📍नई दिल्ली | 15 Sep, 2025, 9:45 PM
Indian Army Freight Train: भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अपनी पहली एक्सक्लूसिव फ्रेट ट्रेन को सफलता पूर्वक चलाया। यह ट्रेन उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) पर 12–13 सितंबर को बीडी बाड़ी (बाड़ी ब्राह्मणा) से अनंतनाग तक चलाई गई। इस पहल ने न सिर्फ सेना की एडवांस विंटर स्टॉकिंग प्रक्रिया को नया आयाम दिया, बल्कि स्थानीय नागरिकों के लिए भी नए अवसर खोले।
भारतीय सेना हर साल सर्दियों से पहले अपनी यूनिट्स और फॉर्मेशंस तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए एडवांस विंटर स्टॉकिंग करती है। पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में बर्फबारी और खराब मौसम के कारण सड़क मार्ग अक्सर बंद हो जाते हैं, जिससे सेना को पहले से ही सारा सामान जमा करना पड़ता है। इस बार पहली बार इस रूट पर पर फ्रेट ट्रेन के जरिए 753 मीट्रिक टन सामग्री पहुंचाई गई।
इस ट्रेन में सेना की जरूरतों के लिए राशन, ईंधन और अन्य महत्वपूर्ण सामान शामिल था। ताकि वह ऊंचाई वाले इलाकों में भी हर मौसम में पूरी तरह तैयार रह सके।
🚆🇮🇳 Historic First! Indian Army runs its exclusive freight train on USBRL
The Udhampur–Srinagar–Baramulla Rail Link (USBRL) achieved a major milestone with the Army’s first dedicated freight train from BD Bari to Anantnag on 12–13 Sept.
📦 The train carried 753 MT of Advance… pic.twitter.com/J4nkMXbdaf— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) September 15, 2025
इस पहल की सबसे खास बात यह है कि वापसी में यही ट्रेन स्थानीय किसानों के लिए कश्मीरी सेब देश के अन्य हिस्सों तक ले जाएगी। अक्सर भूस्खलन और बाढ़ की वजह से किसानों का माल बाजार तक नहीं पहुंच पाता था और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता था। लेकिन इस पहल से किसानों को न सिर्फ राहत मिलेगी बल्कि उनकी आमदनी भी बढ़ेगी।
वहीं, भारतीय सेना का यह प्रयास स्थानीय लोगों के लिए भी उम्मीद की नई किरण लेकर आया है। अब फसल का समय पर बाजार तक पहुंचना आसान होगा और किसानों को लाइवलिहुड सिक्योरिटी यानी रोजगार की सुरक्षा मिलेगी। साथ ही, राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारतीय सेना के लिए यह फ्रेट ट्रेन सिर्फ एक साधारण लॉजिस्टिक प्रयोग नहीं है। यह हिमालयी इलाकों में उसकी ऑपरेशनल रेडीनेस को और मजबूत करती है। सर्दियों में जब रास्ते बंद हो जाते हैं, तब पहले से किया गया यह स्टॉकिंग काम आता है। अब रेल मार्ग से तेज और सुरक्षित ढंग से सामान पहुंचाकर सेना समय और संसाधनों की बचत कर रही है।

