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Pahalgam Revenge: बहावलपुर या मुरिदके पर गिर सकती है भारत की गाज, बिना बड़ी जंग के होगा करारा वार

Pahalgam Revenge: Bahawalpur or Muridke Likely Indian Targets, No War Needed
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📍नई दिल्ली | 1 May, 2025, 3:30 PM

Pahalgam Revenge: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद भारत अब जवाबी कार्रवाई की तैयारी में है। इस हमले में 26 पर्यटकों की जान गई थी, जिसके लिए भारत ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसकी शाखा द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) को जिम्मेदार ठहराया। भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि इस हमले का जवाब जरूर दिया जाएगा, लेकिन यह जवाब सधी हुई रणनीति के साथ होगा, ताकि बड़ा युद्ध न छिड़े।

Pahalgam Revenge: Bahawalpur or Muridke Likely Indian Targets, No War Needed

रक्षा मंत्रालय और सेना के सूत्रों के मुताबिक, भारत लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पार किए बिना लंबी दूरी के हथियारों से सीमित हमले (Pahalgam Revenge) करने की योजना बना रहा है। इस बीच, पाकिस्तान ने भी भारत को चेतावनी दी है कि अगर हमला हुआ, तो उसका जवाब कड़ा होगा।

Pahalgam Revenge: कैबिनेट कमेटी की बैठक में जवाबी कार्रवाई की रणनीति

पहलगाम हमले के बाद 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की पहली बैठक हुई थी। इस बैठक में कई कूटनीतिक कदमों (Pahalgam Revenge) का ऐलान किया गया। बैठक में इंडस वाटर ट्रीटी को निलंबित करना, पाकिस्तानी हाई कमीशन को छोटा करना, और भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करना जैसे फैसले लिए गए। इसके बाद 30 अप्रैल को दूसरी CCS बैठक हुई, जिसमें जवाबी कार्रवाई की सैन्य रणनीति पर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ने सेना के प्रमुखों को साफ निर्देश दिए कि उनके पास “पूरी ऑपरेशनल आजादी” है। यानी वे यह तय कर सकते हैं कि जवाबी कार्रवाई (Pahalgam Revenge) का तरीका, टारगेट, और समय क्या होगा। एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया, “यह सवाल अब यह नहीं है कि सैन्य कार्रवाई होगी या नहीं, बल्कि यह है कि यह कब होगी। हमारा जवाब जल्दबाजी में नहीं, बल्कि सोच-समझकर, विश्वसनीय और सधी हुई रणनीति के साथ दिया जाएगा। हम बड़े युद्ध की तरफ नहीं जाएंगे।”

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पाकिस्तान की जवाबी हमले की धमकी

पाकिस्तान ने भारत को कड़ी चेतावनी दी है। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि अगर भारत ने कोई हमला किया, तो उसका जवाब बहुत सख्त होगा। पाकिस्तान ने अपनी सेना को अलर्ट पर रखा है और अपनी पूरे एय़र डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है। एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि पिछले छह दिनों से LoC पर दोनों देशों (Pahalgam Revenge) की सेनाओं के बीच लगातार गोलीबारी हो रही है। पाकिस्तान कुपवाड़ा, बारामूला, उरी से लेकर नौशेरा, सुंदरबानी, अखनूर और पुंछ में सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। इतना ही नहीं, जम्मू में 198 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर भी गोलीबारी शुरू हो गई है।

29 अप्रैल को भारतीय सेना ने डीजीएमओ हॉटलाइन के जरिए पाकिस्तानी सेना (Pahalgam Revenge) को चेतावनी दी कि वह LoC पर “बिना उकसावे की गोलीबारी” बंद करे। लेकिन रात में पाकिस्तानी सेना ने फिर सीजफायर तोड़ा। उसने जम्मू के परगवाल सेक्टर में गोलीबारी शुरू कर दी। जिसका भारतीय सेना ने दोगुनी ताकत से जवाब दिया। एक अधिकारी ने कहा, “हमारी सेना हर सीजफायर उल्लंघन का मुंहतोड़ जवाब दे रही है।”

LoC पार किए बिना हमला

भारत की सैन्य रणनीति (Pahalgam Revenge) इस बार साफ है, जवाबी कार्रवाई LoC पार किए बिना होगी, ताकि बड़ा युद्ध न छिड़े। इसके लिए लंबी दूरी के हथियारों का इस्तेमाल किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत 155 मिमी आर्टिलरी गन, 120 मिमी मोर्टार, और एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों से पाकिस्तानी सेना के ठिकानों और “आतंकी लॉन्च पैड्स” पर हमला कर सकता है। ये लॉन्च पैड LoC के पास बने हैं, जहां से आतंकी भारत में घुसपैठ करते हैं।

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अधिकारी ने कहा, “LoC पार किए बिना भी हम लंबी दूरी के हथियारों से पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। हमें खबरें मिली हैं कि पाकिस्तानी सेना के पास 155 मिमी आर्टिलरी गोले की कमी है। उन्होंने अपना रिजर्व स्टॉक तीसरे पक्ष के जरिए यूक्रेन भेजा है, ताकि वे पैसे कमा सकें।” इसका मतलब है कि भारत की इस रणनीति से पाकिस्तानी सेना पर दबाव बढ़ सकता है।

भारत के पास और क्या हैं विकल्प

भारत के पास और भी सैन्य विकल्प हैं, जो सधी हुई कार्रवाई (Pahalgam Revenge) के तहत इस्तेमाल किए जा सकते हैं। एक विकल्प है सर्जिकल स्ट्राइक, जैसी 2016 में उरी हमले के बाद की गई थी। उरी में 19 भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद भारतीय सेना की पैरा-स्पेशल फोर्स ने LoC के पास चार अलग-अलग जगहों पर आतंकी लॉन्च पैड्स को नष्ट कर दिया था। इस बार भी ऐसी कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें छोटे पैमाने पर सीमा पार जाकर हमले किए जाएं।

दूसरा विकल्प है हवाई हमले, जैसा 2019 में बालाकोट (Pahalgam Revenge) में किया गया था। बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के आतंकी ठिकाने पर भारतीय वायु सेना (IAF) ने हमला किया था। एक सैन्य अधिकारी ने बताया कि इस बार वायु सेना के पास पहले से ज्यादा ताकतवर हथियार और विमान हैं। 2019 में बालाकोट हमले के दौरान वायु सेना के पास 4.5 जेनरेशन राफेल फाइटर जेट्स नहीं थे, लेकिन अब वे मौजूद हैं। इसके अलावा, मिराज-2000, सुखोई-30 MKI जैसे विमान फ्रांस की ‘स्काल्प’ एयर-टु-ग्राउंड क्रूज मिसाइल, इजरायल की क्रिस्टल मेज मिसाइल, और स्पाइस-2000 प्रिसिजन गाइडेड बम से लैस हैं।

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अधिकारी ने कहा, “इस बार टारगेट JeM का मुख्यालय बहावलपुर या LeT का मुख्यालय मुरिदके हो सकता है। ये दोनों संगठन पहलगाम हमले में शामिल थे।” लेकिन हवाई हमले एक जोखिम भरा कदम हो सकता है, क्योंकि इससे तनाव बढ़ने की आशंका है।

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पाकिस्तान को हमले का डर

पाकिस्तान को भारत की जवाबी कार्रवाई (Pahalgam Revenge) का डर सता रहा है। उसने अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है और अपने एय़र डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है। लेकिन भारत की रणनीति साफ है – जवाबी कार्रवाई सधी हुई होगी, ताकि बड़ा युद्ध न छिड़े। भारत का मकसद पाकिस्तान को यह संदेश देना है कि वह आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा, लेकिन साथ ही वह तनाव को बढ़ने से रोकना चाहता है।

Author

  • herry passport

    हरेंद्र चौधरी रक्षा पत्रकारिता (Defence Journalism) में सक्रिय हैं और RakshaSamachar.com से जुड़े हैं। वे लंबे समय से भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना से जुड़ी रणनीतिक खबरों, रक्षा नीतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मुद्दों को कवर कर रहे हैं। पत्रकारिता के अपने करियर में हरेंद्र ने संसद की गतिविधियों, सैन्य अभियानों, भारत-पाक और भारत-चीन सीमा विवाद, रक्षा खरीद और ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजनाओं पर विस्तृत लेख लिखे हैं। वे रक्षा मामलों की गहरी समझ और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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