📍नई दिल्ली | 1 Jan, 2026, 8:07 PM
DGBR Takes Charge: भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के 29वें डायरेक्टर जनरल के रूप में पदभार संभाल लिया। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन की जगह ली है, जो बीआरओ के 28वें डीजी थे और वे 31 दिसंबर 2025 को रिटायर हो गए। लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह को यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है, जब बॉर्डर इलाकों में सड़क, पुल और अन्य रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है।
लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह को कोर ऑफ इंजीनियर्स का अनुभवी अधिकारी माना जाता है। उन्हें तीन दशक से अधिक का सैन्य अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने देश के अलग-अलग इलाकों में कमांड, स्टाफ और नेतृत्व से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाई हैं।
बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन देश के सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों में सेनाओं के आवागमन के लिए रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का अहम काम करता है। संगठन की स्थापना 7 मई 1960 को हुई थी। अब तक बीआरओ देशभर में 63,700 किलोमीटर से ज्यादा सड़कों का निर्माण कर चुका है। इसके अलावा 1,179 पुल, 7 सुरंगें और 22 एयरफील्ड्स भी बनाए गए हैं।
बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन के ये प्रोजेक्ट्स न सिर्फ सेना की आवाजाही को आसान बनाते हैं, बल्कि सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के जीवन को भी बेहतर बनाते हैं। सड़कों और पुलों से इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार जैसी सुविधाओं तक पहुंच आसान होती है।
Leadership Transition at BRO 🇮🇳🛣️
Lt Gen Harpal Singh, VSM has assumed charge as the 29th Director General of Border Roads Organisation (DGBR). With over three decades of distinguished service in the Corps of Engineers, he brings rich command and leadership experience to steer… pic.twitter.com/eDlhw1WImy— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) January 1, 2026
लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह को जून 1991 में भारतीय सेना की कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर में कमीशन मिला था। अपने तीन दशक से अधिक लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां संभाली हैं। इनमें कमांड और स्टाफ की जिम्मेदारियां शामिल रही हैं, जहां उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, इंजीनियरिंग क्षमताओं को मजबूत करने और मानव संसाधन प्रबंधन पर काम किया। बीआरओ के डीजी का पद संभालने से पहले वे एक सीनियर लीडरशिप पोजिशन पर थे. जहां उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को मजबूत करने में योगदान दिया।
बीआरओ के अधिकारी और कर्मी देश के सबसे मुश्किल इलाकों में काम करते हैं। ऊंचे पहाड़, अत्यधिक ठंड, बर्फबारी, भूस्खलन और सीमित संसाधनों के बावजूद संगठन लगातार अपने काम को अंजाम देता है। इन परिस्थितियों में बीआरओ के सभी रैंक्स और कैजुअल पेड लेबरर्स का मनोबल और समर्पण को संगठन की सबसे बड़ी ताकत माना जाता है।

इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन बीआरओ के 28वें डीजीबीआर रहे और उन्होंने 30 सितंबर 2023 से 31 दिसंबर 2025 तक यह जिम्मेदारी संभाली। कोर ऑफ इंजीनियर्स के अनुभवी अधिकारी के तौर पर उनका पूरा फोकस सीमावर्ती इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने, आपदा प्रबंधन और संगठन को आधुनिक बनाने पर रहा।
लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन के नेतृत्व में बीआरओ ने कई ऐसे प्रोजेक्ट पूरे किए, जिनका सीधा असर देश की सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर पड़ा। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि बीआरओ ने 110 से अधिक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को तय समय में पूरा किया। इनमें रणनीतिक सड़कें, अहम पुल और सुरंगें शामिल थीं, जिससे लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल और लाइन ऑफ कंट्रोल पर सेना की आवाजाही आसान हुई।
उनके नेतृत्व में लेह-लद्दाख और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में कनेक्टिविटी को खास मजबूती मिली। बीआरओ ने इस दौरान एक हजार किलोमीटर से ज्यादा नई सड़कों का निर्माण किया और कई अहम पुल तैयार किए, जिससे दुर्गम इलाकों में पहुंच पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई। उनके कार्यकाल के दौरान आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भी बीआरओ की भूमिका बेहद अहम रही। वर्ष 2023 में सिक्किम में आई भीषण बाढ़ के दौरान बीआरओ ने बेहद कम समय में सड़कों को बहाल किया। इससे राहत और बचाव कार्यों को गति मिली। इसी तरह उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन की घटनाओं के बाद बीआरओ की टीमों ने तेजी से मलबा हटाकर रास्ते खोले।
रणनीतिक कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना भी उनके कार्यकाल की एक बड़ी प्राथमिकता रही। पूर्वोत्तर भारत में, खासकर अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम जैसे राज्यों में, नए सड़क प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाया गया। इसके अलावा लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन ने बीआरओ को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर भी खास ध्यान दिया। उनके कार्यकाल में सर्वे और प्लानिंग के लिए ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया।
उनके योगदान को देखते हुए उन्हें कई बड़े सम्मान मिले। वर्ष 2025 में उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया, जो देश की सेवा में उनके उत्कृष्ट योगदान का प्रतीक है। इससे पहले उन्हें विशिष्ट सेवा मेडल से भी सम्मानित किया जा चुका है।
Lt Gen Harpal Singh (VSM) assumed charge as the 29th Director General Border Roads (DGBR) of the Border Roads Organisation (BRO) on January 1, 2026, at a time when strategic infrastructure along India’s borders is gaining increasing importance. A highly experienced officer of the Corps of Engineers, he brings over three decades of command, staff and leadership experience in diverse and challenging terrains.


