📍नई दिल्ली | 4 Jul, 2026, 4:06 PM
LeT Leadership Reshuffle: पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) ने अपने ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया है। ओपन सोर्स इंटेलिजेंस (ओएसआईएनटी) रिपोर्ट्स के अनुसार, संगठन ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में तैनात 15 से ज्यादा कमांडरों की नई तैनाती की है। यह बदलाव 28 जून को दिए गए आदेशों के तहत किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन बदलावों का मकसद संगठन के ट्रेनिंग नेटवर्क, भर्ती सिस्टम और घुसपैठ से जुड़े ढांचे को नए तरीके से व्यवस्थित करना है।
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म “थर्ड आई ओएसआईएनटी एंड एनालिसिस” की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह फेरबदल ऐसे समय में किया गया है, जब लश्कर-ए-तैयबा अपने पुराने स्ट्रक्चर में बदलाव कर अलग-अलग जगहों पर अपनी गतिविधियों को बांटने की कोशिश कर रहा है।
LeT Leadership Reshuffle: 15 से ज्यादा कमांडरों की बदली गई जिम्मेदारियां
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फेरबदल में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अलग-अलग जिलों में तैनात 15 से अधिक वरिष्ठ कमांडरों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इन आदेशों के तहत कई ऐसे आतंकियों को नई जिम्मेदारी दी गई है, जो लंबे समय से लश्कर-ए-तैयबा के ट्रेनिंग, भर्ती और ऑपरेशन से जुड़े रहे हैं। नए आदेशों के बाद अलग-अलग ट्रेनिंग सेंटर और कथित घुसपैठ मार्गों की निगरानी भी नए आतंकियों को सौंपी गई है।
राणा मोहम्मद अशफाक को खैबर पख्तूनख्वा भेजा
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के मुताबिक राणा मोहम्मद अशफाक को पाकिस्तान के कसूर जिले से खैबर पख्तूनख्वा स्थानांतरित किया गया है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि ट्रांसफर से पहले पट्टोकी इलाके के एक मरकज में उनके लिए विदाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी कार्यक्रम में नए अधिकारियों का स्वागत भी किया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार अशफाक से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें उन्होंने संगठन के शीर्ष नेतृत्व का जिक्र किया और कहा कि महत्वपूर्ण फैसले अब भी शीर्ष स्तर से लिए जा रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
हारिस डार को मिली सेंट्रल पंजाब की जिम्मेदारी
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव हारिस डार की नई नियुक्ति को बताया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें सेंट्रल पंजाब का प्रमुख बनाया गया है। उनके अधीन मुरिदके, पट्टोकी, गुजरांवाला और लाहौर जैसे कई कथित मरकज और ट्रेनिंग सेंटर बताए गए हैं।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उन्हें उन रास्तों की निगरानी की जिम्मेदारी भी दी गई है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर भर्ती, ट्रेनिंग और घुसपैठ से जुड़े नेटवर्क में किया जाता रहा है।
पट्टोकी को नया ट्रेनिंग हब बनाने की कोशिश
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा के मुरिदके में स्थित पुराने मुख्य ट्रेनिंग सेंटर को नुकसान पहुंचने के बाद संगठन ने अपनी गतिविधियों को अलग-अलग स्थानों पर बांटना शुरू किया है।
इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कसूर जिले की पट्टोकी तहसील अब पहली चरण की ट्रेनिंग के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां मौजूद मरकज यरमूक समेत कुछ अन्य परिसरों में भर्ती और शुरुआती ट्रेनिंग से जुड़ी गतिविधियां चलाए जाने का दावा किया गया है।
इमरान लियाकत भट्टी को भी नई जिम्मेदारी
रिपोर्ट्स के अनुसार संगठन के सीनियर वेपंस इंस्ट्रक्टर इमरान लियाकत भट्टी को कसूर जिले में तैनात किया गया है। बताया गया है कि भट्टी पहले सेंट्रल पंजाब और साउथ पंजाब की जिम्मेदारी संभाल चुका है। वह मुल्तान स्थित ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनर की भूमिका भी निभा चुका है।
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के मुताबिक नई तैनाती में उसे कसूर इलाके में दूसरे वरिष्ठ कमांडरों के साथ मिलकर काम करने की जिम्मेदारी दी गई है।
एक ही जगह पर निर्भरता कम करने की कोशिश
ओपन सोर्स रिपोर्ट्स से यह संकेत मिलता है कि संगठन अब किसी एक बड़े ट्रेनिंग सेंटर पर निर्भर रहने के बजाय अपनी गतिविधियों को कई स्थानों पर फैला रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार पहले जहां एक बड़े परिसर के आसपास अधिकांश गतिविधियां केंद्रित थीं, वहीं अब ट्रेनिंग, भर्ती और अन्य नेटवर्क को अलग-अलग जिलों में बांटने की कोशिश दिखाई दे रही है।
इस तरह का मॉडल किसी एक स्थान पर दबाव बढ़ने की स्थिति में पूरे नेटवर्क को प्रभावित होने से बचाने के उद्देश्य से अपनाया जा रहा है।
“वॉटर फोर्स” ट्रेनिंग से जुड़ा हारिस डार का नाम
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स में जनवरी 2026 के कुछ वीडियो का भी उल्लेख किया गया है। इन रिपोर्ट्स के अनुसार हारिस डार कथित तौर पर “वॉटर फोर्स” नाम से चलाए जा रहे एक प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ा दिखाया गया था।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस प्रशिक्षण में स्कूबा डाइविंग, प्रोफेशनल स्विमिंग, हाई स्पीड बोट संचालन और पानी के भीतर ऑपरेशन जैसी गतिविधियां शामिल थीं। कुछ रिपोर्ट्स में सोशल मीडिया संचालन से जुड़ी ट्रेनिंग का भी उल्लेख किया गया है। इसे संगठन के ट्रेनिंग मॉडल में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
भर्ती और ट्रेनिंग नेटवर्क को फिर से व्यवस्थित करने की कोशिश
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस रिपोर्ट्स के अनुसार नई नियुक्तियों में ऐसे आतंकियों को प्राथमिकता दी गई है, जिन्हें लंबे समय का अनुभव है।
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वरिष्ठ कमांडरों को भर्ती, शुरुआती ट्रेनिंग, हथियार प्रशिक्षण और कथित घुसपैठ मार्गों से जुड़े क्षेत्रों में लगाया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार नई व्यवस्था में कमांड सिस्टम को अधिक केंद्रीकृत रखने की कोशिश की गई है, जबकि ट्रेनिंग स्ट्रक्चर को अलग-अलग स्थानों पर फैलाया जा रहा है।
इस मॉडल में टॉप लीडरशिप कई क्षेत्रों की निगरानी करती है, जबकि स्थानीय स्तर पर अलग-अलग केंद्रों के जरिए गतिविधियां संचालित की जाती हैं।
ओपन सोर्स इंटेलिजेंस विश्लेषकों का कहना है कि इससे फैसले लेने की प्रक्रिया शीर्ष स्तर पर बनी रहती है, जबकि जमीन पर काम कई स्थानों से किया जा सकता है। (LeT Leadership Reshuffle)
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