📍नई दिल्ली | 18 Nov, 2025, 9:54 PM
India-Germany Defence ties: जर्मनी अगले साल देश में होने वाली दो प्रमुख एक्सरसाइज तरंगशक्ति और मिलन में शामिल होगा। जर्मनी ने एयरफोर्स और नेवी की इन दोनों एक्सरसाइज में शामिल होने की मंजूरी दे दी है। मंगलवार को भारत और जर्मनी के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए नई दिल्ली में इंडिया-जर्मनी हाई डिफेंस कमेटी मीटिंग का आयोजन हुआ था। इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह और जर्मनी के स्टेट सेक्रेटरी ऑफ मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस येंस प्लॉटनर ने की।
बैठक में दोनों देशों के बीच सुरक्षा और रक्षा सहयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें को-डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया, ताकि भविष्य में डिफेंस इक्विपमेंट्स को मिलकर डेवलप किया जा सके।
India-Germany Defence ties
इस बैठक में जर्मनी ने भारत में होने वाली दो सबसे बड़े मल्टीनेशनल मिलिट्री एक्सरसाइज में शामिल होने को लेकर सहमति जताई। इनमें तरंग शक्ति 2026 भारतीय वायुसेना की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल एयर कॉम्बैट एक्सरसाइज है। जर्मनी ने 2026 में इसमें भाग लेने की पुष्टि की है। इस एक्सरसाइज में दुनिया भर की वायुसेनाएं शामिल होती हैं। जर्मनी की भागीदारी दोनों देशों की एयर-टू-एयर इंटरऑपरेबिलिटी को और मजबूत करेगी।
🇮🇳🤝🇩🇪 India–Germany Defence Talks: Big Update on Upcoming Military Exercises
India and Germany today held the High Defence Committee meeting in New Delhi, led by Defence Secretary Rajesh Kumar Singh and German MoD State Secretary Jens Plötner.
The major highlight:
✨ Germany…— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) November 18, 2025
वहीं, मिलन 2026 भारतीय नौसेना की बड़ी मल्टीनेशनल नेवल एक्सरसाइज है, जिसमें कई देश हिस्सा लेते हैं। जर्मनी पहली बार इसमें शामिल होगा। इससे समुद्री सुरक्षा और मैरिटाइम कोऑपरेशन को नई दिशा मिलेगी। बैठक में दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि रक्षा उद्योगों खास कर निश टेक्नोलॉजी, यानी हाई-टेक रक्षा तकनीकों को एक-दूसरे से जोड़ना बेहद जरूरी है।

भारत ने जर्मनी को बताया कि हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी भूमिका फर्स्ट रिस्पॉन्डर और नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर की है। भारत का पूरा प्रयास “महासागर विजन (म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट ऑफ सिक्युरिटी एंड ग्रोथ अक्रोस रीनंस)” विजन के तहत क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर समुद्री सुरक्षा और मानवीय राहत में योगदान देना है। जर्मनी ने भारत की इस भूमिका की सराहना की।
India-Germany Defence ties दोनों देशों ने कहा कि भारत-जर्मनी संबंध साझा मूल्यों और लंबे भरोसे पर आधारित हैं। इस वर्ष दोनों देश अपनी 25वीं स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप वर्षगांठ मना रहे हैं, जो रक्षा संबंधों को और मजबूती देने का अवसर है।

