📍नई दिल्ली | 20 Dec, 2025, 10:29 PM
Defence Ministry bribery case: सीबीआई ने रक्षा मंत्रालय के डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस प्रोडक्शन से जुड़े एक बड़े रिश्वतखोरी मामले का खुलासा किया है। इस मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा को गिरफ्तार किया है। उनके साथ एक अन्य व्यक्ति विनोद कुमार को भी हिरासत में लिया गया है। यह गिरफ्तारी 20 दिसंबर को की गई, जबकि इस मामले में एफआईआर 19 दिसंबर को दर्ज की गई थी।
सीबीआई के अनुसार, लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा डिफेंस प्रोडक्शन डिपार्टमेंट में डिप्टी प्लानिंग ऑफिसर (इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड एक्सपोर्ट्स) के पद पर तैनात थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि वे लंबे समय से भ्रष्ट और अवैध गतिविधियों में शामिल थे। आरोप है कि उन्होंने डिफेंस प्रोडक्ट बनाने और उनके निर्यात से जुड़ी निजी कंपनियों के साथ मिलकर साजिश रची और बदले में उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाया। इसके एवज में उन्होंने कंपनियों से रिश्वत भी ली।
एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि इस मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल की पत्नी कर्नल काजल बाली का नाम भी सामने आया है, जो राजस्थान के श्रीगंगानगर में 16 इन्फैंट्री डिवीजन ऑर्डनेंस यूनिट की कमांडिंग ऑफिसर हैं। इसके अलावा दुबई स्थित एक कंपनी और उससे जुड़े कुछ लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सीबीआई का कहना है कि इस कंपनी के भारत में कामकाज की जिम्मेदारी बेंगलुरु में रहने वाले राजीव यादव और रवजीत सिंह संभाल रहे थे। ये दोनों लगातार लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा के संपर्क में थे और सरकारी विभागों से अपने पक्ष में फैसले कराने की कोशिश कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि 18 दिसंबर को विनोद कुमार ने इसी कंपनी के कहने पर लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा को तीन लाख रुपये की रिश्वत दी थी।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने दिल्ली, श्रीगंगानगर, बेंगलुरु और जम्मू सहित कई जगहों पर छापेमारी की। दिल्ली स्थित आवास से तीन लाख रुपये की रिश्वत में मिली रकम बरामद की गई, जबकि श्रीगंगानगर स्थित घर से करीब बारह लाख रुपये से ज्यादा की नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई। इसके अलावा नई दिल्ली में उनके दफ्तर की तलाशी भी जारी है।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। सीबीआई ने साफ किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।


