📍बेंगलुरु | 24 Oct, 2025, 10:44 PM
HAL HTT-40: हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के बेंगलुरु स्थित संयंत्र से देश में बने पहले हिंदुस्तान टर्बो ट्रेनर-40 (HTT-40) विमान के सीरीज प्रोडक्शन मॉडल ‘टीएच 4001’ (TH-4001) सफलतापूर्वक उड़ान भरी। यह उड़ान लगभग 30 मिनट तक चली और सभी तकनीकी पैरामीटर सामान्य रहे। यह विमान भारतीय वायुसेना के पायलटों की नई जनरेशन को ट्रेनिंग देने के लिए बनाया गया है।
एचएएल अधिकारियों के अनुसार, यह उड़ान भारत की एविएशन टेक्नोलॉजी में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि यह देश में निर्मित पहला बेसिक ट्रेनर विमान है, जिसे पूरी तरह भारतीय इंजीनियरों ने डिजाइन और तैयार किया है।
एचटीटी-40 विमान एक टैंडम-सीट टर्बोप्रॉप ट्रेनर है, जो बेसिक फ्लाइट ट्रेनिंग, एरोबेटिक्स, नाइट फ्लाइंग और इंस्ट्रूमेंट ट्रेनिंग के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसका इंजन 950 हॉर्सपावर की ताकत देता है। विमान में मॉडर्न एवियोनिक्स, एयर-कंडीशंड प्रेशराइज्ड कॉकपिट, जीरो-जीरो इजेक्शन सीट्स, और हॉट रिफ्यूलिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं।
Next Gen Training Takes Flight! HAL HTT-40 Enters Production!
A major milestone for Indian air power!
The first Hindustan Turbo Trainer-40 (HTT-40) Series Production aircraft, TH 4001, successfully took to the skies today at the HAL facility in Bengaluru!
This fully… pic.twitter.com/r15PJQFsc6— Raksha Samachar | रक्षा समाचार (@RakshaSamachar) October 24, 2025
एचएएल ने बताया कि यह विमान 70 फीसदी से अधिक स्वदेशी सामग्री से बना है और इसे “मेक इन इंडिया” मिशन के तहत तैयार किया गया है। कंपनी ने कहा कि टीएच 4001 की उड़ान पूरी तरह सफल रही और यह आने वाले महीनों में भारतीय वायुसेना को सौंपा जाएगा।
भारतीय वायुसेना ने एचएएल के साथ 70 विमानों की सप्लाई के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। इन विमानों की डिलीवरी 15 सितंबर 2025 से 15 मार्च 2030 के बीच की जाएगी। पहले साल में 12 विमान दिए जाएंगे, जिनमें से 10 नासिक में तैयार होंगे और 2 बेंगलुरु से बनाए जाएंगे। नासिक में दूसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 17 अक्टूबर को किया था।
एचटीटी-40 विमान का डिजाइन खासतौर पर वायुसेना के किरण-क्लास ट्रेनर विमानों की जगह लेने के लिए किया गया है। यह हल्का, टिकाऊ और कम रखरखाव वाला ट्रेनर जेट है। इसकी स्पीड करीब 370 किलोमीटर प्रति घंटा और रेंज लगभग 1,000 किलोमीटर है। यह पूर्ण रूप से एरोबेटिक विमान है, जो ऊंचाई पर कलाबाजी और रात में उड़ान जैसी मुश्किल ट्रेनिंग एक्सरसाइजेज के लिए बनाया गया है।
एचएएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस उड़ान के दौरान सभी सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहे थे। विमान का कंट्रोल स्टेबल था और सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया। उन्होंने कहा कि यह उड़ान भारतीय विमानन इतिहास में एक नया अध्याय है।
विमान का प्रोटोटाइप पहली बार 2016 में उड़ा था, जबकि इसे 2022 में सिस्टम-लेवल सर्टिफिकेशन मिला। अब सीरीज प्रोडक्शन की शुरुआत के साथ वायुसेना के बेसिक ट्रेनिंग सिस्टम को नई दिशा मिलेगी।
एचएएल ने बताया कि आने वाले महीनों में यह विमान वायुसेना के ट्रेनिंग कमांड में शामिल किया जाएगा। इसका इस्तेमाल एयर फोर्स अकादमी, दुंदिगल (हैदराबाद के पास) में पायलट ट्रेनिंग के लिए किया जाएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि एचटीटी-40 (HAL HTT-40) भारतीय रक्षा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह विमान सस्ता, सुरक्षित और पूरी तरह भरोसेमंद ट्रेनर के रूप में वायुसेना को नई ताकत देगा।



