📍नई दिल्ली | 8 Dec, 2025, 5:01 PM
Operation Sagar Bandhu: श्रीलंका में आए भीषण दित्वाह चक्रवात के बाद राहत और बचाव कार्यों को मजबूत करने के लिए भारत ने बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन सागर बंधु के तहत चार और युद्धपोत श्रीलंका की ओर रवाना किए हैं। इन जहाजों में आईएनएस घड़ियाल, एलसीयू 54, एलसीयू 51 और एलसीयू 57 शामिल हैं, जो लगभग 1000 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (ह्यूमैनिटेरियन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ) सामग्री लेकर श्रीलंका पहुंचे या पहुंच रहे हैं।
भारतीय नौसेना द्वारा भेजे गए तीन एलसीयू जहाज एलसीयू 54, एलसीयू 51 और एलसीयू 57 7 दिसंबर की सुबह कोलंबो पहुंचे और राहत सामग्री श्रीलंकाई अधिकारियों को सौंपी। वहीं आईएनएस घड़ियाल भी त्रिंकोमाली पहुंच चुका है। राहत सामग्री में रेडी-टू-ईट भोजन, कपड़े, दवाइयां, तिरपाल, स्वच्छता किट और अन्य जरूरी सामान शामिल हैं। इनमें तमिलनाडु से दान की गई सामग्री का बड़ा हिस्सा भी शामिल है। (Operation Sagar Bandhu)
ऑपरेशन सागर बंधु की शुरुआत तब हुई जब चक्रवात से श्रीलंका के कई जिलों में भारी नुकसान हुआ। कई जगह घर बह गए, सड़कें टूट गईं और हजारों लोग बेघर हो गए। राहत पहुंचाने के लिए भारतीय नौसेना पहले ही कई जहाज भेज चुकी है। (Operation Sagar Bandhu)
इससे पहले भारतीय नौसेना के आईएनएस विक्रांत, आईएनएस उदयगिरि और आईएनएस सुकन्या ने कोलंबो और त्रिंकोमाली में राहत सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ हेली-बोर्न सर्च एंड रेस्क्यू में सक्रिय भूमिका निभाई। आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि श्रीलंका नौसेना के 75वें स्थापना वर्ष पर आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू-2025 में भाग लेने के लिए पहले से कोलंबो में मौजूद थे। चक्रवात दित्वाह से भारी नुकसान की सूचना मिलते ही दोनों जहाजों को तुरंत राहत अभियान में लगा दिया गया। (Operation Sagar Bandhu)
🇮🇳🤝🇱🇰 OPERATION SAGAR BANDHU | Indian Navy Deploys 4 More Warships with 1000 Tons of Relief Supplies
As part of the ongoing Operation Sagar Bandhu, launched to support Sri Lanka with urgent Search & Rescue and HADR assistance, the Indian Navy has deployed four additional ships —… pic.twitter.com/1V4CTdfj8c— Raksha Samachar | रक्षा समाचार 🇮🇳 (@RakshaSamachar) December 8, 2025
भारतीय नौसेना के हेलीकॉप्टरों ने बाढ़ और भूस्खलन से घाटी में फंसे लोगों का हवाई सर्वे किया और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इस दौरान कई नागरिकों की सफलतापूर्वक जान बचाई गई। नौसेना ने स्थानीय प्रशासन को आवश्यक खाद्य सामग्री, पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान सौंपा, ताकि राहत तेजी से प्रभावित इलाकों तक पहुंच सके। (Operation Sagar Bandhu)
वहीं, राहत कार्यों को और मजबूत करने के लिए भारतीय नौसेना ने आईएनएस सुकन्या को 1 दिसंबर को त्रिंकोमाली भेजा। जहाज पर जरूरी दवाइयां, टेंट, स्वच्छता सामग्री और आपातकालीन खाद्य पैकेट लदे थे। उसी दिन से भारतीय वायुसेना ने भी राहत अभियान को रफ्तार दी। वायुसेना के सी-130जे सुपर हरक्यूलिस ने 12 टन राहत सामग्री कोलंबो पहुंचाई, जबकि आईएल-76 विमान से 80 एनडीआरएफ जवान, उनके उपकरण और 9 टन अतिरिक्त सामग्री श्रीलंका भेजी गई। एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने कठिन इलाकों में फंसे लोगों तक सहायता पहुंचाई। (Operation Sagar Bandhu)
भारतीय सेना की इंजीनियरिंग टीमों ने भी श्रीलंकाई सेना के साथ मिलकर राहत कार्यों में योगदान दिया। किलिनोच्ची जिले में क्षतिग्रस्त पुलों और सड़कों की मरम्मत शुरू की गई, जिससे आपूर्ति मार्ग फिर से सुचारू हो सकें। सेना की भीष्म मोबाइल मेडिकल यूनिट्स ने दूरदराज के इलाकों में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई। (Operation Sagar Bandhu)
भारत के इस राहत अभियान की श्रीलंका ने खुलकर सराहना की है। श्रीलंकाई सांसद नमाल राजपक्षे ने भारतीय उच्चायुक्त संतोष झा से मुलाकात कर भारत के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने कहा कि “भारत हमेशा मुश्किल समय में पहला सहारा बनकर खड़ा होता है।”
ऑपरेशन सागर बंधु न सिर्फ भारत–श्रीलंका संबंधों की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि यह हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका को भी साबित करता है। यह मिशन भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी और महासागर विजन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पड़ोसी देशों को संकट के समय तुरंत सहायता उपलब्ध कराना है। (Operation Sagar Bandhu)






