Home Blog Page 108

Aero India 2025: पुराने तेजस से कहीं ज्यादा घातक है LCA Mk2, इस साल के आखिर तक आएगा प्रोटोटाइप, 2026 में भरेगा पहली उड़ान

LCA Tejas Vayu Shakti 2026

Aero India 2025: डीआरडीओ यानी Defence Research and Development Organisation (DRDO) ने एलान किया है कि Light Combat Aircraft (LCA) Mk2 का प्रोटोटाइप 2025 के अंत तक पेश किया जाएगा। इसके बाद, 2026 की पहली तिमाही में इस लड़ाकू विमान की पहली उड़ान होगी। यह जानकारी Aeronautical Development Agency (ADA) के महानिदेशक जितेंद्र जे. जाधव ने दी।

Aero India 2025: LCA Mk2 Prototype to Debut by Year-End, First Flight in 2026 – More Lethal Than Original Tejas!

 

Aero India 2025: भारतीय वायुसेना के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा LCA Mk2

जाधव ने बातचीत में बताया, “हम इस साल के अंत तक LCA Mk2 का पहला प्रोटोटाइप पेश करेंगे और 2026 की पहली तिमाही में इसकी पहली उड़ान होगी।” उन्होंने आगे कहा, “LCA Mk2 का प्रदर्शन बेहद अच्छा है और हमें पूरा भरोसा है कि इसका ऑपरेशन 2028-29 से शुरू हो जाएगा।” यानि कि वायुसेना में इसका इंडक्शन 2028-29 तक शुरू हो जाएगा।

Aero India 2025: बेंगलुरु के आसमान में आमने-सामने रूस और अमेरिका के स्टील्थ फाइटर्स, भारत किस पर लगाएगा दांव, 2028 तक आएगा AMCA

जाधव ने यह भी स्पष्ट किया कि LCA Mk2 में सभी सिस्टम स्वदेशी होंगे, जो इसे भारतीय वायुसेना के लिए एक ताकतवर और घातक प्लेटफॉर्म बनाएंगी। यह विमान न केवल भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को भी मजबूत करेगा।

Aero India 2025: LCA Mk2 Prototype to Debut by Year-End, First Flight in 2026 – More Lethal Than Original Tejas!

Aero India 2025: AMCA और LCA Mk2

जाधव ने आगे बताया कि Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) और LCA Mk2 के बीच काफी समानताएं हैं। इनमें सबसे खास एवियोनिक्स और सेंसर सिस्टम हैं। बता दें कि AMCA की पहली प्रोटोटाइप उड़ान 2026-27 तक पेश होने की उम्मीद है, और इसी प्रक्रिया में LCA Mk2 के कई सिस्टम अपग्रेड किए जा रहे हैं।

LCA Mk2 न केवल वायुसेना के बेड़े में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, बल्कि वायुसेना के मॉडर्नाइजेशन प्लान्स का भी अहम हिस्सा है। वर्तमान में वायुसेना के कई फाइटर स्क्वाड्रन रिटायर होने के कगार पर हैं, और LCA Mk2 इनकी जगह लेगा।

Aero India 2025: पुराने विमानों की जगह लेगा LCA Mk2

वायुसेना की मौजूदा योजना के अनुसार, LCA Mk2 पुराने रूसी मूल के MiG-21 (Bison), MiG-26 और Jaguar फाइटर जेट्स को रिप्लेस करेगा। योजना के मुताबिक अनुसार, 2025 से शुरू होकर 2032 तक Jaguar फाइटर जेट्स के छह स्क्वाड्रन कई चरणों में सेवा से बाहर किए जाएंगे। इसके बाद अगले दशक के अंत तक Mirage 2000 और MiG-29 के तीन-तीन स्क्वाड्रन को भी रिटायर किया जाएगा।

यह अनुमान लगाया गया है कि 2035 तक लगभग 15 फाइटर स्क्वाड्रन सेवा से बाहर हो जाएंगे। ऐसे में LCA Mk2 भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन गैप को भरने में मदद करेगा और देश की हवाई रक्षा क्षमताओं को मजबूत बनाएगा।

Aero India 2025: LCA Mk2 Prototype to Debut by Year-End, First Flight in 2026 – More Lethal Than Original Tejas!

LCA Mk2 के एडवांस फीचर्स

जहां पुरानी पीढ़ी के LCA Mk1 में सात हार्ड पॉइंट्स थे, वहीं Mk2 में 11 हार्ड पॉइंट्स होंगे, जिसके बाद यह 6.5 टन तक हथियार भी ले जा सकेगा। वहीं, इसके मुकाबले Mk1 केवल 3.5 टन हथियार ले सकता था। इसके अलावा, Mk2 में फ्यूल कैपेसिटी भी बढ़ाई गई है।

जाधव ने बताया, “Mk1 में 2,450 किलोग्राम (लीटर) इंटरनल फ्यूल ले जाने की क्षमता थी, जबकि Mk2 में 3,320 किलोग्राम ईंधन स्टोरेज होगा। साथ ही, यह बाहरी टैंक में 4,700 किलोग्राम ईंधन भी ले सकता है।” इस अतिरिक्त ईंधन क्षमता के चलते इसकी रेंज 3,000 किलोमीटर तक बढ़ाई जा सकेगी, जिससे यह लंबे समय तक किसी भी मिशन को अंजाम दे सकेगा।

LCA Mk2 का पहला प्रोटोटाइप 2023 में पेश किया जाना था, लेकिन कुछ वजहों से इसकी डेडलाइन बढ़ा दी गई। अब यह विमान 2025 के अंत तक पेश किया जाएगा और 2026 की शुरुआत में इसकी पहली उड़ान भरेगा।

हालांकि इस देरी का असर वायुसेना के मॉर्डनाइजेशन प्लान पर भी पड़ा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फाइटर जेट भारतीय वायुसेना के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। LCA Mk2 न केवल टेक्नीकली एडवांस है, बल्कि यह वायुसेना की बदलती जरूरतों के अनुरूप भी होगा। क्योंकि भारतीय वायुसेना लंबे समय से अपने पुराने फाइटर जेट्स को बदलने की योजना पर काम कर रही है। MiG-21 और Jaguar जैसे विमान पुराने हो चुके हैं। ऐसे में LCA Mk2 वायुसेना के बेड़े में एक नई जान फूंकेगा।

Aero India 2025: बेंगलुरु के आसमान में आमने-सामने रूस और अमेरिका के स्टील्थ फाइटर्स, भारत किस पर लगाएगा दांव, 2028 तक आएगा AMCA

aero india 2025 us-russia stealth fighters face off in bengaluru will india bet on amca by 2028

Aero India 2025: बेंगलुरु के आसमान में इन दिनों एक ऐतिहासिक नजारा देखने को मिल रहा है। बेंगलुरू में चल रहे एरो इंडिया 2025 में पहली बार दो एकदूसरे के धुरविरोधी देश रूस और अमेरिका अपने-अपने स्टील्थ फाइटर जेट्स के साथ आमने-सामने हैं। जहां एक ओर रूस ने अपने Su-57 फिफ्थ जनरेशन फाइटर जेट को पेश किया है, तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने अपने F-35 लाइटनिंग II के जरिए पूरी दुनिया को अपनी ताकत दिखा रहा है।

aero india 2025 us-russia stealth fighters face off in bengaluru will india bet on amca by 2028

Aero India 2025: एक ही एयरस्पेस पर F-35 लाइटनिंग II और रूसी Su-57 फेलॉन

अभी तक, अमेरिका और रूस के इन दो स्टील्थ फाइटर्स को एक ही एयर शो में कभी नहीं देखा गया है। पहली बार, अमेरिकी F-35 लाइटनिंग II और रूसी Su-57 फेलॉन स्टील्थ फाइटर्स ने एक ही एयरस्पेस साझा किया है। दोनों देशों के बीच दशकों से चले आ रहे तनाव के चलते यह अभी तक असंभव था। लेकिन एयरो इंडिया 2025 में .यह संभव हुआ और दोनों यहां अपने लेटेस्ट फाइटर जेट्स के साथ यहां आए हुए हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों की मार झेल रहा रूस भारत को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। पिछले 20 सालों में भारत और रूस के बीच 50 अरब डॉलर के रक्षा सौदे हुए हैं, और इस साझेदारी को और मजबूत करने के मकसद से रूस Aero India में इस बार बड़ी भागीदारी कर रहा है।

Aero India 2025: रूस का भारत को बड़ा ऑफर

इस शो में रूस ने अपने पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट Su-57 के को-प्रोडक्शन का भारत को ऑफर दिया है। Rosoboronexport के निदेशक अलेक्जेंडर मिखेयेव ने कहा, “एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत रूस का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। पिछले 20 वर्षों में ही हमने भारत के साथ 50 अरब डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट किए हैं, और कुल मिलाकर 80 अरब डॉलर के रूसी मिलिट्री प्रोडक्ट्स भारत को सप्लाई किए गए हैं।”

Aero India 2025: अमेरिकी F-35 स्टील्थ फाइटर या रूसी SU-57 फेलॉन! कौन होगा भारत की पहली पसंद? दोनों हैं एयरो इंडिया 2025 में

वहीं, अमेरिका भी भारत को अपने F-35 और F-21 जैसे फाइटर जेट्स की पेशकश कर रहा है। हालांकि, अमेरिका इन इन सौदों में कई शर्तें और ऑपरेशनल प्रतिबंध भी जोड़ रहा है, जो भारत को नामंजूर हैं। दूसरी ओर, रूस के साथ लंबे समय से चली आ रही रक्षा साझेदारी और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसे विकल्प भी दे रहा है।

aero india 2025 us-russia stealth fighters face off in bengaluru will india bet on amca by 2028

भारत के पास स्वदेशी AMCA का भी है विकल्प

वहीं भारत के पाास तीसरा विकल्प भी है। भारत अपना पांचवी पीढ़ी का स्वदेशी Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहा है। यह पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है, जिसे डीआरडीओ के तहत Aeronautical Development Agency (ADA) बना रहा है। AMCA का फुल-स्केल मॉकअप एरो इंडिया 2025 में पहली बार पेश किया गया है।

AMCA की पहली उड़ान 2028 तक

एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट AMCA प्रोजेक्ट के डायरेक्टर कृष्णा राजेंद्र नीली ने बताया “AMCA का पहला प्रोटोटाइप 2028 तक तैयार हो जाएगा, जबकि 11 साल बाद यानी 2035-36 तक इसकी डिलीवरी शुरू होने की उम्मीद है। अब तक इसका डिज़ाइन और निर्माण 100% स्वदेशी है। इस विमान में GE 414 इंजन का उपयोग किया जाएगा, और भारत पहले ही इन इंजनों के घरेलू उत्पादन के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर चुका है।”

हालांकि, यह समय सीमा भारतीय वायुसेना के लिए एक चुनौती है, क्योंकि चीन पहले ही अपने स्टेल्थ फाइटर्स J-20 और J-31 को तैनात कर चुका है और पाकिस्तान भी जल्द ही इन्हें हासिल करने की कोशिशों में जुटा है।

F-35 और Su-57के मुकाबले AMCA हल्का

खास बात यह है कि F-35 और Su-57 दोनों ही स्टील्थ फाइटर जेट हेवी वेट कटैगरी हैं, यानी कि ये 30 टन वाले पांचवीं जनरेशन एयरक्राफ्ट है। वहीं AMCA की बात करें तो यह मिडियम कैटेगरी का, औऱ यह 25 टन क्लास का फिफ्थ जनरेशन का फाइटर एयरक्राफ्ट है। AMCAमें हथियार अंदर की तरफ होते हैं, जो बाहर से दिखाई नहीं देते। इसलिए यह बाकी एयरक्राफ्ट के मुकाबले लंबा होता है।

लेकिन अब भारतीय वायुसेना के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा है, क्या हमें केवल स्वदेशी AMCA पर भरोसा करना चाहिए, या फिर तात्कालीक उपाय के तौर पर विदेश से स्टील्थ फाइटर्स की खरीद करनी चाहिए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने संकेत दिया है कि भारत सभी विकल्प खुले रखेगा।

Aero India 2025 में रूस का दबदबा

एरो इंडिया में रूस ने न केवल फाइटर जेट्स बल्कि हेलीकॉप्टर, इंजन और एयर डिफेंस सिस्टम भी पेश किए हैं। 10 से अधिक प्रमुख रूसी रक्षा कंपनियां अपने अत्याधुनिक विमान, हेलिकॉप्टर, इंजन और एयर डिफेंस सिस्टम के साथ इस शो में पधारी हैं। कुल मिलाकर 500 से अधिक रूसी प्रोडक्ट्स इस शो में पेश किए गए हैं।

इसके अलावा रूस ने अपने IL-78MK-90A रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट को भी प्रदर्शित किया है, जिसे जरूरत के अनुसार ट्रांसपोर्ट, मेडिकल और फायरफाइटिंग वर्जन में बदला जा सकता है। इसके अलावा United Engine Corporation ने अपने Item 177S इंजन को पेश किया है, जो फिफ्थ जनरेशन मल्टीरोल फाइटर्स के लिए डिजाइन किया गया है।

साथ ही, रूस ने अपने एडवांस एयर-लॉन्च मिसाइलों का भी पेश किया है, जो चौथी और पांचवीं पीढ़ी के फाइटर्स के में लगाई जा सकती हैं। इन मिसाइलों में RVV-MD2 और RVV-B (हवाई लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए), Kh-35UE (युद्धपोतों को नष्ट करने के लिए), Kh-38MLE (जमीनी लक्ष्यों पर सटीक हमले के लिए), Kh-58UShKE (एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम के रडार को नष्ट करने के लिए), और नई पीढ़ी की स्टील्थ क्रूज मिसाइल Kh-69 शामिल हैं।

एयर डिफेंस सेक्टर में रूस की Almaz-Antey Air and Space Defense Corporation ने लंबी, मध्यम और छोटी दूरी की मिसाइलों को पेश किया है, जो बैलिस्टिक मिसाइलों से लेकर छोटे UAVs तक को को निशाना बना सकती हैं।

38TH National Games: भारतीय सेना ने 38वें नेशनल गेम्स में दिखाया दमखम, जीते कई स्वर्ण पदक

38th National Games: Indian Army Shines with Multiple Gold Medals

38TH National Games: उत्तराखंड में आयोजित 38वें नेशनल गेम्स में भारतीय सेना की टीम ने एक बार फिर अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाया है। सेना के लिए खेलों में हिस्सा लेने वाले इन खिलाड़ियों को पुणे स्थित आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग दी गई थी। उनकी शानदार परफॉर्मेंस ने खेलों के मैदान पर सेना का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।

38th National Games: Indian Army Shines with Multiple Gold Medals

डाइविंग कंपटीशन में भारतीय सेना की टीम ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए कुल सात पदक अपने नाम किए। इनमें तीन स्वर्ण, तीन रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं। डाइविंग में उनके तकनीकी कौशल और कॉन्टिनुइटी ने दर्शकों और निर्णायकों को काफी प्रभावित किया।

वहीं, वेट लिफ्टिंग में भी सेना के खिलाड़ियों ने अपनी ताकत और दृढ़ संकल्प का शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने कुल नौ पदक जीते, जिनमें दो स्वर्ण, चार रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं। यह खेल शारीरिक ताकत की परीक्षा होता है, और सेना के खिलाड़ियों ने दिखा दिया कि वे इस चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार थे। उनके जज्बे और मेहनत की झलक हर मुकाबले में साफ दिखाई दी।

वहीं, भारतीय सेना की तीरंदाजी टीम ने भी एक्यूरेसी एंड कंसंट्रेशन का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल चार पदक जीते, जिनमें एक स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। तीरंदाजी जैसे खेल में मेन्टल स्टेबिलिटी और फोकस जरूरी होता है, और सेना के निशानेबाजों ने दिखा दिया कि वे इस कला में भी माहिर हैं।

38th National Games: Indian Army Shines with Multiple Gold Medals

इसके अलावा मुक्केबाजी यानी बॉक्सिंग के मुकाबलों में भारतीय सेना की टीम ने चार स्वर्ण पदकों के साथ कुल छह पदक हासिल किए। इस प्रदर्शन ने उन्हें नेशनल गेम्स की सबसे दमदार टीमों में से एक बना दिया है।

खेलों के अभी और मुकाबले बाकी हैं, और सेना अपनी टीम से उम्मीद की जा रही है कि वे अन्य खेलों में भी शानदार प्रदर्शन कर और पदक जीतकर अपने विजयी पताका लहराना जारी रखेंगे। सेना के खिलाड़ियों की यह उपलब्धियां न केवल उनकी मेहनत और प्रतिभा का सबूत हैं, बल्कि यह आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में दी जाने वाली मुश्किल और अनुशासित ट्रेनिंग की भी मिसाल हैं।

Yashas: नए नाम और नई ताकत के साथ लौटा HAL का HJT-36 जेट ट्रेनर, शानदार खूबियों ने विदेशियों को भी किया हैरान!

Yashas: HAL’s Upgraded HJT-36 Jet Trainer Unveiled, Set to Revolutionize Modern Military Training

Yashas: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के प्रमुख जेट ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट हिंदुस्तान जेट ट्रेनर (HJT-36) को अब ‘यशस’ के नाम से जाना जाएगा। इस विमान में व्यापक सुधार और तकनीकी बदलाव किए गए हैं ताकि इसकी उड़ान को और बेहतर बनाया जा सके। ये सुधार मॉडर्न मिलिट्री ट्रेनिंग को देखते हुए किए गए हैं।

Yashas: HAL’s Upgraded HJT-36 Jet Trainer Unveiled, Set to Revolutionize Modern Military Training

एयरो इंडिया 2025 के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम में रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार ने इस नए नाम का एलान किया। इस मौके पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. डी. के. सुनील भी मौजूद थे। डॉ. डी. के. सुनील ने कहा, “HJT-36 में बड़े स्तर पर किए गए तकनीकी सुधारों से इसकी क्षमताओं में शानदार बदलाव हुए हैं। इन सुधारों के चलते इसे एक नया नाम दिया जाना उचित था। उन्होंने उम्मीद जताई कि यशस से मॉडर्न मिलिट्री ट्रेनिंग में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा।

बेंगलुरु के येलहंका एयर फोर्स स्टेशन पर आयोजित एरो इंडिया 2025 में यशस (Yashas) को लेकर लोगों की खास दिलचस्पी दिखी। देश और विदेश से आए डिफेंस एक्सपर्ट्स और रिप्रेंजेंटेटिव्स ने इस विमान की एडवांस टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग कैपेबिलिटीज की जमकर सराहना की।

Yashas: HAL’s Upgraded HJT-36 Jet Trainer Unveiled, Set to Revolutionize Modern Military Trainingआधुनिक तकनीकों से लैस ‘Yashas’

HAL के बनाए इस विमान Yashas को अब ए़डवांस एवियोनिक्स और अल्ट्रा-मॉडर्न कॉकपिट के साथ अपग्रेड किया गया है। इन सुधारों से न केवल ट्रेनिंग में फायदा मिलेगा, बल्कि ऑपरेटिंग एफिशिएंसी में भी बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा, विमान के वजन में कमी की गई है और विदेशी उपकरणों के स्थान पर भारतीय उपकरण लगाए गए हैं। अब इसमें भारतीय Line Replaceable Units (LRUs) का उपयोग किया गया है, जिसे स्वदेश में ही बनाया गया है।

Yashas: HAL’s Upgraded HJT-36 Jet Trainer Unveiled, Set to Revolutionize Modern Military Training

यशस् को अब स्टेज II पायलट ट्रेनिंग, काउंटर इंसर्जेंसी और काउंटर सरफेस फोर्स ऑपरेशंस, आर्मामेंट ट्रेनिंग और एरोबेटिक्स के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें FADEC कंट्रोल्ड  AL55I जेट इंजन का उपयोग किया गया है, जो इसे बेहतरीन थ्रस्ट-टू-वेट रेशियो देता है। यशस में सिंगल पॉइंट ग्राउंड रिफ्यूलिंग और डीफ्यूलिंग की सुविधा है, जिससे इसे जल्दी से रेडी किया जा सकता है। इसके अलावा यशस् में एरोबेटिक्स (हवाई करतब) और वेपन्स ट्रेनिंग की भी सुविधा है। यह विमान 1000 किलोग्राम तक के हथियार ले जाने में सक्षम है।

Yashas: HAL’s Upgraded HJT-36 Jet Trainer Unveiled, Set to Revolutionize Modern Military Training

इस विमान के डिजाइन में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इसका ड्रूप नोज डिजाइन और एडवांस ग्लास कॉकपिट (जिसमें मल्टी-फंक्शन डिस्प्ले और हेड-अप डिस्प्ले शामिल हैं) से पायलट को बेहतर विजिबिलिटी मिलती है। State-of-the-Art Glass Cockpit में Multi-Function Displays (MFDs) और Head-Up Display (HUD) की सुविधा भी जोड़ी गई है, जिससे पायलट की situational awareness और भी बेहतर हो गई है।

Aero India 2025: अमेरिकी F-35 स्टील्थ फाइटर या रूसी SU-57 फेलॉन! कौन होगा भारत की पहली पसंद? दोनों हैं एयरो इंडिया 2025 में

इस विमान के सेवा में शामिल होने से भारतीय वायुसेना के ट्रेनिंग फ़्रेमवर्क्स को नई मजबूती मिलेगी। HAL का मानना है कि ‘यशस्’ न केवल ट्रेनिंग में बल्कि रियल टाइम कॉम्बैट सिचुएशन्स में भी अपनी उपयोगिता साबित करेगा।

Agniveervayu Sports Intake: भारतीय वायुसेना में स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती का शानदार मौका, अविवाहित पुरुष उम्मीदवार जल्द करें आवेदन!

Agniveervayu Sports Intake: Indian Air Force Opens Recruitment for Unmarried Male Athletes – Apply Now!

भारतीय वायुसेना (IAF) ने अविवाहित भारतीय पुरुष उम्मीदवारों के लिए अग्निवीर वायु (स्पोर्ट्स) इनटेक 02/2025 के तहत भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। यह भर्तियां ‘अग्निपथ योजना’ के तहत की जा रही हैं। यह भर्ती प्रक्रिया 10 से 12 मार्च 2025 तक आयोजित की जाएगी और इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 13 फरवरी से 22 फरवरी 2025 तक भरे जा सकते हैं।

Agniveervayu Sports Intake: Indian Air Force Opens Recruitment for Unmarried Male Athletes – Apply Now!

Agniveervayu Sports Intake: कौन कर सकता है आवेदन? 

इन भर्तियों के लिए केवल अविवाहित भारतीय पुरुष उम्मीदवार ही पात्र होंगे। आवेदकों की आयु 3 जुलाई 2004 से 3 जनवरी 2008 के बीच होनी चाहिए। चयन प्रक्रिया के सभी चरणों को पास करने के बाद, भर्ती के समय उम्मीदवार की आयु 21 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। चयनित उम्मीदवारों को चार साल के लिए भारतीय वायुसेना में सेवा देनी होगी, इस दौरान वे विवाह नहीं कर सकेंगे।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 13 फरवरी 2025 से शुरू होकर 22 फरवरी 2025 तक चलेगी। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवार https://agnipathvayu.cdac.in/casbspm पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। भर्ती ट्रायल्स 10 से 12 मार्च 2025 तक आयोजित किए जाएंगे।

आवेदन शुल्क 100 रुपये है, जिसे डेबिट/क्रेडिट कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से भरा जा सकता है।

किन खेलों में हो रही है भर्ती? 

भारतीय वायुसेना विभिन्न खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की भर्ती कर रही है। इन खेलों में एथलेटिक्स, क्रिकेट, बॉक्सिंग, बास्केटबॉल, फुटबॉल, हॉकी, स्विमिंग, कबड्डी, शूटिंग, वॉलीबॉल, रेसलिंग, और वुशू आदि शामिल हैं। हर खेल के लिए विशेष कैटेगरी और पोजिशन तय की गई हैं, जैसे क्रिकेट में स्पिन बॉलर, मिडिल ऑर्डर बैटर, ऑल-राउंडर, और कबड्डी में रेडर, राइट कॉर्नर, आदि।

खेल उपलब्धियां

उम्मीदवारों ने अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो। जैसे कि जूनियर/सीनियर (U-19, रणजी आदि) अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व किया हो या राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पांच स्थान प्राप्त किए हों। क्रिकेट के लिए विशेष रूप से बीसीसीआई ट्रॉफीज जैसे रणजी ट्रॉफी, दिलीप ट्रॉफी में भागीदारी होनी जरूरी है।

Indian Army SSC Tech Officer: भारतीय सेना में देशभक्ति के जज्बे को इस तरह कर सकते हैं पूरा, अफसर बनने का सुनहरा अवसर

Agniveervayu Sports Intake: आयु सीमा और योग्यता 

शैक्षणिक योग्यता में विज्ञान विषयों के लिए 10+2 या समकक्ष परीक्षा में गणित, भौतिकी और अंग्रेजी में 50 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। अन्य विषयों के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 50 फीसदी अंकों के साथ 12वीं पास होना आवश्यक है।

शारीरिक और चिकित्सा मानक

उम्मीदवारों की न्यूनतम ऊंचाई 152 सेमी होनी चाहिए और वजन उम्र और ऊंचाई के अनुसार अनुपात में होना चाहिए। सीने का माप न्यूनतम 77 सेमी होना चाहिए और 5 सेमी का फुलाव आवश्यक है। उम्मीदवारों की आंखें, दांत स्वास्थ्य और सामान्य स्वास्थ्य के लिए भी विशेष मानक निर्धारित किए गए हैं।

फिजिकल फिटनेस टेस्ट (PFT) में 1.6 किमी दौड़ (7 मिनट में पूरी करनी होगी), 10 पुश-अप्स, 10 सिट-अप्स, और 20 स्क्वाट्स शामिल हैं।

आवेदन प्रक्रिया में जरूरी दस्तावेज

  • दस लेटेस्ट पासपोर्ट साइज फोटो
  • मैट्रिकुलेशन प्रमाणपत्र और अंकपत्र
  • 10+2 या समकक्ष परीक्षा के प्रमाणपत्र और अंकपत्र
  • खेल उपलब्धियों के प्रमाणपत्र
  • चरित्र प्रमाणपत्र
  • यदि उम्मीदवार किसी सरकारी संगठन से सेवा में है या सेवा से मुक्त हो चुका है, तो उसे डिस्चार्ज प्रमाणपत्र और NOC पेश करना होगा।

वेतन और भत्ते

अग्निवीरवायु (स्पोर्ट्स) को प्रति माह 30,000 रुपये का पैकेज दिया जाएगा, जो हर साल बढ़ेगा। इसके अलावा जोखिम और कठिनाई भत्ता, ड्रेस और यात्रा भत्ता भी प्रदान किए जाएंगे। सेवा समाप्ति के बाद ‘सेवा निधि’ पैकेज के तहत लगभग 10.04 लाख रुपये दिए जाएंगे।

Agniveervayu Sports Intake: बीमा और अन्य लाभ

अग्निवीरवायु (स्पोर्ट्स) को 48 लाख रुपये का गैर-अंशदायी जीवन बीमा कवर मिलेगा। चार वर्षों की सेवा के बाद उन्हें एक स्किल सेट प्रमाणपत्र भी प्रदान किया जाएगा। हालांकि, वे एक्स-सर्विसमैन का दर्जा प्राप्त नहीं कर पाएंगे।

Agniveervayu Sports Intake: महत्वपूर्ण निर्देश

  • भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित है। किसी भी स्तर पर रिश्वत देने की आवश्यकता नहीं है
  • उम्मीदवारों को किसी भी फर्जी एजेंट या दलाल से सावधान रहना चाहिए।
  • चयन प्रक्रिया के दौरान अनुचित साधनों का उपयोग करने वाले उम्मीदवारों को स्थायी रूप से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।

Scorpene Submarines: समंदर में बढ़ेगी भारतीय नौसेना की ताकत, मिलेंगी तीन और स्कॉर्पीन पनडुब्बियां, 36,000 करोड़ रुपये की डील को दी मंजूरी

India Submarine Plan: Indian Navy to Get 9 New Submarines under Project 75 and Project 75i

Scorpene Submarines: भारतीय नौसेना ने सरकारी कंपनी मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड (MDL) के साथ तीन अतिरिक्त स्कॉर्पीन पनडुब्बियों की खरीद के लिए 36,000 करोड़ रुपये से अधिक का सौदा अंतिम रूप दे दिया है। इस सौदे पर इस वित्तीय वर्ष के आखिर तक, 31 मार्च से पहले रक्षा मंत्रालय और एमडीएल के बीत दस्तखत किए जाने की उम्मीद है।

Scorpene Submarines: Indian Navy to Get 3 More Scorpene Subs in Rs 36,000 Cr Deal

यह डील ऐसे समय में फाइनल की गई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सप्ताह फ्रांस के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट में हिस्सा लेने के लिए रवाना हो रहे हैं।

डिफेंस सूत्रों के मुताबिक, 36,000 करोड़ रुपये से अधिक की इस डील (Scorpene Submarines) में एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) सिस्टम की लागत शामिल नहीं है। AIP सिस्टम से पनडुब्बियों की पानी के नीचे रहने की क्षमता बढ़ जाती है, जिससे मिलिट्री ऑपरेशंस के दौरान पानी के नीचे लंबे समय तक रहने में मदद मिलती है।

नौसेना से जुड़े सूत्रों ने बताया कि नई स्कॉर्पीन पनडुब्बियों (Scorpene Submarines) में 60 प्रतिशत स्वदेशी में बने प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जो पहले से निर्मित छह स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के मुकाबले दोगुना है। पहले ये पनडुब्बियां फ्रांसीसी रक्षा कंपनी नेवल ग्रुप के सहयोग से बनाई गई थीं। इसके अलावा, इन तीन नई पनडुब्बियों के डिजाइन में भी कुछ बदलाव किए जाएंगे और ये ब्राजीलियन नेवी को सप्लाई की जा रहीं स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के समान होंगी, जिसके चलते इनका साइज भी पहले की छह पनडुब्बियों से थोड़ा बड़ा होगा।

Explainer: चीन की बड़ी चुनौती के बावजूद तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर क्यों नहीं बनाएगा भारत? जानिए सरकार के फैसले की बड़ी वजह

यह पूछने पर कि इन तीन अतिरिक्त स्कॉर्पीन पनडुब्बियों (Scorpene Submarines) की कीमत इतनी ज्यादा क्यों है, तो सूत्रों ने बताया कि यह सबसे अच्छा सौदा है जो बातचीत के बाद तय किया गया। इनमें अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया जाएगा, जिससे उत्पादन लागत बढ़ी है। पहले छह स्कॉर्पीन पनडुब्बियों की कुल लागत लगभग 36,000 करोड़ रुपये है, जिसमें लागत में बढ़ोतरी (cost escalation) भी शामिल है। मूल रूप से यह सौदा 21,000 करोड़ रुपये में तय हुआ था।

सूत्रों के मुताबिक, तीन अतिरिक्त स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के लिए एमडीएल द्वारा दी गई शुरुआती कीमत इतनी अधिक थी कि भारतीय नौसेना को प्रस्ताव वापस भेजना पड़ा। हालांकि, दूसरी बार दी गई कीमत भी नौसेना की उम्मीद से ज्यादा थी, लेकिन बातचीत के बाद इसे मौजूदा राशि तक घटाया गया।

दरअसल, भारतीय नौसेना के पास शुरुआत में तीन अतिरिक्त स्कॉर्पीन पनडुब्बियों को खरीदने की कोई योजना नहीं थी। लेकिन प्रोजेक्ट-75 इंडिया में देरी के चलते इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया। इस प्रोजेक्ट के तहत नौसेना को AIP सिस्टम वाली छह नई पनडुब्बियां मिलनी थीं।

वहीं, परंपरागत डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों के अलावा भारतीय नौसेना की योजना 2036-37 तक अपनी पहली पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन वाली न्यूक्लियर अटैक पनडुब्बी (SSN) को कमीशन करने की है, जबकि दूसरी न्यूक्लियर अटैक पनडुब्बी इसके दो साल बाद तैयार होगी।

हालांकि भारत के पास परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों (SSBN) के लिए अलग कार्यक्रम है। इन पनडुब्बियों के लिए फंडिंग भी अलग व्यवस्था के तहत होती है और ये स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड (Strategic Forces Command – SFC) के तहत ऑपरेट होती हैं।

जहां चीन और पाकिस्तान अपनी पनडुब्बी और नौसेना ताकत को तेजी से बढ़ा रहे हैं, वहीं भारत भी अपनी नौसैनिक शक्ति को मजबूती देने के लिए लगातार प्रयासरत है। तीन नई स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के जुड़ने से भारतीय नौसेना की पनडुब्बी बेड़े की ताकत में खासा इजाफा होगा। इस डील से खासकर हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों के बीच भारत की समुद्री रणनीति को और मजबूत मिलेगी।

Explainer: क्या है भारत का नया CATS Warrior ड्रोन? एरो इंडिया 2025 में हुई धमाकेदार एंट्री, जमकर हो रही चर्चा

Explainer: What is India’s New CATS Warrior Drone? Makes a Powerful Debut at Aero India 2025

CATS Warrior: भारत के डिफेंस सेक्टर में पिछले कई दिनों से एक चौंकाने वाले नाम CATS Warrior की जमकर चर्चा हो रही है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का बनाया यह अत्याधुनिक स्टील्थ ड्रोन एरो इंडिया 2025 में सभी के लिए आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। बेंगलुरु के येलहंका एयर फोर्स स्टेशन पर 10 से 14 फरवरी के बीच आयोजित हो रहे एशिया के सबसे बड़े एयरोस्पेस शो में CATS Warrior का फुल-स्केल डेमोंस्ट्रेटर पहली बार आम जनता के सामने पेश किया जाएगा।

Explainer: What is India’s New CATS Warrior Drone? Makes a Powerful Debut at Aero India 2025

क्या है CATS Warrior?

दरअसल CATS Warrior (Combat Air Teaming System) एक अत्याधुनिक स्वदेशी स्टील्थ ड्रोन है, जिसे भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट्स के साथ मिलकर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इस ड्रोन को स्टील्थ तकनीक से लैस किया गया है, जिससे दुश्मन के रडार इसे आसानी से नहीं पकड़ सकेंगे। इसे “लॉयल विंगमैन” के रूप में जाना जाता है, जिसका मतलब है कि यह वायुसेना के पायलट ऑपरेटेड फाइटर जेट्स के साथ मिशनों में हिस्सा लेगा, जैसे कि रिपोर्टिंग, स्ट्राइक मिशन, इलेक्ट्रॉनिक अटैक आदि। इस ड्रोन की सबसे खास बात यह है कि यह खतरनाक मिशनों को अंजाम देगा, जिससे वायुसेना के पायलटों पर खतरा कम होगा।

एरो इंडिया 2025 में क्या होगा खास?

CATS Warrior की पहली उड़ान इस साल के अंत तक होनी है। लेकिन इससे पहले इसका फुल-स्केल डेमोंस्ट्रेटर एरो इंडिया 2025 में पेश किया गया है। इस ड्रोन को भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन के तहत पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बनाया गया है। इसका डिजाइन और क्षमता अमेरिका के Boeing MQ-28 Ghost Bat और चीन के Feihong FH-97 जैसे लेटेस्ट ड्रोन के समान है। इसमें HAL के PTAE-W टर्बोजेट इंजन का इस्तेमाल किया गया है, जो पहले से ही भारत के टारगेट ड्रोन ‘लक्ष्य’ में अपनी क्षमता दिखा चुका है। हाल ही में HAL ने CATS Warrior का सफल इंजन ग्राउंड रन पूरा किया था।

Explainer: What is India’s New CATS Warrior Drone? Makes a Powerful Debut at Aero India 2025

अब अगले चरण में CATS Warrior के टैक्सी ट्रायल शुरू किए जाएंगे, जिसमें ग्राउंड हैंडलिंग, कंट्रोल सिस्टम्स और सिस्टम इंटीग्रेशन की जांच की जाएगी। इन ट्रायल्स के सफल होने के बाद इस ड्रोन की पहली उड़ान के लिए हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।

CATS Warrior केवल एक ड्रोन नहीं है, बल्कि यह HAL के Combat Air Teaming System (CATS) प्रोग्राम का एक प्रमुख हिस्सा है। इस प्रोग्राम के तहत एक क्रूज मिसाइल, क्लोज कॉम्बैट मिसाइल, स्वार्म ड्रोन और एक प्स्योडो सैटेलाइट नेटवर्क भी डेवलप किया जा रहा है, जो तेजस और भविष्य में आने वाले AMCA फाइटर जेट्स के साथ नेटवर्क में काम करेगा।

भारतीय वायुसेना के लिए क्यों जरूरी CATS Warrior?

भारतीय वायुसेना के पास लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन कमी है। 42 स्क्वाड्रनों के मुकाबले फिलहाल सिर्फ 31 स्क्वाड्रन ही एक्टिव हैं। ऐसे में वायुसेना को अपनी ताकत बढ़ाने के लिए नए तरीकों की जरूरत है। तेजस Mk1A जैसे स्वदेशी लड़ाकू विमानों के उत्पादन के साथ-साथ CATS Warrior जैसे अनमैंड कॉम्बैट एयरक्राफ्ट भविष्य में इस कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

Aero India 2025: अमेरिकी F-35 स्टील्थ फाइटर या रूसी SU-57 फेलॉन! कौन होगा भारत की पहली पसंद? दोनों हैं एयरो इंडिया 2025 में

यह ड्रोन गहराई तक स्ट्राइक मिशन, दुश्मन की हवाई सुरक्षा को निष्क्रिय करने और निगरानी जैसी भूमिकाएं निभा सकता है। भारत निर्मित Smart Anti-Airfield Weapons (SAAWs) के साथ यह ड्रोन दुश्मन के ठिकानों पर सटीक हमला भी कर सकेगा। इसके अलावा, यह ड्रोन युद्ध के दौरान रियल-टाइम बैटलफील्ड अवेयरनेस की भूमिका निभाएगा।

CATS Warrior की पहली उड़ान इस साल के अंत तक होनी है। अमेरिका, चीन और रूस पहले से ही अपने-अपने AI-अनेबल्ड UCAVs पर काम कर रहे हैं, जिनमें Boeing MQ-28 Ghost Bat और चीन का Feihong FH-97 प्रमुख हैं। इस ड्रोन के साथ-साथ HAL और अन्य प्राइवेट कंपनियां जैसे NewSpace Research and Technologies (NRT) भी AI-ऑपरेटेड ड्रोन्स पर काम कर रही हैं। NRT का Abhimanyu नामक ड्रोन भी जल्द ही पेश किया जाएगा।

LCA Tejas Engine: अप्रैल तक IAF को मिलेंगे 5 तेजस Mk-1A फाइटर जेट और 4 ट्रेनर एयरक्राफ्ट? GE ने F-404 इंजन सप्लाई का किया वादा

LCA Tejas Engine: GE Promises F-404 Engine Supply, IAF to Get Jets by April?

LCA Tejas Engine: भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस (Tejas) के लिए अच्छी खबर है। लगभग दो साल से जीई की तरफ से इंजन सप्लाई में हो रही देरी के चलते भारतीय सेनाओं को तेजस की डिलीवरी नहीं हो रही थी। लेकिन अब अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) ने तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) के लिए F-404 इंजन की सप्लाई फिर से शुरू करने का वादा किया है।

LCA Tejas Engine: GE Promises F-404 Engine Supply, IAF to Get Jets by April?

LCA Tejas Engine: वायुसेना में स्क्वाड्रन की कमी

भारतीय वायुसेना इन दिनों स्क्वाड्रन की कमी से जूझ रही है। वायुसेना के पास फिलहाल 31 एक्टिव स्क्वाड्रन हैं, जबकि 42 स्क्वाड्रन की जरूरत है। जिसके चलते वायुसेना पर नए लड़ाकू विमानों की कमी को पूरा करने का जबरदस्त दबाव है। तेजस की प्रोडक्शन में तेजी आने से भारतीय सेना को थोड़ी राहत मिल सकती है।

जीई का वादा- इस साल मार्च से पहला इंजन

जनरल इलेक्ट्रिक ने एकबार फिर से तेजस Mk-1 के लिए F-404 इंजन की सप्लाई जल्द शुरू करने का वादा किया है।  अब कंपनी ने कहा है कि वह इस साल मार्च से इंजन डिलीवरी करना शुरू कर देगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, GE 26 इंजनों की आपूर्ति में पीछे है, लेकिन उन्होंने पहला इंजन समय पर भेजने का वादा किया है और इसके बाद उत्पादन में तेजी लाई जाएगी। जीई को तेजस के लिए एक साल में 26 इंजन सप्लाई करने हैं और पहला इंजन वह मार्च तक भेज देगी। हालांकि कंपनी की तरफ से कोई तारीख तय नहीं हुई है।

Aero India 2025: आर्मी चीफ से किया वादा पूरा करेंगे वायुसेना प्रमुख, दोनों कोर्समेट पहली बार LCA तेजस में एक साथ भरेंगे उड़ान

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के लिए दो साल चुनौती भरे रहे हैं। लेकिन अब नए डिलीवरी शेड्यूल के साथ, HAL को उम्मीद है कि इंजन के आते ही तेजस के उत्पादन में तेजी लाई जा सकेगी। एचएएल सूत्रों का कहना है कि पहले की तरह ही वे सिर्फ इंतजार कर सकते हैं। अब देखते हैं कि जीई इस बार भी अपना वादा पूरा करती है या फिर से कोई नई डेडलाइन जारी करती है।

LCA Tejas Engine: नासिक में नई असेंबली लाइन लगाने की तैयारी

HAL के पास बेंगलुरु में दो और नासिक में एक प्रोडक्शन लाइन है। नासिक फैसिलिटी से मार्च तक पहला तेजस विमान डिलीवर किया जाएगा और GE के इंजनों के आने के बाद प्रोडक्शन में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। नए डिलीवरी शिड्यूल के मुताबिक HAL की मार्च या अप्रैल तक पांच तेजस Mk-1A फाइटर जेट और चार ट्रेनर एयरक्राफ्ट तैयार करने की योजना है। अगर इंजन समय पर आते हैं, तो असेंबली कुछ ही दिनों में पूरी हो सकती है।

वहीं, एचएएल कंपनी नासिक में चौथी असेंबली लाइन स्थापित करने की तैयारी कर रही है। HAL की बेंगलुरु में दो असेंबली लाइन्स की सालाना उत्पादन क्षमता आठ लड़ाकू विमानों की है। इसके अलावा नासिक में भी एक असेंबली लाइन है, जो सालाना आठ तेजस विमान बना सकती है। हालांकि, नासिक में नई असेंबली लाइन बनाने की योजना तभी पूरी हो सकेगी जब GE इंजन की नियमित आपूर्ति शुरू करेगा। नई असेंबली लाइन को तैयार करने में लगभग 1.5 साल का समय लगने की संभावना है।

वायुसेना को 180 तेजस Mk-1A और 108 तेजस Mk-2 विमानों की जरूरत

रक्षा मंत्रालय ने 2021 में HAL के साथ 83 तेजस Mk-1A विमानों की सप्लाई के लिए 45,696 करोड़ रुपये का बड़ा सौदा किया था। इसमें 73 फाइटर जेट और 10 ट्रेनर विमान शामिल हैं। इन विमानों के लिए GE को 99 F-404 इंजन की सप्लाई करनी थी। अब तक HAL ने 40 तेजस LCA विमानों में से 38 की डिलीवरी भारतीय वायुसेना को कर दी है। वहीं, भारतीय वायुसेना को कम से कम 180 तेजस Mk-1A और 108 तेजस Mk-2 विमानों की जरूरत है।

LCA Tejas Engine: तेजस Mk-1A में एडवांस AESA रडार

तेजस Mk-1A में एडवांस AESA रडार लगाया गया है, जो दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को दूर से ट्रेक कर सकता है। इस रडार के जरिए विमान कई टारगेट्स पर एक साथ हमला कर सकता है और दुश्मन की जामिंग टेक्नोलॉजी से भी बच सकता है। इसके अलावा, तेजस Mk-1A में एडवांस कंप्यूटर सिस्टम, बेहतर कॉकपिट डिस्प्ले और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम लगाए गए हैं। तेजस में अस्त्रा और डर्बी जैसी एयर-टू-एयर मिसाइलें भी लगाई जा सकती हैं।

वहीं, तेजस का सबसे एडवांस वर्जन तेजस Mk-2 है, जो अभी डेवलपमेंट फेज में है। Mk-2 का साइज बड़ा होगा और यह ज्यादा ताकतवर इंजन के साथ आएगा, जिससे यह ज्यादा ईंधन और हथियार ले जा सकेगा। इसमें और भी एडवांस रडार और वेपन सिस्टम्स लगे होंगे। जिससे भारत की मल्टी-रोल फाइटर (बहु-भूमिका वाले लड़ाकू विमान) की जरूरतें पूरी होंगी।

Book On Brigadier LS Lidder: सेना प्रमुख बोले- आज भी दिलों में जिंदा हैं ब्रिगेडियर लिड्डर की यादें, जनरल से लेकर हवलदार तक सबके थे प्रिय

I Am a Soldier's Wife' Launched: Army Chief Says Brigadier LS Lidder Memories Still Alive

Brigadier LS Lidder: तीन साल पहले तत्कालीन सीडीएस जनरल बिपिन रावत के साथ हेलीकॉप्टर क्रैश में गए ब्रिगेडियर लखविंदर सिंह लिड्डर (टोनी) को याद करते हुए भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि वे न केवल अपने परिवार के लिए समर्पित थे, बल्कि वे ऐसे अधिकारी थे जो जनरलों से लेकर हवलदारों तक के साथ सहजता से घुलमिल जाते थे।

I Am a Soldier's Wife' Launched: Army Chief Says Brigadier LS Lidder Memories Still Alive

ब्रिगेडियर लिड्डर की पत्नी गीति‍का लिड्डर ने अपने पति के साथ बिताए संस्मरणों को “I Am a Soldier’s Wife: The Life and Love of Toni Lidder” में पिरोया है। इस किताब में गीति‍का लिड्डर ने अपने पति के जीवन, प्रेम और देश के प्रति सेवा भावना को बेहद संवेदनशीलता से लिखा है। जनरल द्विवेदी ने इस मौके पर कहा, “ब्रिगेडियर लिड्डर की प्रोफेशनल उपलब्धियों के अलावा, उनकी इंसानियत ने उन्हें सबसे अलग बनाया।”

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, “ब्रिगेडियर लिड्डर केवल एक सैनिक नहीं थे, वे एक ऐसे इंसान थे जिनकी इंसानियत, साहस और निष्ठा ने उन्हें सबसे अलग बना दिया।” उन्होंने आगे कहा कि लिड्डर का जीवन चार ‘सी’ के सिद्धांतों – चरित्र (Character), क्षमता (Competence), आचरण (Conduct), और प्रतिबद्धता (Commitment) – का प्रतीक था।

Indian Army Helicopter Fleet: पुराने हेलीकॉप्टर बेड़े को बदलेगी भारतीय सेना, शामिल करेगी 250 नए चॉपर, ये कॉप्टर हैं रेस में

Brigadier LS Lidder: लेफ्टिनेंट से लेकर ब्रिगेडियर तक का सफर

ब्रिगेडियर लिड्डर को ‘अपने साथी अफसरों में टोनी’ के नाम से मशहूर थे। सेना प्रमुख ने याद करते हुए कहा, “मैंने उन्हें लेफ्टिनेंट से लेकर ब्रिगेडियर बनते देखा है और यकीन से कह सकता हूं कि वे एक शानदार अधिकारी थे। उनका एटीट्यूड, अडाप्टेबिलिटी और कार्यकुशलता बेहतरीन थी। वे हमेशा भीड़ से अलग नजर आते थे।”

ब्रिगेडियर लिड्डर को उनके सैन्य करियर की शुरुआत दिसंबर 1990 में जम्मू-कश्मीर राइफल्स (जेएकेआरएफ) से की थी और शुरुआत में ही उन्हें सेना मेडल से सम्मानित किया गया था। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, जिनमें राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में इंस्ट्रक्टर, टीचर, भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के एडजुटेंट, रक्षा मंत्रालय के निदेशक, संयुक्त राष्ट्र मिशन में कमांडिंग ऑफिसर और कजाकिस्तान में डिफेंस अताशे प्रमुख रहे। अपने अंतिम समय में वे देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत के रक्षा सहायक के तौर पर नियुक्त किए गए थे। यहां तक कि उनका मेजर जनरल रैंक के लिए प्रमोशन भी हो चुका था, और उन्हें एक डिविजन का प्रभार संभालना था।

I Am a Soldier's Wife' Launched: Army Chief Says Brigadier LS Lidder Memories Still Alive

हर विषय पर जबरदस्त पकड़ रखते थे Brigadier LS Lidder

ब्रिगेडियर लिड्डर को याद करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा, “वे एक ऐसे व्यक्ति थे, जो जनरलों, कर्नल, मेजर, कैप्टन, सुबेदार मेजर और हवलदार तक के साथ आसानी से घुलमिल जाते थे। उन्होंने आगे कहा कि ब्रिगेडियर लिड्डर के साथ वे स्ट्रेटेजिक एंड ज्योपॉलिटिकल मामलों पर खुलकर चर्चा कर सकते थे।” वे हर विषय पर जबरदस्त पकड़ रखते थे औऱ  उनकी सोच का दायरा इतना बड़ा था कि उसने मेरी भी सोच को आकार देने में मदद की।

उनकी पत्नी गीति‍का लिड्डर ने अपने संबोधन में बताया कि कैसे उन्होंने त्रासदी के बाद खुद को संभाला। उन्होंने कहा,  “मैंने तब भी कहा था, ‘मैं एक सैनिक की पत्नी हूं और मैं उन्हें मुस्कुराते हुए विदा करूंगी।’ यह किताब मेरे पति के प्रति मेरे प्रेम और सम्मान का प्रतीक है।” अपने पति के साथ बिताए पलों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि कैसे उन्होंने हर कठिनाई में अपने परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहना सीखा। उन्होंने कहा, “टोनी न केवल एक अच्छे पति और पिता थे, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने हर रिश्ते को पूरी निष्ठा के साथ निभाया।”

इस कार्यक्रम में सेना के पूर्व प्रमुख जनरल दीपक कपूर और जनरल मनोज मुकुंद नरवणे सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक और शुभचिंतक शामिल हुए, जिन्होंने उस दुर्भाग्यपूर्ण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी 13 लोगों को भी श्रद्धांजलि दी।

ब्रिगेडियर लिड्डर, देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और अन्य सैन्य अधिकारियों के साथ 8 दिसंबर 2021 को तमिलनाडु के कुन्नूर के पास एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में शहीद हो गए थे।

Aero India 2025: आर्मी चीफ से किया वादा पूरा करेंगे वायुसेना प्रमुख, दोनों कोर्समेट पहली बार LCA तेजस में एक साथ भरेंगे उड़ान

Aero India 2025: Air Force and Army Chiefs to Fly LCA Tejas Together for the First Time

Aero India 2025: 10 फरवरी से बेंगलुरु में शुरू होने जा रहा ‘एयरो इंडिया 2025’ शो इस बार कई मायनों में एतिहासिक होने वाला है। इस शो का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस में एक साथ 45 मिनट की उड़ान भरना होगा। यह पहली बार होगा जब दोनों सेनाओं के प्रमुख एक ही विमान में उड़ान भरते नजर आएंगे।

Aero India 2025: Air Force and Army Chiefs to Fly LCA Tejas Together for the First Time

Aero India 2025: सेना प्रमुख के कोर्समेट हैं एयरफोर्स चीफ

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया था कि वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने उनसे वादा किया है कि जब वे तेजस फाइटर जेट को फ्लाई करेंगे, तो उन्हें भी अपने साथ उड़ान भरने का मौका देंगे। सेना प्रमुख ने खुलासा किया था कि वायुसेना प्रमुख एपी सिंह उनके कोर्समेट रह चुके हैं।

9 फरवरी को हो सकती है उड़ान

वहीं एयर चीफ अपना ये वादा एयरो इंडिया 2025 में पूरा करने वाले हैं। बेंगलुरु के येलहंका एयरफोर्स स्टेशन पर 10 फरवरी से एशिया का सबसे बड़े एयर शो, एयरो इंडिया 2025 शुरू होने वाला है। हालांकि भारतीय वायुसेना और थल सेना के प्रमुखों की ये उड़ान 9 फरवरी को हो सकती है। एयरफोर्स सूत्रों के मुताबिक यह पहली बार होगा जब दोनों सेनाओं के प्रमुख एक ही जहाज में सवार होकर देश की सैन्य ताकत और आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन करेंगे।

Aero India 2025: पहली बार एक साथ बैठेंगे दो टॉप अफसर

एयरफोर्स सूत्रों के मुताबिक आमतौर पर सुरक्षा वजहों से दो प्रमुख शीर्ष अधिकारी एक ही विमान में एक साथ उड़ान नहीं भरते हैं। लेकिन पहली बार ऐसे होने जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, तेजस के एक ट्रेनर वर्जन में 45 मिनट की उड़ान भरेंगे। इस दौरान एयर चीफ मार्शल सिंह विमान को उड़ाएंगे और जनरल द्विवेदी को-पायलट की सीट पर रहेंगे।

Aero India 2025: अमेरिकी F-35 स्टील्थ फाइटर या रूसी SU-57 फेलॉन! कौन होगा भारत की पहली पसंद? दोनों हैं एयरो इंडिया 2025 में

प्रधानमंत्री मोदी और रक्षामंत्री भी बैठ चुके हैं तेजस में 

यह पहली बार नहीं है जब देश के शीर्ष नेतृत्व ने तेजस में उड़ान भरी हो। 25 नवंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेजस में 30 मिनट की उड़ान भर कर सबको चौंका दिया था। इससे पहले, 2019 में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी तेजस में उड़ान भरी थी।

पहली बार तीन वाइस चीफ ने एक साथ भरी थी उड़ान

इसके अलावा तरंग शक्ति 2024 में तेजस ने राफेल, F-16 और यूरोफाइटर जैसे विमानों के साथ मुकाबला किया था, जिसमें कई देशों के सेना प्रमुखों ने तेजस में गहरी रुचि दिखाई थी। फ्रांस, जर्मनी और स्पेन के वायुसेना प्रमुखों ने भी तेजस में उड़ान भरकर इसकी क्षमताओं को सराहा था। उस दौरान पहली बार ही भारतीय सेनाओं के तीनों अंगों के उप प्रमुखों ने भी तेजस की उड़ान भरी थी। उस दौरान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह वायुसेना के वाइस चीफ थे और उन्होंने उस फॉर्मेशन को लीड किया था।

Aero India 2025: तेजस के फिलहाल दो स्क्वाड्रन

तेजस को भारत में ही बनाया गया है और यह पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। इसे DRDO की एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) ने डिजाइन किया है और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) इसका निर्माण कर रही है। तेजस 4.5 जेनेरेशन का मल्टी-रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है। इसकी अधिकतम रफ्तार 1.8 मैक यानी 2220 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाती है और यह 50,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसकी कॉम्बैट रेंज 739 किलोमीटर है। हवा में ही ईंधन भरने की क्षमता के कारण इसकी रेंज लगभग 3000 किलोमीटर तक बढ़ाई जा सकती है। तेजस 5,300 किलोग्राम तक के विभिन्न हथियार ले जा सकता है।

तेजस की पहली उड़ान 2001 में हुई थी और इसे 2015 में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया। इसका पहला स्क्वाड्रन 2016 में तमिलनाडु के सुलूर एयरबेस पर स्थापित किया गया, जिसे “फ्लाइंग डैगर्स” के नाम से जाना जाता है। इसके बाद 2020 में “फ्लाइंग बुलेट्स” नामक दूसरा स्क्वाड्रन भी सुलूर में स्थापित किया गया।

रूस का घातक लड़ाकू विमान Su-57 भी एयरो इंडिया में

इस बार रूस भी अपने सबसे घातक लड़ाकू विमान सुखोई Su-57 को इस शो में प्रदर्शित करेगा। Su-57 को पांचवीं पीढ़ी का सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान माना जाता है और यह दुश्मन के राडार से बचने में सक्षम है। रूस के इस कदम को भारत के साथ रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के रूप में देखा जा रहा है।