📍नई दिल्ली | 6 Nov, 2025, 5:03 PM
Su-57 Stealth Fighter: एसयू-57 स्टेल्थ फाइटर जेट को लेकर रूस की एक तकनीकी टीम ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को सौपी गई रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी के पास पहले से ही लगभग 50 फीसदी क्षमता मौजूद है, जिससे भारत में इस एडवांस फाइटर जेट का निर्माण किया जा सकता है।
यह रिपोर्ट पिछले महीने सौपी गई थी, ठीक उस समय जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दिसंबर की शुरुआत में भारत यात्रा की तैयारी चल रही थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर भारत और रूस आगे बढ़ने का फैसला करते हैं, तो एचएएल के लिए एसयू-57ई (एक्सपोर्ट वैरिएंट) के लोकल प्रोडक्शन का रास्ता खुल सकता है।
Su-57 Stealth Fighter: सितंबर में रूसी टीम ने किया था दौरा
रूस की सुखोई डिजाइन ब्यूरो और दूसरे डिफेंस आर्गेनाइजेशन की टीम ने इस साल सितंबर में एचएएल की कई फैसिलटीज का दौरा किया था। ताकि भारत में इस अत्याधुनिक स्टेल्थ विमान के निर्माण के लिए तकनीकी तैयारी, मशीनरी और इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारियां देखी जा सकें।
रूसी टीम ने नासिक डिवीजन का निरीक्षण किया, जहां सुखोई-30 लड़ाकू विमानों की फाइनल असेंबली लाइन मौजूद है। इसके अलावा कोरापुट (ओडिशा) में एचएएल का इंजन डिवीजन भी देखा गया, जहां एएल-31एफपी टर्बोफैन इंजन का निर्माण और ओवरहॉल किया जाता है। साथ ही केरल में कासरगोड की स्ट्रैटेजिक इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री का दौरा किया, जहां जहाज के लिए जरूरी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, एवियोनिक्स, डिस्प्ले प्रोसेसर और ऑनबोर्ड कंप्यूटर बनाए जाते हैं।
जिसके बाद रूसी एक्सपर्ट्स ने निष्कर्ष निकाला कि भारत के पास पहले से ही 50 फीसदी उत्पादन क्षमता मौजूद है। भविष्य में निवेश, अपग्रेडेशन और ट्रेनिंग के बाद सुखोई-57 (Su-57 Stealth Fighter) का पूर्ण उत्पादन भारत में किया जा सकता है।
वहीं, रूस की रिपोर्ट के बाद अब एचएएल अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसमें यह बताया जाएगा कि भारत में सुखोई-57 बनाने के लिए कहां अतिरिक्त निवेश की जरूरत होगी। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस टेक्नोलॉजी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, ह्यूमन रिसोर्स और सप्लाई चेन का जिक्र होगा।
सूत्रों के मुताबिक, यह रिपोर्ट इस महीने के अंत तक रक्षा मंत्रालय को सौंपी जाएगी। इस रिपोर्ट के बाद भारत और रूस के बीच इस प्रोजेक्ट पर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
Su-57 Stealth Fighter: दिसंबर में पुतिन की भारत यात्रा से पहले अहम तैयारी
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 5-6 दिसंबर को भारत आने वाले हैं। इस दौरान होने वाली 23वीं भारत-रूस वार्षिक शिखर वार्ता में इस पर भी चर्चा हो सकती है।
सुखोई-57 फाइटर जेट (Su-57 Stealth Fighter) को रूस के कोम्सोमोल्स्क-ऑन-अमुर एविएशन प्लांट में बनाया जाता है। इस साल एरो इंडिया में पहली बार सुखोई-57 की पहली झलक देखने को मिली थी। उस समय रूस ने एसयू-57ई मॉडल को भारत के लिए पेश किया था। वहीं, अमेरिका ने उसी शो में अपना एफ-35 स्टेल्थ फाइटर भी शोकेस किया था।
Su-57 Stealth Fighter: भारत के एएमसीए प्रोजेक्ट से जुड़ने की पेशकश
रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने हाल ही में यह कहा था कि मॉस्को भारत के एएमसीए प्रोजेक्ट में भी तकनीकी सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने 16 अक्टूबर को कहा था कि यह साझेदारी अब सिर्फ सौदे तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह को-डेवलपमेंट, को-प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के नए स्तर तक पहुंच चुकी है।
अलीपोव ने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच एंटी-ड्रोन सिस्टम, एडवांस्ड रडार तकनीक और प्रिसिशन स्ट्राइक क्षमताओं पर भी बातचीत चल रही है। उम्मीद जताई गई कि पुतिन की यात्रा के दौरान इन विषयों पर कुछ नए समझौते हो सकते हैं।
एसयू-57 रूस (Su-57 Stealth Fighter) का सबसे एडवांस फिफ्थ जनरेशन मल्टी-रोल स्टेल्थ फाइटर जेट है, जो तेज रफ्तार, रडार-एवेजन और लंबी दूरी की अटैक क्षमता के लिए जाना जाता है। यह विमान न केवल एयर-टू-एयर, बल्कि एयर-टू-ग्राउंड मिशनों में भी सक्षम है।

