Tag: military history
गॉड ऑफ वॉर’ के 200 साल: कारगिल से ऑपरेशन सिंदूर तक, कितनी बदली भारतीय सेना की रेजिमेंट ऑफ आर्टिलरी!
भारतीय सेना में हर साल 28 सितंबर को गनर्स डे मनाया जाता है। इसी दिन साल 1827 में 5 (बॉम्बे) माउंटेन बैटरी का गठन किया गया था। इसे भारतीय आर्टिलरी की आधुनिक परंपरा की शुरुआत माना जाता है...
नेटफ्लिक्स वेब सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ के बीच चर्चा में IAF का 1985 का सीक्रेट मिशन, PoK के स्कार्दू तक पहुंचा था मिग-21
ऑपरेशन मेघदूत के बाद सियाचिन क्षेत्र में पाकिस्तान की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भारतीय वायुसेना ने मिग-21 से चलाया था साहसिक हवाई टोही मिशन...
कौन था कारगिल युद्ध का पहला शहीद? 27 साल बाद भी क्यों अधूरा है जवाब, किसके लिए सेना ने पार की थी श्योक नदी
क्या सबसे पहले लांस नायक खड़ग सिंह ने सर्वोच्च बलिदान दिया था? या फिर कैप्टन सौरभ कालिया और उनकी गश्ती टीम कारगिल युद्ध की पहली शहादत थी? या कैप्टन अमित भारद्वाज, जिन्होंने अपने जवानों को बचाते हुए अपने जवानों की आहूति दी?...
Exclusive: 27 साल बाद भी जारी नहीं हुआ कारगिल युद्ध का आधिकारिक इतिहास, पांच साल पहले किया अपना ही वादा भूली सरकार
कारगिल युद्ध समाप्त होने के बाद जुलाई 1999 में केंद्र सरकार ने वरिष्ठ रणनीतिक विशेषज्ञ के. सुब्रह्मण्यम की अध्यक्षता में कारगिल रिव्यू कमेटी (केआरसी) का गठन किया था...
नए सेना प्रमुख ने आर्मी चीफ लाउंज से हटवाई ‘कर्म क्षेत्र’ पेंटिंग, ऐतिहासिक 1971 वॉर सरेंडर पेंटिंग हटाने पर हुआ था विवाद
यह विवाद दिसंबर 2024 में शुरू हुआ था, जब साउथ ब्लॉक के आर्मी चीफ लाउंज से 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के आत्मसमर्पण को दर्शाने वाली प्रसिद्ध पेंटिंग हटाकर उसकी जगह 'कर्म क्षेत्र' पेंटिंग लगा दी गई थी...
कारगिल के सबसे खतरनाक अफसर! जिनसे सबसे ज्यादा डरती थी पाकिस्तानी सेना, इनके एक इशारे पर मच जाती थी तबाही
युद्ध के दौरान यह छोटी टीम दुश्मन के बेहद करीब ऊंची पहाड़ियों पर तैनात रहती थी। उनके पास दूरबीन, रेडियो सेट, बैटरियां और नक्शे होते थे, जिससे उनकी पहचान आसानी से हो जाती थी...
27 साल बाद कारगिल युद्ध का पूरा सच! तोलोलिंग से टाइगर हिल तक- कब, कहां और कैसे बदला युद्ध का रुख, पढ़ें पूरी टाइमलाइन
कारगिल युद्ध अचानक शुरू नहीं हुआ था। फरवरी 1999 से ही पाकिस्तान की गतिविधियां तेज होने लगी थीं। भारतीय सेना के दस्तावेजों के अनुसार, कई घटनाएं एक के बाद एक हुईं, जिन्होंने अंततः बड़े सैन्य अभियान का रूप लिया...
T-72 और T-90 टैंकों के दौर में आज भी भारतीय सेना के साथ है 1971 का हीरो T-55, आखिर क्यों खास है यह पुराना...
भारतीय सेना की तस्वीर में दिखे T-55 टैंक ने कई सवाल खड़े कर दिए। जानिए 1971 युद्ध के इस दिग्गज टैंक की कहानी, प्रोजेक्ट गुलमोहर, अपग्रेड, रिटायरमेंट और आज सेना में इसकी असली भूमिका क्या है...
1909 में शुरू हुए फौजी अखबार “सैनिक समाचार” के पूरे हुए 117 साल, दो विश्व युद्धों से लेकर आज तक है जवानों की आवाज
द्वितीय विश्व युद्ध के समय तो इस पत्रिका की लोकप्रियता चरम पर पहुंच गई। इसकी सर्कुलेशन तीन लाख से अधिक कापियों तक पहुंच गया। इस दौरान ‘जंग की खबरें’ नाम से विशेष सप्लीमेंट निकाले गए...
Artillery in Kargil War: कौन है ‘द्रास का गुस्सैल सांड’? मेजर जनरल लखविंदर सिंह की किताब ने खोले कई राज, आर्टिलरी कैसे बनी कारगिल...
Artillery in Kargil War: कारगिल युद्ध की जब भी चर्चा होती है, तो कहानियां अक्सर जवानों की वीरता के...
Kargil Vijay Diwas 2025: इस साल कारगिल दिवस की थीम है “शौर्य को सलाम, बलिदान को नमन”, 545 शहीदों के घर पहुंचेगी सेना
Kargil Vijay Diwas 2025: 26 जुलाई 2025 को भारत 26वां कारगिल विजय दिवस मनाने जा रहा है। इस अवसर...
1971 War Surrender Painting: थम नहीं रहा है पेंटिंग की जगह बदलने पर विवाद, रिटायर्ड ब्रिगेडियर ने सेना पर उठाए सवाल, कहा- मानेकशॉ सेंटर...
1971 War Surrender Painting: 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान के आत्मसमर्पण की ऐतिहासिक तस्वीर को भारतीय सेना के...


