📍नई दिल्ली | 3 Jan, 2026, 5:40 PM
NCC Drone Training Initiative: ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेनाएं ड्रोन पर फोकस कर रही हैं। जहां सेना ने हर बटालियन में ड्रोन से लैस अश्नि ड्रोन प्लाटून बनाई हैं, तो वहीं राष्ट्रीय कैडेट कोर यानी एनसीसी भी ड्रोन को लेकर बड़ी तैयारी कर रही है। एनसीसी का फोकस बड़ी स्तर पर कैडेट्स को ड्रोन की ट्रेनिंग देने का है। इसके लिए एनसीसी ने देश में चार से पांच रीजनल ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर बनाने का टारगेट रखा है, जहां कैडेट्स को ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम की ट्रेनिंग दी जाएगी।
NCC Drone Training Initiative: रीजनल ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर बनएगी एनसीसी
राजधानी दिल्ली में एनसीसी रिपब्लिक डे कैंप-2026 के आयोजन के मौके पर एनसीसी के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने बताया कि ड्रोन ट्रेनिंग एनसीसी के मुख्य फोकस क्षेत्रों में से एक है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन के ड्रोन के बारे में खबरें आई थीं, और ड्रोन वॉरफेयर को एक उभरते हुए क्षेत्र के तौर पर देखा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एनसीसी देश में चार से पांच रीजनल ड्रोन ट्रेनिंग बनाएगी, जहां कैडेट्स को ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम की ट्रेनिंग दी जाएगी। लेफ्टिनेंट जनरल वत्स के मुताबिक यह ट्रेनिंग सेना के साथ मिल कर दी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर कैडेट ड्रोन ऑपरेटरों और एंटी-ड्रोन के इस्तेमाल में सेना की मदद कर सकें।
दुनियाभर में ड्रोन को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है, इसलिए, एनसीसी ड्रोन, साइबर और इनफॉरमेशन वॉरफेयर पर फोकस कर रही है। लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने बताया कि एनसीसी कैडेट्स को बेसिक मिलिट्री स्किल्स दे रहा है, जिसमें खास तौर पर ड्रोन और साइबर मुद्दों से जुड़ी ट्रेनिंग शामिल है। यह फोकस ड्रोन को हथियार बनाने के ग्लोबल ट्रेंड और साइबर डिफेंस की आम अहमियत की वजह से है, जैसा कि दूसरी टेक्नोलॉजी के साथ होता है। (NCC Drone Training Initiative)

NCC Drone Training Initiative: ड्रोन टेक्नोलॉजी इनिशिएटिव के तहत ट्रेनिंग
ड्रोन टेक्नोलॉजी इनिशिएटिव का मकसद कैडेट्स को ड्रोन से जुड़ी आधुनिक स्किल्स सिखाना है, ताकि वे भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार हो सकें। इसके तहत कैडेट्स को ड्रोन उड़ाने के साथ-साथ उसकी असेंबली, देखभाल और अलग-अलग क्षेत्रों में उपयोग की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस ट्रेनिंग में कैडेट्स को सबसे पहले ड्रोन और यूएवी की बुनियादी जानकारी दी जाती है। इसके बाद उन्हें ड्रोन के अलग-अलग पार्ट्स, उनकी कार्यप्रणाली और असेंबली के बारे में सिखाया जाता है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ड्रोन उड़ाने से जुड़े नियम, सेफ्टी प्रोसीजर और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स भी समझाए जाते हैं। कैडेट्स को उड़ान के सिद्धांत और एयरोडायनामिक्स की बेसिक जानकारी दी जाती है, ताकि वे ड्रोन की उड़ान को बेहतर तरीके से समझ सकें। (NCC Drone Training Initiative)
ट्रेनिंग के दौरान पहले सिमुलेटर के जरिए अभ्यास कराया जाता है और फिर असली ड्रोन उड़ाने का मौका दिया जाता है। इसके साथ ही ड्रोन की मेंटेनेंस और तकनीकी दिक्कतों को दूर करने की ट्रेनिंग भी शामिल है। कैडेट्स को अलग-अलग प्रतियोगिताओं और प्रैक्टिकल एक्टिविटीज में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिससे उनका आत्मविश्वास और स्किल्स दोनों बढ़ेंगे।
एनसीसी ने कैडेट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जोड़ने की भी व्यवस्था की है, ताकि वे ड्रोन से जुड़े नियमों, रजिस्ट्रेशन और सर्टिफिकेशन की सही जानकारी हासिल कर सकें। इस पहल का उद्देश्य ड्रोन को आपदा प्रबंधन, खोज-बचाव, निगरानी, कृषि और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में उपयोगी बनाना है।
एनसीसी का मानना है कि इस इनिशिएटिव से कैडेट्स को नए करियर विकल्प मिलेंगे और वे स्टार्टअप, सरकारी और तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ सकेंगे। यह पहल युवाओं को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने और भविष्य के भारत के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। (NCC Drone Training Initiative)
NCC Drone Training Initiative: 10,000 साइबर वॉरियर्स तैयार होंगे
डीजी एनसीसी ने बताया कि ड्रोन के अलावा एनसीसी साइबर पर फोकस कर रही है। उन्होंने बताया कि सभी 20 लाख कैडेट्स को साइबर मुद्दों की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस ट्रेनिंग में देश भर में लैब स्थापित करना शामिल है।
उन्होंने बताया, एनसीसी कैडेट्स को साइबर ट्रेनिंग का मकसद उन्हें साइबर खतरों के खिलाफ “पहली डिफेंस लाइन” के तौर पर तैयार करना है। इसके लिए पहले साल में 10,000 साइबर वॉरियर्स तैयार किए जाएंगे। ये वॉरियर्स साइबर नेटवर्क की सुरक्षा में मदद करेंगे। एक से चार हफ्तों की विशेष साइबर ट्रेनिंग के बाद, इन साइबर वॉरियर्स को एक राष्ट्रीय डेटाबेस से जोड़ा जाएगा ताकि अगर हमारे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को कोई खतरा होता है, जरूरत पड़ने पर वे देश के साइबर नेटवर्क की सुरक्षा कर सकें। (NCC Drone Training Initiative)
NCC Drone Training Initiative: सोशल मीडिया पर अफवाहें रोकेगी एनसीसी
इनफॉरमेशन वॉरफेयर पर बोलते हुए डीजी एनसीसी ने यूक्रेन युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा, “हर चीज को हथियार बनाया जा रहा है,” इसमें इनफॉरमेशन भी शामिल हैं। इसमें सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें और बांटने वाले एजेंडा फैलाना शामिल है, जिसका किसी देश पर बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर अफवाहें रोकने में भी अब एनसीसी अपना रोल अदा करेगी। (NCC Drone Training Initiative)




