📍कोच्चि | 27 Oct, 2025, 5:49 PM
INS Ikshak commissioning: भारतीय नौसेना स्वदेशी सर्वे वेसल आईएनएस इक्षक को 6 नवंबर को कोच्चि नौसैनिक अड्डे पर आधिकारिक रूप से कमीशन करने जा रही है। इक्षक नौसेना के सर्वे वेसल (लॉर्ज) कैटेगरी का तीसरा जहाज है, जो पूरी तरह से भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है। इससे देश को हाइड्रोग्राफी सेक्टर में मजबूती मिलेगी।
आईएनएस इक्षक को कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ने भारतीय नौसेना के डायरेक्टरेट ऑफ शिप प्रोडक्शन और वॉरशिप ओवरसीइंग टीम की निगरानी में तैयार किया है। इसमें 85 फीसदी से ज्यादा स्वदेशी सामग्री और तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
समुद्री सर्वे से लेकर आपदा राहत तक सक्षम इक्षक
आईएनएस इक्षक का मुख्य काम समुद्री मानचित्रण, समुद्र की गहराई मापना, नौवहन मार्ग सुरक्षा और तटीय इलाकों के लिए रियल-टाइम डेटा संग्रह करना है। इसके अलावा यह जहाज आपातकालीन स्थिति में ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ (एचएडीआर) और हॉस्टिपल शिप के तौर पर भी काम कर सकता है।
CHARTING A NEW COURSE! ⚓
The Indian Navy is set to commission ‘IKSHAK’, the third indigenously built Survey Vessel (Large), on 06 November 2025 at Naval Base, Kochi.
This commissioning, presided over by Admiral Dinesh K Tripathi, Chief of the Naval Staff, marks another major… pic.twitter.com/Euw6poBO4H— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) October 27, 2025
इक्षक को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इसमें मल्टी-बीम इको साउंडर, ऑटोमेटेड सर्वे सिस्टम, एयूवी लॉन्च क्षमता और पर्यावरण-अनुकूल प्रोपल्शन सिस्टम लगाया गया है।
खास बात यह है कि यह जहाज नौसेना का पहला सर्वे वेसल है जिसमें महिलाओं के लिए अलग और आधुनिक आवास व्यवस्था है।
क्या है ‘इक्षक’ का मतलब
‘इक्षक’ का मतलब है “मार्गदर्शक” या “द गाइड”। इस जहाज का उद्देश्य भी यही है। समुद्र की अनजानी राहों को मापना, सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करना और भारत की समुद्री शक्ति को मजबूती देना।
इक्षक से पहले, इसी वर्ग के दो अन्य जहाज आईएनएस संदेश (2021) और आईएनएस निर्देशक (2024) पहले ही भारतीय नौसेना में शामिल हो चुके हैं। इक्षक के जुड़ने के बाद भारत की हाइड्रोग्राफी क्षमता 100 फीसदी स्वदेशी हो जाएगी।



