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यूएई में बोले सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, हाइब्रिड वॉरफेयर को बताया सबसे बड़ा खतरा, भारत-UAE मिलकर करेंगे सामना

जनरल द्विवेदी ने कहा कि आज की लड़ाइयां सिर्फ सीमा पर आमने-सामने की टक्कर तक सीमित नहीं रह गई हैं। अब युद्ध में टेक्नोलॉजी, सूचना, साइबर स्पेस, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर की भूमिका लगातार बढ़ रही है...

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📍अबू धाबी/नई दिल्ली | 6 Jan, 2026, 8:04 PM

India UAE defence cooperation: भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का कहना है, “आज की जंग सिर्फ सीमा पर आमने-सामने की लड़ाई की नहीं रही, बल्कि यह टेक्नोलॉजी, सूचना, साइबर स्पेस और तुरंत फैसलों की जंग बन चुकी है।” 5-6 जनवरी तक संयुक्त अरब अमीरात दौरे पर पहुंचे जनरल उपेंद्र द्विवेदी का यह संबोधन ऐसे समय में हुआ है, जब दुनिया भर में सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं और आधुनिक युद्ध का स्वरूप पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो चुका है।

संयुक्त अरब अमीरात के यूएई नेशनल डिफेंस कॉलेज में अधिकारियों को संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि आज की लड़ाइयां सिर्फ सीमा पर आमने-सामने की टक्कर तक सीमित नहीं रह गई हैं। अब युद्ध में टेक्नोलॉजी, सूचना, साइबर स्पेस, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सेनाओं को केवल हथियारों से नहीं, बल्कि सोच, ट्रेनिंग और सहयोग से भी मजबूत होना होगा। (India UAE defence cooperation)

India UAE defence cooperation
Indian Army Chief Gen Upendra Dwivedi Addresses UAE National Defence College

थल सेना प्रमुख ने कहा कि मौजूदा वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य बेहद अनिश्चित हो गया है। कई क्षेत्रों में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहे हैं, नए तरह के खतरे सामने आ रहे हैं और पारंपरिक वॉरफेयर के साथ-साथ हाइब्रिड वॉरफेयर का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने अधिकारियों को यह समझाया कि आज का दुश्मन हमेशा वर्दी में सामने खड़ा नहीं होता, बल्कि कई बार वह साइबर अटैक, फेक इंफॉर्मेशन, ड्रोन या प्रॉक्सी ग्रुप्स के जरिए नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है। (India UAE defence cooperation)

India UAE defence cooperation: आधुनिक युद्ध में टेक्नोलॉजी की भूमिका

जनरल द्विवेदी ने आधुनिक युद्ध में टेक्नोलॉजी को “गेम चेंजर” बताया। उन्होंने कहा कि ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी, रियल-टाइम इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सैन्य ऑपरेशंस का अहम हिस्सा बन चुके हैं। भविष्य की सेनाएं वही होंगी जो टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाने और उसे जमीनी हालात के मुताबिक इस्तेमाल करने में सक्षम होंगी।

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उन्होंने यह भी कहा कि टेक्नोलॉजी सिर्फ हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि लॉजिस्टिक्स, ट्रेनिंग, कमांड एंड कंट्रोल और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी इसका बड़ा रोल है। सही जानकारी सही समय पर मिलना आज की जंग में सबसे बड़ी ताकत बन चुका है। (India UAE defence cooperation)

India UAE defence cooperation
Indian Army Chief Gen Upendra Dwivedi Addresses UAE National Defence College

वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर जोर

अपने संबोधन में थल सेना प्रमुख ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की नेतृत्व भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते युद्ध के माहौल में लीडरशिप की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। एक अच्छा मिलिटरी लीडर वही होता है जो अपने जवानों को नई चुनौतियों के लिए तैयार करे, उनमें आत्मविश्वास पैदा करे और तकनीक व परंपरा के बीच संतुलन बनाए रखे।

उन्होंने कहा कि आज के अधिकारी को सिर्फ मैदान में नहीं, बल्कि रणनीतिक सोच, इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में भी दक्ष होना चाहिए। (India UAE defence cooperation)

भारत-यूएई रक्षा सहयोग की अहमियत

जनरल द्विवेदी ने भारत और यूएई के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत और यूएई दोनों ही देश शांति, स्थिरता और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में विश्वास रखते हैं। ऐसे में दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय और बहुपक्षीय रक्षा सहयोग न सिर्फ आपसी हितों को मजबूत करता है, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को भी बढ़ावा देता है।

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उन्होंने संयुक्त सैन्य अभ्यास, ट्रेनिंग एक्सचेंज, डिफेंस एजुकेशन और मिलिटरी डॉयलॉग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर भी बल दिया। उनका कहना था कि सहयोगी प्रयासों से सेनाएं एक-दूसरे के अनुभवों से सीख सकती हैं और भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तैयारी कर सकती हैं। (India UAE defence cooperation)

इससे पहले यूएई पहुंचने पर उन्हें यूएई लैंड फोर्सेस की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। उन्होंने वहां के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से मुलाकात कर ट्रेनिंग, मिलिटरी स्ट्रक्चर और भविष्य के सहयोग पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने यूएई लैंड फोर्सेस म्यूजियम का भी दौरा किया, जहां यूएई की सैन्य परंपराओं और इतिहास की जानकारी ली। (India UAE defence cooperation)

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Indian Army Chief Gen Upendra Dwivedi Addresses UAE National Defence College

अब श्रीलंका जाएंगे थल सेना प्रमुख

यूएई दौरे के बाद थल सेना प्रमुख 7-8 जनवरी तक श्रीलंका की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। जहां वे श्रीलंका की सीनियर मिलिट्री और सिविल लीडरशिप से मुलाकात करेंगे। बातचीत के दौरान ट्रेनिंग कॉपरेशन, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। अपने श्रीलंका दौरे के दौरान भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी वहां के डिफेंस सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज में अधिकारियों को संबोधित करेंगे। इस दौरान वे आधुनिक सैन्य चुनौतियों, प्रशिक्षण और नेतृत्व से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। इसके साथ ही जनरल द्विवेदी आर्मी वॉर कॉलेज बुट्टाला भी जाएंगे, जहां वे ट्रेनिंग ले रहे अधिकारियों और जवानों से सीधे संवाद करेंगे और उनके अनुभवों को जानेंगे। (India UAE defence cooperation)

इस दौरे का एक भावनात्मक और महत्वपूर्ण पहलू भी होगा। सेना प्रमुख श्रीलंका में आईपीकेएफ वॉर मेमोरियल पर जाकर इंडियन पीस कीपिंग फोर्स के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। यह स्मारक उन भारतीय सैनिकों की कुर्बानी की याद दिलाता है, जिन्होंने श्रीलंका में शांति स्थापना के दौरान अपने प्राण न्योछावर किए थे।

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भारत और श्रीलंका के बीच रक्षा प्रशिक्षण और सैन्य शिक्षा को लेकर सहयोग लंबे समय से चला आ रहा है। दोनों देशों के बीच यह साझेदारी केवल औपचारिक नहीं, बल्कि भरोसे और आपसी समझ पर आधारित है। श्रीलंका के कई कैडेट और अधिकारी भारत में नेशनल डिफेंस अकादमी, इंडियन मिलिट्री अकादमी और ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। खासतौर पर श्रीलंकाई सेना के कैडेट भारत में प्री-कमीशनिंग ट्रेनिंग लेकर अपने सैन्य करियर की मजबूत नींव रखते हैं।

यह लगातार जारी प्रशिक्षण सहयोग दोनों देशों की सेनाओं के बीच पेशेवर समझ, आपसी तालमेल और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। (India UAE defence cooperation)

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  • News Desk

    रक्षा समाचार न्यूज डेस्क भारत की अग्रणी हिंदी रक्षा समाचार टीम है, जो Indian Army, Navy, Air Force, DRDO, रक्षा उपकरण, युद्ध रणनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक खबरें पेश करती है। हम लाते हैं सटीक, सरल और अपडेटेड Defence News in Hindi। हमारा उद्देश्य है – "हर खबर, देश की रक्षा से जुड़ी।"

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