HomeIndian Navyअंडमान में पानी के नीचे फहराया गया विशाल तिरंगा, बनाया गिनीज वर्ल्ड...

अंडमान में पानी के नीचे फहराया गया विशाल तिरंगा, बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

यह इलाका कोरल रीफ, समुद्री जीवों और साफ पानी के लिए जाना जाता है। बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक यहां स्कूबा डाइविंग और अंडरवॉटर एक्टिविटी के लिए आते हैं...

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US

📍नई दिल्ली | 6 May, 2026, 10:05 PM

Largest Underwater Indian Flag: अंडमान और निकोबार प्रशासन ने समुद्र के अंदर सबसे बड़ा भारतीय तिरंगा फहराकर नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। यह खास आयोजन स्वराज द्वीप पर किया गया, जहां करीब 200 गोताखोरों ने मिलकर पानी के नीचे विशाल तिरंगे को फैलाया। इस रिकॉर्ड में सबसे खास बात यह रही कि अंडमान और निकोबार के उपराज्यपाल एडमिरल डीके जोशी भी खुद डाइविंग टीम का हिस्सा बने।

समुद्र के अंदर फहराए गए इस तिरंगे की लंबाई 60 मीटर और चौड़ाई 40 मीटर थी। इसे बंगाल की खाड़ी के साफ पानी में फैलाया गया। प्रशासन का कहना है कि इस आयोजन का मकसद सिर्फ रिकॉर्ड बनाना नहीं था, बल्कि अंडमान और निकोबार को दुनिया के बड़े स्कूबा डाइविंग और मरीन टूरिज्म केंद्र के रूप में पेश करना भी था।

Largest Underwater Indian Flag: स्वराज द्वीप पर हुआ खास आयोजन

यह आयोजन शनिवार सुबह करीब 10 बजे स्वराज द्वीप पर किया गया। स्वराज द्वीप अंडमान और निकोबार का प्रमुख पर्यटन स्थल माना जाता है, जहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।

इस रिकॉर्ड प्रयास के लिए कई सरकारी एजेंसियों और निजी डाइविंग विशेषज्ञों को शामिल किया गया। इसमें फॉरेस्ट डिपार्टमेंट, मरीन पुलिस और निजी गोताखोरों ने हिस्सा लिया। पूरे कार्यक्रम को सुरक्षा नियमों और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित किया गया।

200 गोताखोरों ने संभाली जिम्मेदारी

इतने बड़े तिरंगे को समुद्र के अंदर फैलाना आसान काम नहीं था। इसके लिए करीब 200 प्रशिक्षित गोताखोरों की टीम बनाई गई। सभी गोताखोरों ने एक साथ मिलकर तिरंगे को पानी के अंदर सही तरीके से फैलाया।

यह भी पढ़ें:  MH-60R 2nd Squadron: नौसेना के लिए "आंख, कान और पहले शिकारी" का काम करेगा रोमियो, INAS 335 Ospreys हुई कमीशन

समुद्र के अंदर तेज बहाव और सीमित दृश्यता जैसी चुनौतियों के बीच इस पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। आयोजन के दौरान तकनीकी टीम और सुरक्षा कर्मी भी लगातार निगरानी करते रहे।

उपराज्यपाल भी बने डाइविंग टीम का हिस्सा

इस आयोजन में अंडमान और निकोबार के उपराज्यपाल एडमिरल डीके जोशी ने भी हिस्सा लिया। वे खुद डाइविंग टीम के साथ समुद्र में उतरे और रिकॉर्ड प्रयास का हिस्सा बने।

प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि उपराज्यपाल की भागीदारी यह दिखाती है कि प्रशासन पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कितना गंभीर है।

पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश

अंडमान और निकोबार प्रशासन इस आयोजन को पर्यटन से जोड़कर देख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि द्वीपों की पहचान सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां का समुद्री जीवन और साफ पानी भी दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है।

पर्यटन विभाग के निदेशक विनायक चामड़िया ने कहा, “इस आयोजन का मकसद दुनिया को यह दिखाना है कि अंडमान और निकोबार स्कूबा डाइविंग और मरीन टूरिज्म के लिए कितना खास स्थान है।”

उन्होंने कहा कि यहां का समुद्री इकोसिस्टम, रंग-बिरंगी मछलियां और साफ पानी इसे एडवेंचर टूरिज्म के लिए बेहद उपयुक्त बनाते हैं।

समुद्री जैव विविधता को दिखाने की कोशिश

प्रशासन का कहना है कि इस रिकॉर्ड प्रयास के जरिए अंडमान और निकोबार की समृद्ध समुद्री जैव विविधता को भी दुनिया के सामने लाने की कोशिश की गई।

यह इलाका कोरल रीफ, समुद्री जीवों और साफ पानी के लिए जाना जाता है। बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक यहां स्कूबा डाइविंग और अंडरवॉटर एक्टिविटी के लिए आते हैं।

यह भी पढ़ें:  LAMITIYE-2026 में ट्राई-सर्विसेज ड्रिल, भारत और सेशेल्स की सेनाएं कर रहीं आतंकवाद से निपटने की ट्रेनिंग पर फोकस

सुरक्षा नियमों का रखा गया ध्यान

इतने बड़े स्तर पर समुद्र के अंदर आयोजन करने के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। तकनीकी विशेषज्ञों और सपोर्ट टीम को पहले से तैनात किया गया था।

गोताखोरों को अलग-अलग टीमों में बांटा गया था और हर टीम को खास जिम्मेदारी दी गई थी। पूरे आयोजन के दौरान अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का पालन किया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, इस आयोजन का एक उद्देश्य जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देना भी था। प्रशासन चाहता है कि पर्यटन बढ़ने के साथ समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा भी बनी रहे।

इसी वजह से आयोजन के दौरान इस बात का ध्यान रखा गया कि समुद्री जीवन और कोरल रीफ को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।

अंडमान और निकोबार प्रशासन का मानना है कि इस रिकॉर्ड के जरिए द्वीपों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के आयोजन से दुनिया भर के डाइवर्स, एडवेंचर पसंद करने वाले लोग और पर्यटक अंडमान की तरफ आकर्षित होंगे। साथ ही इससे भारत के समुद्री पर्यटन को भी नई पहचान मिलने में मदद मिलेगी।

Author

  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

रक्षा समाचार WhatsApp Channel Follow US
News Desk
News Desk
रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

Most Popular