Tag: Aerospace India
AMCA जेट प्रोजेक्ट को मिली जमीन, 140 स्टेल्थ फाइटर यहीं होंगे तैयार
पुट्टापर्थी को इस प्रोजेक्ट के लिए इसलिए चुना गया क्योंकि यह बेंगलुरु के काफी करीब है, जहां एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी यानी एडीए स्थित है। यही एजेंसी इस पूरे प्रोजेक्ट की डिजाइन और डेवलपमेंट देख रही है...
भारत आएगी मिड-एयर एडवांस्ड रिफ्यूलिंग तकनीक, पारस डिफेंस ने किया नॉर्थस्टार के साथ समझौता
मिड-एयर रिफ्यूलिंग सिस्टम से किसी भी एयरक्राफ्ट की रेंज और एंड्योरेंस बढ़ जाती है। इसका मतलब है कि वह ज्यादा दूरी तक जा सकता है और लंबे समय तक ऑपरेशन कर सकता है...
कानपुर बनेगा एविएशन हब, जीई एयरोस्पेस से मिलेगा यूपी डिफेंस कॉरिडोर को ग्रोथ का “इंजन”!
उत्तर प्रदेश में बना डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर देश के बड़े डिफेंस प्रोजेक्ट्स में से एक है। यह कॉरिडोर छह अलग-अलग शहरों में फैला हुआ है, जिसमें अलीगढ़, आगरा, चित्रकूट, झांसी, लखनऊ और कानपुर शामिल हैं...
तेजस MK1 ‘क्रैश’ को लेकर HAL का बड़ा बयान, बताया मामूली तकनीकी गड़बड़ी
एचएएल ने अपने बयान में साफ कहा कि तेजस का कोई क्रैश नहीं हुआ है। कंपनी के अनुसार यह एक सामान्य तकनीकी समस्या थी, जो ग्राउंड पर हुई और इसे स्टैंडर्ड प्रक्रिया के तहत जांचा जा रहा है...
एवरेस्ट तक उड़ने वाला H-125 अब बनेगा भारत में, मोदी-मैक्रों ने किया पहली प्राइवेट हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन
एच-125 दुनिया का सबसे ज्यादा बिकने वाला सिंगल इंजन लाइट हेलीकॉप्टर माना जाता है। यह एक हल्का लेकिन बेहद ताकतवर हेलीकॉप्टर है...
स्वदेशी AMCA के लिए हाई थ्रस्ट सुपरक्रूज जेट इंजन बनाने की तैयारियां शुरू, भारतीय पार्टनर संग GTRE बनाएगा 200 इंजन
इस प्रोजेक्ट के तहत करीब 10 साल में 18 इंजन तैयार किए जाएंगे। जीटीआरई ने साफ बोल दिया है कि सातवें साल से इंजन की डिलीवरी शुरू होगी, जो 10वें साल तक 18 तक पहुंच जाएगी...
Tejas Tragedy Lessons: दुबई हादसे से मिले कड़े सबक, लेकिन इससे भारत की एयरोस्पेस महत्वाकांक्षाओं नहीं पड़ेगा असर
तेजस ने 10,000 से ज्यादा सफल उड़ानें भरी हैं। भारतीय वायुसेना के पास 36 तेजस एमके1 हैं और 97 एमके1ए के लिए 62,400 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट साइन हो चुका है। भारत ने 220 से ज्यादा तेजस जेट ऑर्डर किए हैं। यह छोटी उपलब्धि नहीं है...
SJ-100 Aircraft: 37 साल बाद भारत में फिर बनेगा पैसेंजर विमान, HAL और रूस की UAC ने किया घरेलू विमान बनाने का समझौता
इस समझौते के बाद देश में ही पैसेंजर विमान बनाए जाएंगे। जिससे सिविल एविएशन इंडस्ट्री को जबरदस्त बूम मिलेगा। इससे पहले एचएएल ने एवरो एचएस-748 विमान का उत्पादन 1961 से 1988 के बीच किया था। वहीं, एसजे-100 के निर्माण से भारत फिर से यात्री विमान निर्माण के क्षेत्र में प्रवेश करेगा...