📍जैसलमेर, राजस्थान | 13 Nov, 2025, 1:18 PM
Exercise Akhand Prahaar: भारतीय सेना की सदर्न कमांड ने रेगिस्तान क्षेत्र में ‘एक्सरसाइज अखंड प्रहार’ में हिस्सा लिया। यह अभ्यास ट्राई सर्विस युद्धाभ्यास ‘एक्सरसाइज त्रिशूल 2025’ का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य विभिन्न सेनाओं के बीच जॉइंट ऑपरेशन और कॉर्डिनेशन को परखना था।
Exercise Akhand Prahaar
इस अभ्यास में सदर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने ‘कोणार्क कॉर्प्स’ की युद्ध तैयारी की समीक्षा की। अभ्यास के दौरान सभी हथियारों और सेवाओं की संयुक्त कार्रवाई का प्रदर्शन किया गया, जिसमें मैकेनाइज्ड फॉर्मेशन, इन्फैंट्री मूवमेंट्स, और आर्मी एविएशन के साथ हेलीकॉप्टर अटैक मिशन शामिल रहे।

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने बताया कि इस अभ्यास में ‘रुद्र ब्रिगेड’ ने अपनी पूरी ऑपरेशनल क्षमता साबित की। उन्होंने कहा, “रुद्र हाल ही में गठित एक इंटीग्रेटेड ऑल आर्म्स ब्रिगेड है, जो इन्फैंट्री, आर्मर्ड, मैकेनाइज्ड और एयर डिफेंस आर्टिलरी ऑपरेशंस के लिए तैयार है। रुद्र का अर्थ भगवान शिव से जुड़ा है, जो शक्ति और प्रचंडता का प्रतीक है।”
🔶 #ExerciseAkhandPrahaar | Power. Precision. Partnership.
The #SouthernCommand of the #IndianArmy successfully conducted Exercise Akhand Prahaar in the Desert Sector as part of Tri-Services Exercise #Trishul2025.
Led by Lt Gen Dhiraj Seth, PVSM, AVSM, the exercise showcased the… pic.twitter.com/OiXZ2rJq9N— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) November 13, 2025
अभ्यास में भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। वायुसेना के फाइटर एयरक्राफ्ट ने लैंड फोर्सेस को सपोर्ट करते हुए फाइटर ग्राउंड अटैक मिशन पूरे किए।
‘अखंड प्रहार’ ने यह भी दिखाया कि भारतीय सेना किस तरह आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही है। अभ्यास के दौरान स्वदेशी ड्रोन, अनमैन्ड सिस्टम्स, काउंटर-ड्रोन सिस्टम्स और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर ग्रिड का इस्तेमाल किया गया।
लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने सभी सैनिकों की प्रोफेशनल कैपेसिटी, अनुशासन और समर्पण की सराहना की और कहा कि रुद्र ब्रिगेड भविष्य के जटिल युद्धक्षेत्रों में भी सफलता हासिल करेगी।


