📍जयपुर | 15 Jan, 2026, 10:20 PM
Indian Army Day 2026: जयपुर में 15 जनवरी को आयोजित 78वें भारतीय सेना दिवस समारोह के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर मौजूदा वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की ओर से दिया गया एक संतुलित सैन्य जवाब था, जिसे इतिहास में भारत के साहस, ताकत, संयम और राष्ट्रीय चरित्र के प्रतीक के रूप में याद किया जाएगा।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ की गई यह कार्रवाई पूरी योजना, गहन आकलन और मानवीय मूल्यों का ध्यान रखते हुए की गई। उन्होंने भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, अटूट समर्पण और युद्ध क्षेत्र में बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता की खुलकर सराहना की। (Indian Army Day 2026)
Indian Army Day 2026: आतंकवाद के खिलाफ भारत का स्पष्ट संदेश
राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवादी कभी यह कल्पना भी नहीं कर सकते थे कि भारतीय सेनाएं इतनी तेजी और बहादुरी के साथ जवाब देंगी। उन्होंने कहा कि सैनिकों की बहादुरी और तत्परता ने दुश्मन को किसी भी तरह की शरारत करने से रोक दिया। रक्षा मंत्री के अनुसार हालात कठिन थे और कई स्तरों पर दबाव भी था, लेकिन जिस धैर्य, एकजुटता और संयम के साथ ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया गया, वह अभूतपूर्व और सराहनीय है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और भारत के शांति प्रयास तब तक जारी रहेंगे, जब तक आतंकवादी विचारधारा का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता। (Indian Army Day 2026)
स्वदेशी हथियारों से बढ़ी आत्मनिर्भरता की ताकत
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्वदेशी हथियारों के इस्तेमाल को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता केवल गर्व का विषय नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा के लिए एक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बल इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं और देश ने आत्मनिर्भरता के रास्ते पर काफी दूरी तय कर ली है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भारतीय सशस्त्र बलों को भारत की जरूरतों के अनुसार तैयार किए गए अत्याधुनिक और स्वदेशी हथियारों तथा प्लेटफॉर्म से लैस कर रही है। रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में देश ने बड़ी छलांग लगाई है। वर्ष 2014 में जहां घरेलू रक्षा उत्पादन करीब 46 हजार करोड़ रुपये था, वहीं आज यह बढ़कर रिकॉर्ड 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह रक्षा निर्यात, जो 2014 में एक हजार करोड़ रुपये से भी कम था, आज करीब 24 हजार करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच चुका है। (Indian Army Day 2026)
सेनाओं के बीच मजबूत तालमेल जरूरी
राजनाथ सिंह ने कहा कि आज युद्ध के आयाम तेजी से बदल रहे हैं। जमीन, हवा, समुद्र, साइबर और अंतरिक्ष जैसे नए क्षेत्रों में चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसे में सेनाओं के बीच मजबूत तालमेल और आपसी समन्वय बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि इंटर-सर्विस लिंकज को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
#WATCH | #Jaipur, Rajasthan | At the 78th #ArmyDay Parade, Gen Upendra Dwivedi extends greetings to soldiers, civilians, veterans, Veer Naris and families, saying hosting Army Day in Jaipur reflects the Army’s effort to connect more closely with citizens. He notes initiatives… pic.twitter.com/lUnJgpfZhl
— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) January 15, 2026
उन्होंने भारतीय सेना की उस सोच की भी सराहना की, जिसके तहत एक सैनिक को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होने के साथ-साथ तकनीकी रूप से अपडेट रहना जरूरी माना गया है। रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया एक ऐसे दौर से गुजर रही है, जहां पुराने स्थापित विचारों को लगातार चुनौती मिल रही है। ऐसे समय में सशस्त्र बलों को और मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है। (Indian Army Day 2026)
भारतीय सेना देश की विविधता में एकता की मिसाल
रक्षा मंत्री ने भारतीय सेना को अदम्य साहस, अटूट समर्पण और बेमिसाल बलिदान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना देश की विविधता में एकता की सबसे बड़ी मिसाल है, जहां अलग-अलग संस्कृतियों और पृष्ठभूमि से आए युवा एक ही लक्ष्य के लिए एकजुट होते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना केवल एक सैन्य शक्ति नहीं है, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक मजबूत स्तंभ भी है। दुनिया की कई सेनाएं समाज से अलग होकर काम करती हैं, लेकिन भारत में सेना और आम नागरिक एक-दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा ही सेना की सबसे बड़ी ताकत है और यही भरोसे का रिश्ता राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव है। (Indian Army Day 2026)
वैश्विक शांति में भारतीय सैनिकों की भूमिका
राजनाथ सिंह ने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों में भारतीय सैनिकों के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों ने केवल शांति बनाए रखने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि अलग-अलग देशों में मेडिकल सहायता, बुनियादी ढांचे के विकास और मानवीय मदद में भी अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना दुनिया के लिए शांति का संदेशवाहक बनकर उभरी है, जिससे भारत की ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की सोच और मजबूत हुई है। (Indian Army Day 2026)
जयपुर में सेना दिवस का भव्य आयोजन
रक्षा मंत्री ने जयपुर मिलिट्री स्टेशन में सैनिकों से संवाद किया और सवाई मानसिंह स्टेडियम में आयोजित शौर्य संध्या कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में सेना की परंपरा, वीरता और ऑपरेशनल तैयारी का भव्य प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पैरामोटर शो और गुब्बारे छोड़ने के साथ हुई। कलारीपयट्टू और मल्लखंब जैसे मार्शल आर्ट और पारंपरिक खेलों ने भारतीय सेना की शारीरिक क्षमता और समृद्ध सैन्य विरासत को दर्शाया। नेपाली सेना के बैंड की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही।
शाम का समापन ऑपरेशन सिंदूर के जीवंत मंचन और शानदार ड्रोन शो के साथ हुआ, जिसने दर्शकों को रोमांचित और प्रेरित किया।
इस अवसर पर 50 नमन केंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन भी किया गया। प्रोजेक्ट नामन के तहत सेना के पूर्व सैनिकों, पेंशनर्स, वीर नारियों और उनके परिजनों को एक ही स्थान पर पेंशन सेवाएं, सरकारी सेवाएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह परियोजना स्पर्श डिजिटल पेंशन सिस्टम के तहत चलाई जा रही है। (Indian Army Day 2026)


