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Saturday, August 30, 2025
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Naval Exercise in South China Sea: चीन की तरह भारत ने भी दक्षिण चीन सागर में भेजा अपना सर्वेशिप, फिलीपींस के साथ नौसैनिक अभ्यास से चीन को लगी मिर्ची

यह अभ्यास ऐसे समय हुआ है जब फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड रोमुआल्डेज़ मार्कोस जूनियर चार दिवसीय राजकीय दौरे पर भारत आए हैं...

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यह अभ्यास "वेस्ट फिलीपीन सागर" में आयोजित किया गया था, जिसे फिलीपींस दक्षिण चीन सागर में अपना हिस्सा बताता है। चीन ने इस अभ्यास पर कड़ी आपत्ति जताई है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के दक्षिणी थिएटर कमांड के प्रवक्ता सीनियर कर्नल तियान जुनली के हवाले से कहा, "फिलीपींस ने भारत जैसे बाहरी देश को दक्षिण चीन सागर में हस्तक्षेप करने के लिए उकसाया है...
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📍नई दिल्ली/मनीला | 5 Aug, 2025, 1:10 PM

Naval Exercise in South China Sea: फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर इन दिनों अपने पांच दिवसीय दौरे पर दिल्ली आए हुए हैं। इसी दौरान भारत और फिलीपींस की दक्षिण चीन सागर में हुए संयुक्त नौसैनिक अभ्यास ने चीन की नींद उड़ा दी है। यह अभ्यास दो दिन तक चला। जिसके बाद चीन ने इस पर आपत्ति जताते हुए फिलीपींस पर “बाहरी ताकतों” को शामिल करने का आरोप लगाया है। चीन ने जवाब में अपनी नौसेना की ओर से क्षेत्र में पेट्रोलिंग भी शुरू की है।

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Naval Exercise in South China Sea: फिलीपींस में नेवी के चार जहाज

भारत और फिलीपींस की नौसेनाओं ने हाल ही में दक्षिण चीन सागर में दो दिन का एक संयुक्त नौसैनिक अभ्यास पूरा किया। इस अभ्यास को दोनों देशों के बीच रक्षा और मैरीटाइम कॉपरेशन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। भारतीय नौसेना ने 1 अगस्त को बताया था कि यह द्विपक्षीय संयुक्त नौसैनिक युद्धाभ्यास कम्यूनिकेशन प्रोटोकॉल, और मैरीटाइम प्रीपेयर्डनेस बढ़ाने पर केंद्रित होगा। इसका उद्देश्य आपसी विश्वास को बढ़ाना और दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच ऑपरेशनल सिनर्जी को मजबूत करना था। इस अभ्यास में भारतीय नौसेना तीन वॉरशिप्स आईएनएस दिल्ली, आईएनएस शक्ति और आईएनएस किल्टन ने हिस्सा लिया था।

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Source: Indian Navy

लेकिन सबसे खास बात यह है कि यह अभ्यास “वेस्ट फिलीपीन सागर” में आयोजित किया गया था, जिसे फिलीपींस दक्षिण चीन सागर में अपना हिस्सा बताता है। चीन ने इस अभ्यास पर कड़ी आपत्ति जताई है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के दक्षिणी थिएटर कमांड के प्रवक्ता सीनियर कर्नल तियान जुनली के हवाले से कहा, “फिलीपींस ने भारत जैसे बाहरी देश को दक्षिण चीन सागर में हस्तक्षेप करने के लिए उकसाया है। इस तरह के संयुक्त गश्त क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को कमजोर करते हैं।” तियान ने यह भी कहा कि चीन की सेना राष्ट्रीय संप्रभुता और समुद्री हितों की रक्षा के लिए हाई अलर्ट पर है।

दक्षिण चीन सागर पर चीन का पांच देशों के साथ समुद्री सीमा को लेकर विवाद है। इनमें फिलीपींस, वियतनाम, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान शामिल हैं। यह इलाका तेल, गैस जैसे हाइड्रोकार्बन संसाधनों और मत्स्य संसाधनों से भरपूर है और वैश्विक व्यापार का एक अहम समुद्री मार्ग भी है।

महत्वपूर्ण समय पर हुआ अभ्यास

यह अभ्यास ऐसे समय हुआ है जब फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड रोमुआल्डेज़ मार्कोस जूनियर चार दिवसीय राजकीय दौरे पर भारत आए हैं। 5 अगस्त को हैदराबाद हाउस में उनकी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात होनी है, जिसमें कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

मार्कोस जूनियर ने नई दिल्ली पहुंचने पर विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की। जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “राष्ट्रपति मार्कोस के साथ उनकी भारत यात्रा की शुरुआत में मुलाकात कर खुशी हुई। मुझे विश्वास है कि उनकी पीएम मोदी के साथ कल की बातचीत हमारे द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करेगी।”

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Source: Indian Navy

खरीद चुका है ब्रह्मोस

फिलीपींस ने 2022 में भारत से ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदा था, जो नौसैनिक लक्ष्यों को निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है। अब मनीला भारत के आकाश एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद पर विचार कर रहा है, जिसने पाकिस्तान के साथ एक झड़प में अपनी क्षमता साबित की थी। फिलीपींस की सशस्त्र सेना के प्रमुख जनरल रोमियो ब्राउनर जूनियर ने स्थानीय मीडिया में कहा, “हम भारत से और उपकरण और वेपन सिस्टम खरीद रहे हैं। भारतीय रक्षा उपकरण न केवल उच्च गुणवत्ता के हैं, बल्कि अन्य देशों के विकल्पों की तुलना में कॉस्ट इफेक्टिव भी हैं।”

आईएनएस संधायक पहुंचा मनीला

इससे पहले एक अगस्त को भारतीय नौसेना का हाइड्रोग्राफिक सर्वे जहाज आईएनएस संधायक (J18) पहली बार फिलीपींस पहुंचा है। यह पोत फरवरी 2024 में शामिल हुआ था और पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन पर आधारित है। इसके कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन नट्टुवा धीरज ने बताया, “हम समुद्र की मैपिंग करते हैं, जिसका इस्तेमाल पूरी दुनिया के नाविक करते हैं। यह मुख्य रूप से हाइड्रोग्राफी से जुड़ा कार्य है, न कि डिफेंस से।” उन्होंने कहा, “यह जहाज पहली बार इस क्षेत्र में आया है। यह एक नया जहाज है, जिसमें लंबा एंड्यूरेंस और अत्याधुनिक सर्वे इक्विपमेंट्स लगे हैं।” उन्होंने बताया कि जहाज का मुख्य कार्य महासागरों की मैपिंग और समुद्री डेटा जुटाना है, जो नाविकों, पर्यावरण निगरानी और आर्थिक विकास के लिए उपयोगी है।

कैप्टन धीरज ने यह भी बताया कि यह जहाज आपातकाल या युद्ध के समय में अस्पताल जहाज के रूप में भी काम कर सकता है। “हमारे पास सीमित तटीय रक्षा ( क्षमता और छोटे हथियार हैं, लेकिन यह मुख्य रूप से शांति काल का जहाज है।”

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मनीला में आईएनएस संधायक के साथ-साथ आईएनएस दिल्ली (गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर), आईएनएस शक्ति (फ्लीट टैंकर) और आईएनएस किल्टन (एंटी-सबमरीन वॉरफेयर कॉर्वेट) भी मौजूद हैं।

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