📍बेलगावी (कर्नाटक) | 10 Nov, 2025, 6:19 PM
Exercise Mitra Shakti-2025: भारत और श्रीलंका के बीच 11वां संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘एक्सरसाइज मित्र शक्ति-2025 आज से कर्नाटक के बेलगावी स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में शुरू हुआ। यह अभ्यास 10 नवंबर से 23 नवंबर 2025 तक चलेगा। इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच आतंकवाद-रोधी अभियानों में जॉइंटनेस और सहयोग बढ़ाना है।
भारतीय सेना की ओर से इस अभ्यास में 170 जवान हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें मुख्य रूप से राजपूत रेजिमेंट के जवान शामिल हैं। वहीं, श्रीलंका की ओर से 135 सैनिक भाग ले रहे हैं, जिनका प्रतिनिधित्व गजाबा रेजिमेंट र रही है। इसके अलावा, भारतीय वायुसेना के 20 कर्मी और श्रीलंका वायुसेना के 10 कर्मी भी इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं।
Exercise Mitra Shakti-2025: संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य संयुक्त रूप से संयुक्त राष्ट्र के सातवें अध्याय के तहत सब-कन्वेंशनल ऑपरेशंस को अंजाम देने की क्षमता का विकास करना है। इसके तहत दोनों सेनाएं काउंटर टेरर ऑपरेशंस, सर्च एंड डेस्ट्रॉय मिशन, हेलिबोर्न ऑपरेशन, और रेड ऑपरेशन जैसी सामरिक रणनीतियों का अभ्यास कर रही हैं।
इसके साथ ही अभ्यास के दौरान आर्मी मार्शल आर्ट्स रूटीन, कॉम्बैट रिफ्लेक्स शूटिंग, और योगा जैसी गतिविधियों को भी शामिल किया गया है, ताकि सैनिकों की शारीरिक और मानसिक क्षमता को मजबूत किया जा सके।
Exercise Mitra Shakti-2025: आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
‘मित्र शक्ति-2025’ अभ्यास में इस बार आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें ड्रोन और काउंटर अनमैन्ड एरियल सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, हेलीकॉप्टरों की मदद से कैजुअल्टी इवैक्युएशन और हेलिपैड सुरक्षा अभ्यास भी किए जा रहे हैं। दोनों सेनाएं मिलकर इन ऑपरेशनों का अभ्यास इस तरह से कर रही हैं, जिससे संयुक्त मिशनों में तालमेल बेहतर हो और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
इस अभ्यास में दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के सर्वश्रेष्ठ सैन्य अनुभव साझा करेंगी। भारतीय सेना और श्रीलंका सेना के जवान एक साथ प्रशिक्षण लेकर विभिन्न कॉम्बैट स्किल्स में सुधार करेंगे। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा और भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देगा।
भारतीय सेना ने बताया कि इस अभ्यास से न केवल दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ेगी, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में दोनों देशों की सेनाएं बेहतर तालमेल के साथ कार्य कर सकें।
भारत-श्रीलंका रक्षा साझेदारी का प्रतीक
‘मित्र शक्ति’ अभ्यास भारत और श्रीलंका के बीच आपसी विश्वास और सहयोग का प्रतीक है। यह हर साल दोनों देशों में बारी-बारी से आयोजित किया जाता है। इस वर्ष भारत मेजबान देश है। अभ्यास के जरिए दोनों सेनाएं यह संदेश दे रही हैं कि दक्षिण एशिया में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए उनका सहयोग जारी रहेगा।

