📍नई दिल्ली/मनाली | 3 Jul, 2026, 11:23 AM
Indian Army Atal Tunnel World Record: भारतीय सेना के कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स की मशहूर मोटरसाइकिल डिस्प्ले टीम ‘डेयर डेविल्स’ ने हिमाचल प्रदेश की अटल टनल में एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। 1 जुलाई को 10 सैनिकों ने केवल दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर करीब 9.8 किलोमीटर लंबे मार्ग को 9 मिनट 47.97 सेकंड में पूरा किया। यह प्रदर्शन समुद्र तल से लगभग 10,075 फीट की ऊंचाई पर स्थित अटल टनल में किया गया।
Indian Army Atal Tunnel World Record: अटल टनल में किया प्रदर्शन
अटल टनल दुनिया की सबसे लंबी हाईवे टनलों में शामिल है, जो 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित है। इतनी ऊंचाई पर हवा में ऑक्सीजन का स्तर सामान्य इलाकों की तुलना में कम होता है।
वहीं, 10 सैनिकों का केवल दो मोटरसाइकिलों पर विशेष फॉर्मेशन बनाकर पूरे मार्ग को तय करना आसान नहीं था। प्रत्येक मोटरसाइकिल पर पांच-पांच जवानों ने संतुलन बनाए रखा। पूरी यात्रा के दौरान राइडरों को एक जैसी गति, सही दूरी और सटीक बैलेंस बनाए रखना पड़ा ताकि फॉर्मेशन कहीं भी न टूटे।
सूत्रों के मुताबिक इस प्रदर्शन के लिए कई महीनों तक प्रैक्टिस की गई थी।
‘व्हील्स ऑफ वैलर: संचार शक्ति’ अभियान का हिस्सा
सूत्रों के अनुसार यह रिकॉर्ड प्रयास कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स के राष्ट्रव्यापी ‘व्हील्स ऑफ वैलर: संचार शक्ति’ अभियान का हिस्सा है। यह अभियान कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।
अभियान के दौरान टीम देश के विभिन्न सैन्य ठिकानों, युद्ध स्मारकों, शैक्षणिक संस्थानों और राष्ट्रीय महत्व के स्थानों तक पहुंच रही है। इसका उद्देश्य सेना के इतिहास, अनुशासन और राष्ट्रीय सेवा के संदेश को युवाओं तक पहुंचाना है।
सूत्रों के मुताबिक अभियान 30 जून को पलचान पहुंचा था और अगले दिन अटल टनल में इस रिकॉर्ड की कोशिशों को अंजाम दिया गया। (Indian Army Atal Tunnel World Record)
सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ पूरा आयोजन
सूत्रों ने बताया कि इस पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। आयोजन से पहले रास्ते का तकनीकी निरीक्षण किया गया और सभी ऑपरेशनल तथा सुरक्षा मानकों का पालन किया गया।
इस दौरान जिला प्रशासन, हिमाचल प्रदेश पुलिस, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ), प्रोजेक्ट योजक, प्रोजेक्ट दीपक और 38 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स समेत एजेंसियों ने यह सुनिश्चित किया कि प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की सुरक्षा संबंधी समस्या न आए।
सूत्रों के अनुसार सिग्नल ऑफिसर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल विवेक डोगरा ने इस सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगी एजेंसियों का आभार भी व्यक्त किया। (Indian Army Atal Tunnel World Record)

डेयर डेविल्स टीम का रिकॉर्ड बनाने का लंबा इतिहास
भारतीय सेना की डेयर डेविल्स टीम दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित सैन्य मोटरसाइकिल डिस्प्ले टीमों में गिनी जाती है। टीम के नाम पहले से ही कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज हैं।
साल 2001 में टीम ने 10 मोटरसाइकिलों पर 201 सैनिकों का मानव पिरामिड बनाकर रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद जनवरी 2025 में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कर्तव्य पथ पर सात मोटरसाइकिलों पर 40 सैनिकों ने लगभग 20.4 फीट ऊंचा मानव पिरामिड बनाते हुए करीब दो किलोमीटर तक सफर किया था। इस उपलब्धि को भी अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड बुक्स में भी दर्ज किया गया है।
सूत्रों के अनुसार टीम के नाम अब तक 33 से अधिक रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनमें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स शामिल हैं। (Indian Army Atal Tunnel World Record)
केवल प्रदर्शन नहीं, सैन्य कौशल की परीक्षा भी
इस तरह के मोटरसाइकिल प्रदर्शन केवल साहस दिखाने के लिए नहीं किए जाते। इनके पीछे सैनिकों की शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती, संतुलन, नेतृत्व और सामूहिक समन्वय को विकसित करने का उद्देश्य भी होता है।
विशेष फॉर्मेशन में कई सैनिकों का एक साथ चलना, हर पल संतुलन बनाए रखना और सीमित जगह में निर्धारित गति बनाए रखना अत्यंत कठिन अभ्यास माना जाता है। किसी भी छोटी गलती से पूरा फॉर्मेशन प्रभावित हो सकता है।
इसी कारण इस प्रकार के प्रदर्शन से पहले लंबी अवधि तक लगातार प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें मोटरसाइकिल नियंत्रण, फॉर्मेशन ड्रिल, आपातकालीन प्रतिक्रिया और सुरक्षा प्रक्रियाओं का अभ्यास कराया जाता है। (Indian Army Atal Tunnel World Record)
कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स की भूमिका भी है खास
भारतीय सेना का कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स युद्धक्षेत्र में सुरक्षित और तेज संचार व्यवस्था उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निभाता है। आधुनिक सैन्य अभियानों में कमांडरों, विभिन्न सैन्य इकाइयों और हथियार प्रणालियों के बीच रीयल-टाइम सूचना का आदान-प्रदान इसी शाखा के माध्यम से होता है।
इसी वजह से कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स का ध्येय वाक्य “स्विफ्ट, सिक्योर एंड कनेक्टेड” माना जाता है। सेना का कहना है कि रोमांचक गतिविधियों के माध्यम से सैनिकों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत किया जाता है।
बता दें कि अटल टनल रोहतांग दर्रे के नीचे बनाई गई है और यह मनाली को लाहौल-स्पीति तथा आगे लेह-लद्दाख क्षेत्र से जोड़ती है। इस सुरंग के बनने से पूरे वर्ष सड़क संपर्क बनाए रखना संभव हुआ है।
यह सड़क भारतीय सेना के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे ऊंचाई वाले सीमावर्ती क्षेत्रों तक सैनिकों और सैन्य सामग्री की आवाजाही पहले की तुलना में अधिक तेज और सुगम हो गई है। (Indian Army Atal Tunnel World Record)
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