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ऑपरेशन सिंदूर के बाद कैसे बदली IAF की सोच, नेत्र के बाद वायुसेना चाहती है ऐसा AEW&C जो 700 किमी की रेंज और AI...

पिछले डेढ़ साल में हवाई युद्ध की प्रकृति तेजी से बदली है। अब केवल लड़ाकू विमानों पर नजर रखना ही काफी नहीं माना जा रहा। बल्कि छोटे ड्रोन, लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें, बैलिस्टिक मिसाइलें, हाइपरसोनिक हथियार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और नेटवर्क आधारित युद्ध ने वायुसेना की जरूरतों को पूरी तरह बदल दिया है...

डीआरडीओ का ‘नेत्र’ अब फुल कॉम्बैट रेडी, रडार से लेकर बैटल मैनेजमेंट तक संभालेगा मोर्चा

‘नेत्र’ के तीन विमान भारतीय वायुसेना की नंबर 200 स्क्वाड्रन से जुड़े हैं। यह यूनिट पंजाब के भिसियाना एयर बेस से ऑपरेट होती है। इन विमानों का इस्तेमाल एयरबोर्न सर्विलांस और बैटल मैनेजमेंट भूमिका में किया जाता है...

Explainer: ऑपरेशन सिंदूर से बालाकोट तक; कैसे DRDO नेत्र बना भारतीय वायुसेना की ‘तीसरी आंख’, जिसने दुश्मन की हर चाल की नाकामयाब?

नेत्र की सबसे बड़ी ताकत उसका स्वदेशी AESA रडार है। AESA यानी एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैनड एरे रडार आज दुनिया की सबसे आधुनिक रडार तकनीकों में गिना जाता है...

हवाई निगरानी मजबूत करने की तैयारी में वायुसेना, छह अवाक्स विमानों के लिए जारी की RFI

वायुसेना ने यह भी शर्त रखी है कि अवॉक्स विमान ऐसे एयरफील्ड से भी ऑपरेट करने में सक्षम हों, जो करीब 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित हों...

Russia R-37M Deal: भारतीय वायुसेना का सुखोई-30 होगा अवॉक्स किलर मिसाइलों से लैस? इन अल्ट्रा लॉन्ग-रेंज मिसाइलों के आगे कांपेंगे पाकिस्तानी जेट

आर-37एम को रूसी वायुसेना ने पहले ही अपने सुखोई-35 और सुखोई-57 फाइटर जेट पर तैनात कर रखा है। यह मिसाइल हाइपरसोनिक स्पीड यानी मैक 6 (लगभग 7400 किमी/घंटा) तक उड़ान भर सकती है...

IAF AWACS: भारत बनाएगा अपना एयरबोर्न राडार सिस्टम, हवा में ‘उड़ता राडार’ आसमान से दुश्मनों पर नजर रखेगा

IAF AWACS: भारतीय वायुसेना को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने हाल ही में 20,000 करोड़ रुपये...

Post Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय वायुसेना को और ताकतवर बनाने की तैयारी, DAC की बैठक में हो सकते हैं ये बड़े...

Post Operation Sindoor: पिछले महीने हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की वायुसेना (IAF) खुद को और मजबूत बनाने...