पहलगाम हमले के बाद कैसे कश्मीर में स्नो लेपर्ड्स और ‘सांप खाने वाले’ बने आतंकियों का काल, जंगलों में ढूंढ-ढूंढ कर बना रहे शिकार!
मार्खोर शब्द फारसी भाषा से आया है। यह दो शब्दों से मिलकर बना है: "मार" का अर्थ सांप और "खोर" का मतलब है खाने वाला या मारने वाला। इसलिए इसका शाब्दिक अर्थ है "सांप खाने वाला" या "सांप मारने वाला"...
भारतीय सेना की बढ़ेगी ताकत! रेगिस्तान से लद्दाख तक दम दिखाने वाली के9 वज्र की नई डील पर दक्षिण कोरिया से बातचीत
के9 वज्र दरअसल दक्षिण कोरिया के के9 थंडर का भारतीय वर्जन है, जिसे भारत में के9 वज्र-टी नाम से जाना जाता है। यह एक 155एमएम/52-कैलिबर ट्रैक्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर है, जिसे लार्सन एंड टुब्रो कंपनी गुजरात के हजीरा प्लांट में बनाती है...
पहलगाम हमले के 93 दिन बाद कैसे सुरक्षा बलों ने ढेर किए तीनों आतंकी, जानें ऑपरेशन महादेव की इनसाइड स्टोरी
मई के आखिर तक सुरक्षा एजेंसियों को आतंकियों की मूवमेंट का एक साफ पैटर्न समझ आने लगा। इसके बाद ऑपरेशन का दायरा बढ़ाया गया। ज्यादा संख्या में जवानों को तैनात किया गया और खास यूनिट्स को शामिल किया गया...
उज्बेकिस्तान में चल रही भारत-उज्बेकिस्तान मिलिट्री एक्सरसइज ‘दस्तलिक 2026’, ड्रोन से लेकर स्नाइपर तक हो रही ट्रेनिंग
कुल 14 दिनों के इस अभ्यास में दोनों सेनाओं के लगभग 60-60 सैनिकों हिस्सा ले रहे हैं। भारत की तरफ से भारतीय सेना की महार रेजिमेंट के 45 सैनिक और भारतीय वायुसेना के 15 जवान इस अभ्यास में शामिल हैं...
काउंटर टेरर ऑपरेशन के लिए बड़ी तैयारी! टाइगर डिविजन में सेना ने जम्मू-कश्मीर पुलिस को दी स्पेशल ट्रेनिंग
कोर्स में सिर्फ पारंपरिक तरीकों पर ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक पर भी खास ध्यान दिया गया। जवानों को हथियारों के इस्तेमाल और फायरिंग की ट्रेनिंग दी गई...
सेना के अफसर ने बनाया खास स्वदेशी ‘हंस’ मिलिट्री पैराशूट सिस्टम, स्पेशल फोर्सेस के मिशन होंगे आसान
मिलिट्री ऑपरेशनों में पैराशूट का इस्तेमाल बहुत पुराना है, लेकिन आज भी इसकी अहमियत बनी हुई है। खास तौर पर स्पेशल फोर्सेस के जवानों को दुश्मन के इलाके में चुपचाप उतारने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है...
आर्मी कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में नेटवर्किंग और टेक्नोलॉजी पर बड़ा फोकस, अब डेटा से जीता जाएगा युद्ध!
इस बार कॉन्फ्रेंस का फोकस बदलते युद्ध के तरीके, नई टेक्नोलॉजी और सेना को ज्यादा आधुनिक बनाने पर रहा। सेना ने साल 2026 को “नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी” का वर्ष भी घोषित किया है...
जयपुर में सप्त शक्ति कमांड ने मनाया 22वां स्थापना दिवस, पश्चिमी सीमा की सुरक्षा का है जिम्मा
इस कमांड की स्थापना 15 अप्रैल 2005 को हुई थी और यह भारतीय सेना की सातवीं और सबसे युवा कमांड मानी जाती है...
