 नवंबर को दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में फरीदाबाद के एक गोदाम से लगभग 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। इनमें अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम नाइट्रेट और सल्फर जैसे कैमिकल शामिल थे, जिनसे सैकड़ों आईईडी बनाए जा सकते थे।

इस मामले में दो संदिग्ध डॉक्टरों डॉ. मुजम्मिल गनई और डॉ. आदिल को गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क दिल्ली, गुरुग्राम और जयपुर तक फैला हुआ था। शुरुआती जांच में पता चला कि फरीदाबाद के गोदाम से कुछ विस्फोटक पहले ही दिल्ली भेजे जा चुके थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसी नेटवर्क से जुड़े लोग दिल्ली तक पहुंचे थे, और लाल किला ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ विस्फोटक इसी ग्रुप से आया था।

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गुजरात एटीएस ने पकड़ा आईएसआईएस मॉड्यूल

इससे पहले 8 नवंबर को गुजरात एटीएस ने गांधीनगर से आईएसआईएस से जुड़े तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया। इनमें एक एमबीबीएस डॉक्टर अहमद मोहियुद्दीन सैयद भी शामिल था। उसके पास से दो ग्लॉक पिस्टल, एक बेरेटा पिस्तौल, 30 कारतूस, 4 लीटर कास्टर ऑयल और रिसिन गैस बनाने का सामान बरामद हुआ।

जांच में खुलासा हुआ कि यह मॉड्यूल आईएसआई से जुड़ा था और दिल्ली व अहमदाबाद के भीड़भरे इलाकों और आरएसएस दफ्तरों पर हमला करने की योजना बना रहा था।

राजस्थान में मौलवी गिरफ्तार

7 नवंबर को राजस्थान एटीएस ने जालौर जिले से मौलवी उसामा उमर को गिरफ्तार किया। उसके अफगानिस्तान स्थित आतंकी गुटों के कमांडरों से संपर्क थे। वह पिछले चार साल से युवाओं को कट्टरपंथ की राह पर ले जा रहा था और दुबई के रास्ते अफगानिस्तान भागने की तैयारी में था। जालोर, बाड़मेर और जोधपुर में एक साथ छापेमारी कर चार अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया।

दिल्ली में ISIS नेटवर्क का भंडाफोड़

24 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने दो युवकों अदनान (दिल्ली) और एक अन्य आरोपी (मध्यप्रदेश) को गिरफ्तार किया। दोनों फिदायीन हमले की तैयारी में थे और राजधानी के भीड़भाड़ वाले बाजारों को निशाना बनाना चाहते थे। उनके पास से हथियार, गोला-बारूद और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट बरामद किए गए।

पंजाब में हथियार-ड्रग्स नेटवर्क ध्वस्त

15 अक्टूबर को पंजाब पुलिस ने अमृतसर, फाजिल्का और तरनतारन में छापे मारकर तीन लोगों को पकड़ा। उनके पास से 10 आधुनिक पिस्टल और 500 ग्राम अफीम मिली। यह नेटवर्क पाकिस्तान से हथियार और ड्रग्स लाकर पंजाब में गैंगस्टरों को सप्लाई कर रहा था।

पुणे से इंजीनियर गिरफ्तार

28 अक्टूबर को महाराष्ट्र एटीएस ने पुणे के कोंढवा इलाके से सॉफ्टवेयर इंजीनियर ज़ुबेर हंगरगेकर (33) को गिरफ्तार किया। उसके लैपटॉप से अल-कायदा का प्रचार सामग्री और युवाओं को भड़काने वाले वीडियो मिले। वह मुंबई और गुजरात में बम विस्फोट की योजना में शामिल था।

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पंजाब में फिर मिला RDX

9 अक्टूबर को पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट ने बब्बर खालसा इंटरनेशनल के दो आतंकियों को जालंधर से गिरफ्तार किया। उनके पास से 2.5 किलो आरडीएक्स और रिमोट-कंट्रोल आईईडी बरामद हुआ। यह मॉड्यूल यूके से संचालित किया जा रहा था।

आंध्र प्रदेश से महाराष्ट्र तक फैला नेटवर्क

17 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश पुलिस ने उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के दो लोगों को आतंक के शक में पकड़ा। ये दोनों ISIS से प्रेरित नेटवर्क का हिस्सा थे, जो राज्य की सीमाओं से बाहर भी सक्रिय था। इन गिरफ्तारियों ने साबित किया कि भारत में स्लीपर सेल्स राज्यों में काम कर रहे थे।

लाल किला धमाका और स्लीपर सेल नेटवर्क

विशेषज्ञों के अनुसार, लाल किला के पास हुआ धमाका इन्हीं नेटवर्क्स से जुड़ा हो सकता है। दिल्ली पुलिस ने बताया कि धमाके वाली कार तीन घंटे से पार्किंग में खड़ी थी। संभव है कि इसमें पहले से विस्फोटक रखा गया था।

जांच में पाया गया कि कार का मालिक एक साल पहले वाहन बेच चुका था, लेकिन खरीदारों की पहचान संदिग्ध है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि धमाका जानबूझकर किया गया आत्मघाती हमला था, क्योंकि विस्फोटक के हिस्से और डिटोनेटर अलग-अलग रखे जाते हैं और सामान्य दुर्घटना से ऐसे विस्फोट नहीं होते।

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में सक्रिय स्लीपर सेल फरीदाबाद छापे के बाद सतर्क हो गए थे और अपने ठिकाने खाली करने लगे थे। उन्हें डर था कि कहीं ये पुलिस के हाथों न पड़ जाए। एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि इसी दौरान विस्फोटक ले जाई जा रही कार में बैठे व्यक्ति ने या तो जानबूझकर डिटोनेटर दबाया या गलती से बम फट गया।

खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्लीपर सेल्स दिल्ली, हरियाणा और यूपी में सक्रिय थे। फरीदाबाद में हुई कार्रवाई के बाद इन नेटवर्कों को भनक लग गई थी कि छापेमारी सटीक जानकारी के आधार पर हो रही है, इसलिए उन्होंने विस्फोटक सामग्री दिल्ली में शिफ्ट करनी शुरू कर दी। धमाके वाली कार करीब दो घंटे पार्किंग में खड़ी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि वह पहले से ही विस्फोटक से भरी थी, और किसी स्थानीय नेता के निर्देश का इंतजार किया जा रहा था। संभावना है कि सुसाइड बॉम्बर ने मौके पर ही खुद को उड़ा लिया।

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नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के कमांडो धमाके के अवशेषों की जांच कर रहे हैं ताकि पता चल सके कि हाई ग्रेड के विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ या नहीं। अगर अमोनियम नाइट्रेट या आरडीएक्स के सबूत मिलते हैं, तो यह मामला सीधे फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ जाएगा।

Screenshot of a Reddit post in r/delhi with title Is something going on in delhi? and text from a 12th grade student describing return from school seeing police and army everywhere including at Red Fort metro more than usual asking what is up today, with 54 upvotes 45 comments and AskDelhi flair.

रेडिट पर पोस्ट से खुलेगा राज

धमाके से कुछ घंटे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर एक यूजर ने लिखा था कि “दिल्ली में चारों ओर पुलिस और सेना की गाड़ियां हैं, रेड फोर्ट के पास कुछ बड़ा होने वाला लग रहा है।” यह पोस्ट अब सुरक्षा एजेंसियों की जांच के घेरे में है।

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस को पहले से इनपुट मिला था कि आतंकवादी संगठन दिल्ली में बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं।

आईएसआई और पाकिस्तानी नेटवर्क की भूमिका

खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इन सभी मामलों के पीछे पाकिस्तान की आईएसआईकी भूमिका है। आतंकियों के बीच हर स्तर पर जानकारी “नीड टू नो” आधार पर दी जाती है ताकि कोई एक व्यक्ति पूरा नेटवर्क उजागर न कर सके।

जानकारों का कहना है कि यह सब एक बड़े “प्लान” का हिस्सा है, जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की असफल कोशिशों का जवाब लगता है। पाकिस्तान ने अपने नेटवर्क को भारत के अंदर फिर से सक्रिय किया है और कुछ भारतीयों को इसमें शामिल किया है।

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