📍नई दिल्ली | 23 Dec, 2025, 7:56 PM
Republic Day 2026: 2026 की गणतंत्र दिवस परेड कई मायनों में खास होगी। अगर आप 77वें गणतंत्र में जाने की सोच रहे हों, तो इस बार आपको काफी कुछ नया दिखने को मिलेगा। गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सेना की स्पेशल फोर्सेज का अंदाज बिल्कुल बदलने वाला है। इस बार कर्तव्य पथ पर कुछ ऐसा दिखेगा, जो अब तक सिर्फ फिल्मों या किसी विदेशी सेना की झलकियों में नजर आया है। बंदूकें और पुराने हथियारों तो होंगे ही, लेकिन उनके साथ-साथ अब वो आधुनिक टेक्नोलॉजी भी दिखेगी, जो आने वाले वक्त की जंग का चेहरा बदल देगी।
इस बार स्पेशल फोर्सेज रोबोटिक म्यूल्स, फर्स्ट पर्सन व्यू यानी एफपीवी ड्रोन, लोइटरिंग म्यूनिशन, अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स और लेटेस्ट इन्फैंट्री हथियारों का दम दिखाएंगी। इसका मकसद सिर्फ ताकत दिखाना नहीं है, बल्कि ये बताना भी है कि सेना अब तेजी से बदल रही है और हर नई चुनौती के लिए तैयार है। इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर की झलक भी गणतंत्र दिवस की परेड में देखने को मिल सकती है। (Republic Day 2026)
Republic Day 2026: परेड में देखने को मिल सकते हैं रोबोटिक म्यूल्स
सबसे पहले बात करते हैं रोबोटिक म्यूल्स यानी खच्चरों की। ये छोटे-छोटे रोबोटिक व्हीकल्स हैं, जो रिमोट से ऑपरेट होते हैं। भारतीय सेना में दो तरह के रोबोटिक म्यूल्स इस्तेमाल किए जा रहे हैं, पहले लॉजिस्टिक्स और दूसरे वेपन के साथ। ये म्यूल लाइट मशीन गन से लैस होंगे। लॉजिस्टिक्स म्यूल मुश्किल इलाकों में जवानों का बोझ हल्का करते हैं। पहाड़, बर्फ या घना जंगल, जवान जहां भी पैदल जाते हैं, वहां ये रोबोटिक म्यूल्स उनका साथ देते हैं। ये म्यूल्स राशन, गोला-बारूद से लेकर मेडिकल सामान तक सबकुछ ढो लेते हैं। 2024 में इन्हें स्पेशल फोर्सेज में शामिल किया गया था। हर पैरा यूनिट को पांच-पांच म्यूल मिल चुके हैं, और जल्द ही तीन और मिलने वाले हैं। परेड में ये म्यूल्स करीब 30 किलो तक का सामान लेकर चलते दिखेंगे। (Republic Day 2026)
खास बात यह होगी कि ये म्यूल्स पूरी गणतंत्र दिवस परेड में चलते हुए नहीं आएंगे बल्कि ये एक व्हीकल पर खड़े होंगे और वहीं से ही झुक कर राष्ट्रपति को सलामी देंगे। परेड में कुल आर रोबोटिक म्यूल होंगे, जिनमें चार लॉजिस्टिक म्यूल तो बाकी चार वेपन से लैस होंगे।
Republic Day 2026: एफपीवी ड्रोनों का जलवा
इसके बाद नंबर है एफपीवी यानी फर्स्ट-पर्सन व्यू ड्रोन का। नाम थोड़ा टेक्निकल है, लेकिन काम बड़ा जबरदस्त है। ऑपरेटर इन्हें ऐसे उड़ाता है जैसे वो खुद ड्रोन के अंदर बैठा हो। दुश्मन की लोकेशन देखनी हो, बंकर ढूंढने हों या सीधा हमला करना हो, ये ड्रोन सब कर सकते हैं। पिछले कुछ ऑपरेशन में साबित भी हो चुका है कि इनका साइज भले छोटा है, लेकिन असर बड़ा घातक है। अब भारतीय सेना ने इन्हें अपनी ताकत का हिस्सा बना लिया है। (Republic Day 2026)
Republic Day 2026: कामिकाजे ड्रोन और यूजीवी भी होंगे परेड में शामिल
इसके अलावा गणतंत्र दिवस परेड में लोइटरिंग म्यूनिशन या फिर कहें ‘कामिकाजे ड्रोन’ भी दिखेंगे। ये ड्रोन आसमान में घूमते रहते हैं, टारगेट मिलते ही सीधा हमला करते हैं और खुद को भी उड़ा देते हैं। नागास्त्र और जॉननेट जैसे ड्रोन ऑल-टेरेन व्हीकल्स पर लगे नजर आएंगे। इससे साफ है कि सेना अब ज्यादा सटीक और तेज असर वाले हथियारों पर फोकस कर रही है।
साथ ही यूजीवी यानी अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स भी इस बार परेड में होंगे। ये रोबोटिक गाड़ियां बिना किसी सैनिक के आगे बढ़ती हैं, इलाके की जानकारी जुटाती हैं, और कई बार हथियार से लैस होकर फायरिंग भी कर सकती हैं। स्पेशल फोर्सेज इन्हें आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, बॉर्डर पर निगरानी और दुश्मन के ठिकानों की टोह लेने के लिए इस्तेमाल कर रही हैं। (Republic Day 2026)
Republic Day 2026: दिखेंगे स्पेशल फोर्सेज के ये हथियार
अब बात हथियारों की करें तो स्पेशल फोर्सेज के पास टेक्नोलॉजी के साथ-साथ लेटेस्ट हथियार भी हैं। टैवर असॉल्ट राइफल और नई नेगेव एनजी-7 लाइट मशीन गन इस बार खास आकर्षण का केंद्र रहेंगे। नेगेव एनजी-7 को अक्टूबर 2025 में सेना में शामिल किया गया था। ये 7.62×51 मिमी कैलिबर की मशीन गन है और पहाड़ हो, रेगिस्तान या घना जंगल किसी भी हालात में भरोसेमंद मानी जाती है। (Republic Day 2026)
अगर परेड की लाइन-अप देखें तो सबसे आगे रग्ड टेरेन ट्रांसपोर्ट सिस्टम होंगे, जिन पर ड्रोन सिस्टम लगे होंगे। उनके पीछे ऑल-टेरेन व्हीकल्स में लोइटरिंग म्यूनिशन लगे नजर आएंगे। फिर हल्के स्पेशलिस्ट वाहन आएंगे, जिनमें कुछ पर भारी मशीन गन या एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम, तो कुछ सिर्फ ड्रोन और निगरानी के लिए। सबसे आखिर में रोबोटिक म्यूल्स का ग्रुप दिखाई देगा, जो दिखाएगा कि भारतीय सेना का तेजी से ट्रांसफॉर्मेशन हो रहा है। (Republic Day 2026)
ये सब सिर्फ एक परेड का हिस्सा नहीं है। ये दिखाता है कि भारतीय सेना अब पुराने स्टाइल की जंग से आगे बढ़ चुकी है। ड्रोन, रोबोट और अनमैन्ड सिस्टम अब सिर्फ सपोर्ट नहीं, असली लड़ाई का हिस्सा बन चुके हैं। ये प्रदर्शन युवाओं को भी ये समझाएगा कि अब सेना सिर्फ ताकत से नहीं, दिमाग और टेक्नोलॉजी से भी जंग लड़ रही है। (Republic Day 2026)


