📍नई दिल्ली | 16 Sep, 2025, 3:02 PM
LCA Mk-1A Deal: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और रक्षा मंत्रालय के बीच 97 अतिरिक्त एलसीए एमके-1ए (LCA Mk-1A) फाइटर जेट्स की खरीद के लिए 66,000 करोड़ रुपये का नया सौदा होने वाला है। लेकिन यह कॉन्ट्रैक्ट तभी साइन होगा जब एचएएल भारतीय वायुसेना को पहले से ऑर्डर किए गए 83 विमानों में से शुरुआती दो जेट सौंप देगा।
LCA Mk-1A Deal: डिलीवरी के बाद ही नया ऑर्डर
फरवरी 2021 में सरकार ने 48,000 करोड़ रुपये की लागत से 83 एलसीए एमके-1ए का ऑर्डर दिया था। वहीं, अब 97 नए फाइटर जेट का और ऑर्डर देने की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने अगस्त में इस सौदे को मंजूरी दी थी। मंत्रालय ने एचएएल को स्पष्ट किया है कि जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी, इसलिए नया यह कॉन्ट्रैक्ट तभी साइन होगा जब पहले दो जेट की डिलीवरी हो जाएगी।
LCA Mk-1A Deal: मिले जीई से तीन इंजन
एलसीए एमके-1ए कार्यक्रम में देरी की बड़ी वजह जीई एयरोस्पेस की तरफ से इंजन सप्लाई में देरी रही है। क्योंकि F404-IN20 इंजन समय पर नहीं डिलीवर हो पाए। लेकिन अब सब कुछ ठीक होता दिख रहा है। जीई ने अब तक तीन इंजन दे दिए हैं, सात और दिसंबर तक मिल जाएंगे और अगले साल 20 और इंजन मिलने की उम्मीद है।
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— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) September 16, 2025
एचएएल ने कहा कि कंपनी को अनुचित तरीके से डिलीवरी में देरी का जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सप्लाई चेन की समस्या केवल भारत में नहीं बल्कि दुनिया की सभी एयरोस्पेस कंपनियों को झेलनी पड़ी है। यहां तक कि अमेरिकी अपाचे (Apache) हेलिकॉप्टर कार्यक्रम भी देरी का शिकार हुआ।
इसके अलावा, भारत और जीई के बीच 1 बिलियन डॉलर का सौदा भी तय है, जिसके तहत 113 नए इंजन खरीदे जाएंगे। यह कॉन्ट्रैक्ट भी अक्टूबर में साइन होने की संभावना है।
फायरिंग ट्रायल की तैयारी
दो एलसीए एमके-1ए जेट्स ने हाल ही में देश के पूर्वी इलाके में एडवांस्ड शॉर्ट रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (ASRAAM) का फायरिंग ट्रायल शुरू कियाा है। इसके बाद अस्ट्रा (Astra) बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM) का ट्रायल होगा। मार्च में अस्ट्रा का एक ट्रायल असफल रहा था, लेकिन अब इसमें सॉफ्टवेयर अपग्रेड किया गया है और इसे जल्द ही फायर किया जाएगा।
एचएएल का कहना है कि मिसाइल फायरिंग टेस्ट पूरे विमान की क्षमता का असली परीक्षण होता है। जब मिसाइल सही तरीके से फायर होकर टारगेट को हिट करती है, तो यह साबित होता है कि विमान का पूरा सिस्टम सही ढंग से काम कर रहा है।

अक्टूबर में डिलीवरी
एचएएल ने बताया कि अभी तक 10 एलसीए एमके-1ए जेट्स तैयार हैं, जिनमें से दो नए इंजनों के साथ हैं। इसके अलावा 24 फ्यूजलेज (एयरक्राफ्ट का ढांचा) अलग-अलग चरणों में असेंबली लाइन पर तैयार किए जा रहे हैं। एचएएल की सालाना उत्पादन क्षमता 24 विमानों की है।
पहली डिलीवरी अब अक्टूबर में होने की उम्मीद है। इसके बाद डिलीवरी का सिलसिला तेज गति से आगे बढ़ेगा।
भारतीय वायुसेना लंबे समय से एलसीए कार्यक्रम की धीमी गति को लेकर चिंतित रही है। पहली डिलीवरी मार्च 2024 में होनी थी, लेकिन इंजन की देरी और ट्रायल्स के कारण यह योजना आगे खिसक गई। वायुसेना का कहना है कि नए जेट्स की देरी से डिलीवरी उसके ऑपरेशनल रेडीनेस पर असर पड़ सकता है।
आने वाले समय में भारतीय वायुसेना होगी पावरफुल
वहीं अगर आने वाले सालों में सभी ऑडर्स की डिलीवरी समय पर पूरी हो जाती है तो भारतीय वायुसेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा। वायुसेना के पास तेजस एमके-1 के 40 लड़ाकू विमान (दो स्क्वॉड्रन) और तेजस एमके-1ए के 180 विमान (नौ स्क्वॉड्रन) होंगे। इसके साथ ही छह स्क्वॉड्रन के लिए 120 एलसीए एमके-2 की योजना तय है। राफेल की संख्या भी बढ़कर 150 (आठ स्क्वॉड्रन) तक पहुंचेगी। वहीं, वायुसेना की रीढ़ माने जाने वाले सुखोई-30 एमकेआई की ताकत 272 विमानों (13 स्क्वॉड्रन) तक बनी रहेगी। हालांकि इसमें स्वदेशी एएमसीए (AMCA) की संख्या शामिल नहीं है।
ट्रेनर जेट्स में AESA रडार
नए कॉन्ट्रैक्ट में 29 ट्रेनर एयरक्राफ्ट भी शामिल होंगे। ये ट्रेनर जेट्स एलसीए एमके-1ए स्टैंडर्ड पर होंगे और इनमें उत्तम एईएसए (Uttam AESA) रडार और मॉडर्न इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट लगाया जाएगा। जबकि 2021 वाले कॉन्ट्रैक्ट में शामिल 10 ट्रेनर पुराने एलसीए एमके-1 स्टैंडर्ड के हैं।


