📍नई दिल्ली/चंडीगढ़ | 6 Sep, 2025, 3:32 PM
OTA Chennai POP: भारतीय सेना में सेवा और शौर्य की विरासत को आगे बढ़ाते हुए पंजाब के धडवाल परिवार ने एक नया इतिहास रच दिया है। इस परिवार की पांचवीं पीढ़ी ने वर्दी पहनकर देश की सेवा की राह चुनी है। लेफ्टिनेंट पारुल धडवाल को शनिवार को चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) से पास आउट होने के बाद भारतीय सेना की ऑर्डनेंस कोर में कमीशन मिला।
पारुल धडवाल की उपलब्धि और भी खास इसलिए है, क्योंकि उन्हें अपने कोर्स में पहला स्थान हासिल करने पर प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल से भी सम्मानित किया गया।
OTA Chennai POP: सेना में परंपरा और आधुनिकता दोनों
पंजाब के होशियारपुर जिले के जनौरी गांव की रहने वाली लेफ्टिनेंट पारुल धडवाल अपने परिवार की पहली महिला अधिकारी बनी हैं। उनकी कमीशनिंग न सिर्फ एक पारिवारिक उपलब्धि है, बल्कि यह भी बताती है कि कैसे भारतीय सेना में महिलाओं की भागीदारी तेजी सेा बढ़ रही है। वहीं पारुल ने सेना ज्वॉइन करके बता दिया है कि कैसे परंपरा और आधुनिकता का संगम आज भी भारतीय सेना में कायम है।
OTA Chennai POP: 129 साल पुरानी सैन्य विरासत
धडवाल परिवार की सैन्य परंपरा बेहद गौरवशाली रही है। इस विरासत की शुरुआत सूबेदार हरनाम सिंह से हुई, जिन्होंने 74 पंजाब रेजिमेंट में 1 जनवरी 1896 से लेकर 16 जुलाई 1924 तक सेवा दी। उनके बाद दूसरी पीढ़ी में मेजर एलएस धडवाल (3 जाट) ने देश की सेवा की।
तीसरी पीढ़ी में यह परंपरा कर्नल दलजीत सिंह धडवाल (7 जम्मू कश्मीर राइफल्स) और ब्रिगेडियर जगत जमवाल (3 कुमाऊं) ने आगे बढ़ाई। चौथी पीढ़ी में पारुल के पिता मेजर जनरल केएसधडवाल, एसएम, वीएसएम और उनके भाई कैप्टन धनंजय धडवाल (20 सिख) वर्तमान में सेवा दे रहे हैं।
🚁🇮🇳 Indian Air Force in Action!
IAF helicopters are tirelessly conducting relief operations across Punjab, Himachal & J&K.
✅ 541 people evacuated from Bharmor–Chamba
✅ 10,000+ kg relief material airlifted in Kullu & Kishtwar
The IAF remains fully committed to Humanitarian… pic.twitter.com/s5qTj5jnMA— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) September 6, 2025
OTA Chennai POP: एक ही परिवार से तीन अफसर
आज की तारीख में यह परिवार उन गिने-चुने परिवारों में शामिल है, जिनकी दो पीढ़ियों से तीन अधिकारी एक साथ सेवा में हैं। पारुल के पिता मेजर जनरल केएस धडवाल सेना मेडल और विशिष्ट सेना मेडल से सम्मानित हैं और भाई कैप्टन धनंजय धडवाल पहले से ही सेना की 20 सिख रेजीमेंट में देश की सेवा कर रहे हैं। वहीं अब कमीशन होने के बाद पारुल ने भी परिवार की इस परंपरा को आगे बढ़ाया है।
OTA Chennai POP: महिला अधिकारियों की बढ़ती भागीदारी
पारुल धडवाल की कमीशनिंग इस बात की भी गवाही है कि भारतीय सेना में महिलाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। हाल के वर्षों में महिलाओं को परमानेंट कमीशन, कॉम्बैट रोल और लीडरशिप रोल में जगह मिलने लगी है। पारुल की यह उपलब्धि देश की उन तमाम बेटियों के लिए प्रेरणा है जो सेना में करियर बनाने का सपना देखती हैं।
मिला प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल
चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी से पास आउट होना अपने आप में गौरव की बात है, लेकिन पारुल ने इससे आगे बढ़कर अपने कोर्स में प्रथम स्थान हासिल कर इतिहास भी रचा है। उन्हें इस शानदार उपलब्धि के लिए प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल से भी सम्मानित किया गया।


